Alcohol Smuggling: बिहार में जहाँ शराब पर निषेध है, वहाँ जम कर शराब तस्करी चल रही है..इन्हीं तस्करों में से एक लड़की को दबोचा है पुलिस ने..
बिहार में शायद ही ऐसा कोई गाँव है, जहां आधा दर्जन रेगुलर शराब तस्कर न हों… हर गाँव में ऐसे दर्जनों लोग हैं जो शराब तस्करी के कारण दो से अधिक बार जेल जा चुके हैं। जेल जाते हैं, महीने भर में छूट कर आते हैं, और फिर से वही काम शुरू… यूपी या झारखण्ड से ला कर ढाई सौ की शराब पांच सौ में बेची जाती है, मतलब दिन भर में डबल…
ऐसा धंधा दूसरा कौन सा मिलेगा? कोई पूंजी नहीं चाहिए, कोई इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं चाहिए, धंधे में एंट्री के दिन से ही भरपूर मुनाफा… अधिकतम खतरा महीने भर जेल का है, तो उससे क्या फर्क पड़ता है?
लोग पुलिस को दोष देते हैं, पर उनका अधिक दोष है नहीं। मांग है तो सप्लायर भी मिलेंगे ही, इसे कोई रोक नहीं सकता। सीमावर्ती जिलों में एक दिन में सौ सौ लोग गिरफ्तार होते हैं, रोज ही असंख्य गाड़ियां पकड़ी और जब्त की जाती हैं, पर कुछ नहीं रुकता। पुलिस कितना पकड़ेगी? धंधा करने वाले जेल जाने को मजाक बना लिए हैं। अब तो “आज जेल होइ कल बेल होइ, परसो फिर उहे खेल होई” जैसे गीत भी बजते हैं। ऐसे में पुलिस क्या ही कर लेगी?
आप तस्करों की तरक्की देखेंगे तो हिल जायेंगे। साल भर में ही साइकल से स्कार्पियो पर आ जाते हैं। बड़ी बिल्डिंग, सारी सुविधाएँ… बिहार में हजारों ऐसे हैं जिन्होंने पांच सात साल तक इस धंध से अकूत धन बनाया और फिर दूसरे साफ काम में लग गए। बिहार में अवैध शराब का धंधा कई हजार करोड़ का होगा, और इसमें लाखों लोग लगे हुए हैं।
अब प्रश्न यह है कि क्या इसे किसी भी तरह रोका जा सकता है? मुझे लगता है कि नहीं रोका जा सकता है। छोटे छोटे शहरों, क़स्बों में भी जब नशेड़ियों को हेरोइन टाइप महंगी चीजें मिल जा रही हैं तो शराब फिर भी आसान है। इस धंधे में इतना नफा है कि लोग रिस्क लेना छोड़ेंगे नहीं, आप कैसे रोक लेंगे?
व्यक्तिगत रूप से कहूं तो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी योजना मुझे आवश्यक भी लगती है और कुछ अर्थो में सफल भी… जिन्होंने शराबबंदी के पूर्व के दिनों में शाम होते ही बाजारों में, गली मुहल्लों में पियक्कड़ों की नियमित गाली गलौज देखी है, वे जानते हैं कि बहुत कुछ बदला है। नई पीढ़ी के लड़कों में यह लत पिछली पीढ़ी से कम आई है, यह भी सत्य है। हाँ, इस बीच सूखे नशे का प्रकोप बढ़ा है, पर…
पिछले चार दिन से शराब तस्करी में पकड़ी गयी इस लड़की की तस्वीर अश्लील टिप्पणीयों के साथ घूम रही है।
हालांकि इस लड़की को तो उस अश्लील ट्रोलिंग से कोई फर्क नहीं ही पड़ता होगा, क्योंकि इस धंधे में उतरने वाले सबसे पहले लोकलाज की ही तिलांजलि दें कर आते हैं।
पर मैं सोच रहा हूँ कि इसने ऐसा क्या कर दिया जो बिहार के किसी गाँव में नहीं होता? इसकी इस विशेष ट्रोलिंग का कारण क्या है? क्या लड़की होना? या सुंदर लड़की होना?
(सर्वेश तिवारी श्रीमुख)



