Cricket Rools: क्रिकेट प्रेमी दर्शकों को प्रायः कुछ चीजें क्रिकेट मैच के दौरान चल रही कमेन्ट्री के समय समझ नहीं आतीं – तो आइये प्रयास करते हैं समझाने की – आज जानिये इंपैक्ट इन लाइन..
क्रिकेट में डीआरएस के दौरान जब थर्ड अंपायर कहता है “इम्पैक्ट इन लाइन” (Impact in Line), तो इसका मतलब बहुत सीधा और महत्वपूर्ण होता है।
सीधे समझिये, इंपैक्ट इन लाइन का अर्थ है कि गेंद जिस वक्त बल्लेबाज के पैड (या शरीर) से टकराई, उस वक्त गेंद स्टंप्स की चौड़ाई के बिल्कुल सामने थी।
इसे विस्तार से समझने के लिए इन 3 बिन्दुओं को समझें:
1. स्टंप्स के बीच की सीधी रेखा
कल्पना कीजिए कि ऑफ-स्टंप से लेकर लेग-स्टंप के बीच एक सीधी पट्टी (Channel) बनी हुई है। अगर गेंद उस पट्टी के दायरे के अंदर पैड पर लगती है, तो उसे ‘इम्पैक्ट इन लाइन’ माना जाता है।
2. LBW के नियम में इसका महत्व
LBW आउट होने के लिए ‘इम्पैक्ट’ का इन-लाइन होना बहुत जरूरी है (खासकर तब जब बल्लेबाज ने शॉट खेलने की कोशिश की हो)।
अगर इम्पैक्ट ‘इन लाइन’ है: तो बल्लेबाज आउट हो सकता है (बशर्ते गेंद विकेटों को हिट कर रही हो)।
अगर इम्पैक्ट ‘आउटसाइड ऑफ’ (Outside Off) है: और बल्लेबाज ने शॉट खेलने की कोशिश की है, तो उसे आउट नहीं दिया जा सकता, भले ही गेंद स्टंप्स में जा रही हो।
3. अंपायर्स कॉल (Umpire’s Call)
कभी-कभी इम्पैक्ट आधा लाइन के अंदर और आधा बाहर होता है। ऐसी स्थिति में ‘अंपायर्स कॉल’ आता है, जिसका मतलब है कि मैदान पर मौजूद अंपायर ने जो फैसला पहले दिया था, वही बरकरार रहेगा।
‘इम्पैक्ट इन लाइन’ होने का मतलब है
कि गेंदबाज ने अपना आधा काम सही कर दिया है—गेंद सही जगह पर टकराई है। अब बस यह देखना बाकी रह जाता है कि क्या गेंद विकेटों से टकरा रही है या नहीं (Wickets Hitting)।



