ये सवाल सबसे कॉमन है जबसे एप्सटीन फाइल्स का खुलासा शुरू हुआ है, के एप्सटीन को ये सेक्स क्राइम्स में इस्तेमाल होने वाली नाबालिग लडकियां और सैक्रिफाइस के रिचुअल में इस्तेमाल होने वाले बच्चे मिल कहाँ से रहे थे। इसके जवाब कई हैं और सभी बेहद काम्प्लेक्स तथा घिनौने हैं।
आपने एक ईमेल पढ़ी होगी जिसमे के एप्सटीन कह रहा है के उसके पास सभी रुसी नस्ल की लडकियां हैं, उसे काली लडकियां या ब्राउन या वेस्टर्न यूरोप की या चीन जापान की पसंद नहीं है। एक और ईमेल में ये था के एप्सटीन के पास जैसी रुसी लडकियां हैं उसकी टक्कर में केवल सऊदी के सुल्तान के पास है कलेक्शन ! और इसके पीछे कारण है के इस नस्ल की ही क्यों थी दोनों तरफ।
एप्सटीन की गर्लफ्रेंड और साथी ghislaine मैक्सवेल उसके लिए मेजोरिटी काम करती थी, मैक्सवेल ही थी जिसने के एप्सटीन को ब्रिटिश रॉयल फॅमिली से मिलवाया था, चूंकि उसके पिता मोसाद के एजेंट रह चुके थे इसलिए वो पूरी दुनिया के कार्टेल्स और गैंग्स से अच्छे से कनेक्ट कर पाती थी।
जब यूगोस्लाविया युद्ध हुआ था उस समय पर भारी तादाद में स्लाविक लड़कियों को smuggle किया गया था।
लड़कियों को और उनके माता पिता को कन्विंस किया जाता था के नौकरी के लिए उन्हें ऑफर दिया जा रहा है, पार्टीज में वेट्रेस या सपोर्ट स्टाफ का ऑफर रहता था, जो ज्यादा ही यंग रहती थी जैसे के 13-14-15 साल की उनके माता पिता को पढ़ाई में स्कॉलरशिप जैसी चीज़ों से मनाया जाता था। चूंकि देश जंग में था इसलिए ऐसे ढेरों परिवार थे जो तबाह हो चुके थे, ऐसे परिवारों की लडकियां उनका टारगेट थी।
एप्सटीन के पूर्व बटलर रोड्रिगुएज के अनुसार एप्सटीन और मैक्सवेल खुद इन लड़कियों की तसवीरें एनालाइज करते थे कंप्यूटर पर के ये उनकी पार्टीज में गेस्ट्स के लिए कैसी रहेंगी !
रोड्रिगुएज के अनुसार यूगोस्लाविया के अलावा स्वीडन, रोमानिया, चेकोस्लोवाकिआ, और ब्राज़ील के जरिये भी लडकियां लाइ जाती थी, यूगोस्लाविया से उस समय बच्चे और लडकियां लाना आसान था वैसे ही जैसे आज के दिन आप यूक्रेन के उदाहरण से समझ सकते हैं, जहां आधी पापुलेशन मर चुकी है और बाकी तबाह है।
शुरूआती तस्वीरों में जो लडकियां सेलेक्ट होती, फिर एप्सटीन के लोग उन लड़कियों का पीछा करते थे उनकी तसवीरें और वीडियोस बनाये जाते और एप्सटीन को भेज दिए जाते और जिनको एप्सटीन उन तस्वीरों और वीडियोस के अनुसार सेलेक्ट करता उन्हें एप्सटीन आइलैंड लाया जाता।
एकबार आइलैंड पर आने के बाद इन्हे ग्रूम किया जाता ट्रेनिंग दी जाती, और पार्टीज में उतारा जाता, फिर कुकर्म होते।
इनमे से आइलैंड से कुछ लड़कियों ने भागने की कोशिश भी की लेकिन पकड़ी जाती, ऐसी ही कुछ सर्वाइवर जो के एक उम्र के बाद वहाँ से छूटी उन्होंने शिकायते भी की, ऐसी 200 के करीब सर्वाइवर हैं जिन्होंने केस किये लेकिन किसी की सुनवाई नहीं हुई, केस क्रिमिनल की जगह सिविलियन कोर्ट में गया जहां रिजेक्ट हो गया था, क्यूंकि पूरे सिस्टम पे कब्ज़ा था एप्सटीन को चलाने वालों का।
ये लड़कियों को धीरे धीरे कंडीशन किया जाता था इस तरह के लाइफस्टाइल के लिए, और काफी कुछ ही सालों में पैसे करियर और अमेरिकन ड्रीम की लालच में फंसी रह जाती।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़ फिर ये ही जो लडकियां थी जो सिस्टम में अच्छे से लिप्त हो जाती, उन्ही से उनके जानकार रिश्तेदारों को बुलवाया जाता उन देशों से, और रिश्तेदारों के परिवार भी हाँ भरते नहीं हिचकते थे क्यूंकि पहले से एक उनका बंदा वहाँ था तो सेंस ऑफ़ सिक्योरिटी थी।
