12th Day of War: ईरान-अमेरिका युद्ध का 12वाँ दिन: खाड़ी में जहाज़ों पर हमले, तेल $100 पार, ट्रैवल इंडस्ट्री को 600 मिलियन डॉलर रोज़ का नुकसान..
तेहरान और खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का 12वाँ दिन और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले जारी रखे हैं, वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई में तेल टैंकरों, कंटेनर जहाज़ों और पड़ोसी देशों की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया है।
रातभर हवाई हमले और धुआँ
8 मार्च की रात तेहरान में तेल डिपो पर हवाई हमलों के बाद धुआँ उठता देखा गया। अमेरिका और इज़राइल का संयुक्त हमला 28 फरवरी से जारी है। ईरान ने इसके जवाब में इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन दागे और अमेरिकी सहयोगियों को भी निशाना बनाया।
टैंकरों पर हमले
ईरान ने इराकी जलक्षेत्र में दो विदेशी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। दोनों जहाज़ आग की लपटों में घिर गए। एक व्यक्ति की मौत हुई और 38 क्रू मेंबर को बचाया गया।
ओमान के सलालाह पोर्ट पर भी एक ईरानी ड्रोन ने ईंधन टैंक को निशाना बनाया। CNN द्वारा जियो-लोकेटेड वीडियो में यह हमला साफ दिखा।
यूएई के तट पर एक कंटेनर जहाज़ पर “अनजान प्रोजेक्टाइल” गिरा जिससे आग लगी। यह दो दिनों में छठा हमला था।
तेल की कीमतें $100 पार
युद्ध का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल तक पहुँच गया, जबकि WTI $94.8 पर रहा। यह वृद्धि तब हुई जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल रिज़र्व से जारी करने का फैसला किया।
अमेरिका ने भी अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने की घोषणा की है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अगले साल तक 200 मिलियन बैरल फिर से भर दिए जाएंगे।
ट्रैवल इंडस्ट्री को भारी नुकसान
वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज़्म काउंसिल (WTTC) ने बताया कि युद्ध के कारण मध्य-पूर्व की ट्रैवल इंडस्ट्री को रोज़ाना कम से कम 600 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।
दुबई, अबू धाबी, दोहा और बहरीन जैसे हब्स पर रोज़ाना 5 लाख से अधिक यात्री आते-जाते हैं। लेकिन एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों में रद्दीकरण से यात्रियों का भरोसा हिल गया है।
WTTC ने कहा कि यह सेक्टर लचीला है और जल्दी रिकवर कर सकता है, लेकिन इसके लिए स्पष्ट संचार और सुरक्षा उपाय ज़रूरी हैं।
सऊदी अरब का नया कदम
सऊदी अरब ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से बचने के लिए अपने व्यापार को रेड सी के पश्चिमी बंदरगाहों की ओर मोड़ दिया है। इससे सप्लाई चेन को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है।
बहरीन में जासूसी का मामला
बहरीन ने चार नागरिकों को ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन पर महत्वपूर्ण ढाँचों की तस्वीरें और लोकेशन भेजने का आरोप है।
खाड़ी देशों पर नए हमले
गुरुवार सुबह ईरान ने खाड़ी देशों पर नई लहर के हमले किए।
इराक: एरबिल एयरपोर्ट पर धुआँ उठता देखा गया।
सऊदी अरब: 20 से अधिक ड्रोन गिराए गए।
बहरीन: उत्तरी मुहर्रक गवर्नरेट में ईंधन टैंक निशाना बने।
यूएई: दुबई क्रीक हार्बर में एक ड्रोन गिरा।
कुवैत: मिसाइल और ड्रोन खतरों का सामना किया गया।
इराक की चेतावनी
इराक के तेल मंत्रालय ने कहा कि तेल टैंकरों पर हमले “चिंताजनक संकेत” हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि “हम जीत चुके हैं।” उन्होंने कहा, “यह सिर्फ सवाल है कि कब रुकें।” हालांकि पेंटागन ने बताया कि युद्ध के पहले छह दिनों में ही 11 बिलियन डॉलर खर्च हो चुके हैं।
ट्रंप ने कैलिफोर्निया पर ईरानी ड्रोन हमले की संभावित साजिश की जांच की पुष्टि भी की। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि कोई “तत्काल खतरा” नहीं है।
इज़राइल-हिज़बुल्ला टकराव
ईरान और हिज़बुल्ला ने इज़राइल पर संयुक्त हमला किया। पाँच घंटे तक मिसाइल और ड्रोन बरसाए गए और 50 से अधिक ठिकाने निशाना बने। इज़राइल ने जवाबी कार्रवाई में लेबनान में हिज़बुल्ला के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए।
युद्ध के 12वें दिन हालात और गंभीर हो गए हैं। जहाज़ों पर हमले, तेल की कीमतों में उछाल, ट्रैवल इंडस्ट्री को नुकसान और स्कूल पर हमला—ये सब दिखाते हैं कि संघर्ष अब सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि आर्थिक और मानवीय संकट में बदल चुका है।
(त्रिपाठी पारिजात)



