Friday, February 13, 2026
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Speak Sanskrit: ४१वां रामकृष्ण परमहंस स्मृति अन्तर्जालीय संस्कृत शिक्षण & सम्भाषण शिविर प्रारंभ

Speak Sanskrit:  देवभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार का संकल्प लेकर प्रगतिमान आधुनिको भव संस्कृतम् वद अभियान व विहार संस्कृत संजीवन समाज ने आयोजित किया निरंतर 41वाँ ऑनलाइन संस्कृत शिक्षण सत्र..

Speak Sanskrit:  देवभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार का संकल्प लेकर प्रगतिमान आधुनिको भव संस्कृतम् वद अभियान व विहार संस्कृत संजीवन समाज ने आयोजित किया निरंतर 41वाँ ऑनलाइन संस्कृत शिक्षण सत्र..

पटना १२ फरवरी। रामकृष्ण परमहंस महान आध्यात्मिक गुरु, दक्षिणेश्वर काली मंदिर के अद्भुत पुजारी, अद्वैत दर्शन के पुरोधा, स्वामी विवेकानंद को ईश्वर से साक्षात्कार करानेवाले,मानवसेवा ही ईश्वर सेवा के प्रबल समर्थक एवं मां काली अनन्य भक्त थे।

उपरोक्त सभी बातें आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विहार संस्कृत संजीवन समाज के महासचिव डॉ मुकेश कुमार ओझा ने निरन्तर ४१ वें महामानव रामकृष्ण परमहंस स्मृति अन्तर्जालीय अन्तर्राष्ट्रीय दशदिवसात्मक संस्कृत शिक्षण एवं सम्भाषण शिविर के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन करते हुए उत्तर प्रदेश शासन के पूर्व संयुक्त निदेशक (पेंशन) एवम् आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान के संरक्षक श्री धर्मेंद्रपति त्रिपाठी ने कहा कि रामकृष्ण परमहंस विलक्षण प्रतिभासम्पन्न महामानव थे।उनका अद्भुत चरित्र था।

मुख्यातिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ संस्कृत प्रचारक डा मिथिलेश झा ने कहा कि संस्कृत भाषा के लिए निरन्तर ४१वां शिविर का संचालन मां काली की कृपा से ही संभव हो रहा है।

मुख्य वक्ता गंगा देवी महिला महिला महाविद्यालय पटना एवं अभियान की राष्ट्रीय संयोजिका प्रो रागिनी वर्मा ने विस्तार से उनके जीवन पर प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि डॉ अनिल कुमार चौबे वरिष्ठ संस्कृत प्रचारक,आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उग्र नारायण झा एवं डॉ लीना चौहान,जगत नारायण लाल महाविद्यालय खगौल की संस्कृत विभागाध्यक्षा डॉ अवन्तिका कुमारी,एम एल टी महाविद्यालय सहरसा की संस्कृत विभागाध्यक्षा डॉ दीप्ति कुमारी,महंथ केशव संस्कृत महाविद्यालय फतुहा की डा नीरा कुमारी, मुरलीधर शुक्ल , विमलेश कुमार पांडेय आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर प्रजापति मुकेश, वन्दना पटेरिया, डॉ सुजाता घोष, गरिमा मिश्रा, गंगोत्री शर्मा, राहुल कुमार, विकास कुमार, विश्वजीत रुद्रपाल, हर्षिता,साहिल कुमार सहित पचास से अधिक शिविर सदस्य उपस्थित थे।

वैदिक मंगलाचरण उग्र नारायण झा,आगत अतिथियों का स्वागत डा लीना चौहान, धन्यवाद ज्ञापन डॉ नीरा कुमारी एवं ऐक्य मन्त्र डा रागनी कुमारी ने प्रस्तुत किया।

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