बच्चों को लाने के लिए भी स्टूडेंट्स के वजीफे, स्पोर्ट्स के वजीफे, और अमेरिकन ड्रीम्स बेचे जाते थे, इनमे फंसने वाले ज्यादातर कमज़ोर माता पिता या कमज़ोर परिवार रहते थे, खासकर तलाकशुदा माता पिता के बच्चे काफी विक्टिम्स थे, अनाथालय के बच्चे भी।
लेकिन जो सबसे खतरनाक थ्योरी है और जो काफी समय से पॉपुलर है, वो है के बच्चों की फार्मिंग होती है इन रिचुअल के लिए, यही जो लडकियां हैं काफी इन्ही में से अपना बच्चा सीक्रेट सोसाइटी को देने को तैयार हो जाती ज्यादा पैसे के लिए ! (जैसा के EyesWideShut में भी imply किया हुआ है टॉम क्रूज और निकोल की बेटी के बारे में एन्ड में), या किसी को चाइल्ड बर्थ में ही डेथ का बताकर बच्चा रख लिया जाता था, ऐसे बच्चों के साथ ये था के इनका कोई रिकॉर्ड नहीं रहता था, इसलिए सैक्रिफाइस के बाद कोई मिसिंग रिपोर्ट वगैरह जैसा भी कुछ नहीं होना।
आइलैंड की लड़कियों के अलावा भी दुनिया के विभिन्न इलाकों से इस तरह के बच्चे इम्पोर्ट किये जाते थे जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं रहता था।
विक्टोरिया सीक्रेट जैसा के बताया पिछली पोस्ट में वो ब्रांड मॉडलिंग और फिल्मों में काम देने की लालच के नामपर लड़कियों को आइलैंड के गेस्ट्स के लिए तैयार करता था, क्यूंकि उसका फुल कण्ट्रोल एप्सटीन के पास ही था। और भी ब्रांड्स इस्तेमाल होते होंगे क्यूंकि एप्सटीन और उसके साथियों का एम्पायर दुनिया भर में फैला हुआ था, वो किसी भी बड़े इंस्टीटूशन में नौकरी का लालच दिलवा सकते थे जबकि ट्रम्प बिल गेट्स इत्यादि जैसे उसके “ख़ास” दोस्त थे। हाँ विक्टोरिया सीक्रेट का ये था के इसका पूरा संचालन ही एप्सटीन के हाथ में था और ये ब्रांड था ही मॉडलिंग से रिलेटेड इसलिए इसके जरिये वो अपनी टारगेट ऑडियंस तक बेहतर पहुँच सकता था।
पूरा सिस्टम कार्टेल्स, गैंग्स, सब शामिल थी इस सेक्स ट्रैफ़िकिंग के ऑपरेशन में, लेकिन क्यूंकि ऊपर बड़े हाथ थे इसलिए कभी कोई नहीं पकड़ा गया, आज भी आपको यूट्यूब ट्विटर इत्यादि पर इन विक्टिम्स के बयान दिख जाएंगे, लेकिन कभी कोई नहीं पकड़ा गया ना पकड़ा जाएगा।
EyesWideShut फिल्म में एक किरदार है Milich नाम से, टॉम क्रूज उसके पास जाता है पार्टी में जाने के लिए ड्रेस खरीदने, वहाँ वो क्या देखता है के दो जापनी बूढ़े होते हैं जो छिपे होते हैं केवल चड्डी बनियान में, और मिलिच की नाबालिग बेटी भी, मिलिच उन्हें पकड़ लेता है और धमकाता है, लेकिन जब टॉम क्रूज अगले दिन ड्रेस वापिस करने आता है तो देखता है के वो जापानी बूढ़े वहीँ होते हैं और पैसे देकर जा रहे होते हैं मिलिच को, टॉम क्रूज पूछता है के ये तो वही है जो कल रात को थे, तो मिलिच कहता है के उसे भी अगर कपड़ों के अलावा कोई सर्विस चाहिए तो आगे बताइयेगा। हालांकि फिल्म में नहीं बताया गया लेकिन सम्बवतः वो लड़की बेटी नहीं थी मिलिच की, वो ऐसी ही अभागी इंडिविजुअल थी जिसे कहीं से बचपन में उठाकर वहाँ लाया गया था, और अब मिलिच उसे पार्टीज में भेजता है अमीरों की। ऐसी चाइल्ड फार्मिंग की आपको बहुत थेओरिएस पढ़ने को मिल जाएंगी एप्सटीन फाइल्स के खुलासे के बाद से।
(कृष्णा रूमी)



