Learn Sanskrit – Speak Sanskrit: देवभाषा संस्कृत का प्रचार-प्रसार बिहार में महाविद्यालयीन स्तर पर अबाध रूप से आगे बढ़ रहा है और यह भारत के भाषाई भविष्य के लिये एक शुभ संकेत है..
दिनांक १३ अगस्त २०२५ को राजकीय महिला महाविद्यालय गुलज़ारबाग में संस्कृत सप्ताह महोत्सव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती श्रुति तेतर्वे ने की जबकि मुख्य अतिथि सह वक्ता के रूप में फ़िरोज़ गाँधी महाविद्यालय, मीठापुर,पटना के डॉ मुकेश कुमार ओझा आमंत्रित थे। सत्र का संचालन संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ रंजु कुमारी ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वालन से हुआ।रसायन शास्त्र विभाग की डॉ कुमारी निमिशा ने मंगलाचरण में सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। तत्पश्चात, महाविद्यालय की प्राचार्या ने आगत अतिथि का स्वागत अंगवस्त्र एवं पौधा प्रदान कर किया। तदन्तर, संस्कृत विभगाध्यक्ष रंजु कुमारी ने मुख्य अतिथि एवं सभी विद्वानों का वाचिक स्वागत किया।
मुख्य वक्ता ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि संस्कृत आम जनों की भाषा है। आज हमारी चिंता यह है कि संस्कृत को आगे कैसे बढ़ाया जाए। आने वाले तकनीक के युग में भी इस भाषा के महत्व को समझना अति आवश्यक है।
महाविद्यालय की प्राचार्या ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संसार की प्राचीनतम, मधुरतम और सुंदरतम भाषा है। यह केवल एक भाषा नही, बल्कि भरतीयता की आत्मा है। वेदों, उपनिषदों, रामायण, महाभारत, इत्यादि बहुत सारे महनीय ग्रंथों की इस भाषा को आज हमें संरक्षित, संवर्धितऔर संपोषित करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में छात्राओं के बीच श्लोक वाचन, गीत, प्रश्नोत्तरी तथा पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। श्लोक वाचन में ज्योति कुमारी( सेमेस्टर २) प्रथम, राधा कुमारी(सेमेस्टर ५) द्वितीय, तथा आरती कुमारी(सेमेस्टर २) तृतीय स्थान पर रहीं।
अन्य प्रतियोगिताओं मे ज्योति कुमारी, खुशी कुमारी, स्वीटी कुमारी, कोमल कुमारी तथा शिवानी कुमारी विजयी रहीं। कार्यक्रम के अंत मे गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ कुमारी मणि ने मुख्य अतिथि, आयोजकों एवं सहभागी विद्वजनों तथा छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी सहायक प्रोफेसरों तथा बड़ी संख्या में छात्राओं ने अपनी सहभागिता दी।