IND vs PAK: अमेरिका को हराकर ‘सातवें आसमान’ पर पाकिस्तान का हौसला, क्या श्रीलंका की स्पिन पिच पर टीम इंडिया को फंसा पाएंगे सलमान आगा?
क्रिकेट विश्वकप 2026 के सबसे बड़े मुकाबले की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। नीदरलैंड और अमेरिका जैसी टीमों को आसानी से धूल चटाने के बाद पाकिस्तान के तेवर तीखे नजर आ रहे हैं। भले ही पिछले तीन मुकाबलों में भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी हो, लेकिन पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा का आत्मविश्वास कम नहीं हुआ है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा है, “इस बार हम इंडिया को ज़रूर हराएंगे।”
भारत की रणनीति से ही भारत को मात देने की तैयारी?
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान इस बार वही रास्ता अपना रहा है जिससे भारत ने हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया था। श्रीलंका की टर्निंग पिचों को देखते हुए पाकिस्तान ‘स्पिन’ को अपना सबसे बड़ा हथियार मान रहा है।
स्पिन का जाल: पाकिस्तान की टीम चार विशेषज्ञ स्पिनरों और एक पार्ट-टाइम स्पिनर (सैयम अयूब) के साथ मैदान में उतरी है। उनकी सोच ये है कि इस बार स्पिन के जाल में टीम इन्डिया को फंसा लेंगे और फिर दे देंगे शिकस्त।
सरप्राइज पैकेज: पाकिस्तान को सबसे ज्यादा उम्मीदें अपने नए गेंदबाज उस्मान तारिक से हैं। तारिक का गेंदबाजी एक्शन काफी रहस्यमयी और अजीब है। पाकिस्तान की रणनीति साफ है—एक ‘अनजान’ गेंदबाज के जरिए भारतीय बल्लेबाजी क्रम को चौंकाना।
क्या उस्मान तारिक बनेंगे भारत के लिए चुनौती?
क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि जब भी कोई नया गेंदबाज (चाहे वह पेस हो या स्पिन) पहली बार टीम इंडिया के सामने आता है, तो भारतीय बल्लेबाजों को थोड़ी शुरुआती परेशानी जरूर होती है। पाकिस्तान इसी ‘X-फैक्टर’ के भरोसे है। हालांकि, भारतीय बल्लेबाजों का अनुभव और तकनीक किसी भी मिस्ट्री स्पिनर की काट निकालने में माहिर है।
टीम इंडिया के पास हर सवाल का जवाब
अगर पाकिस्तान स्पिन पर दांव लगा रहा है, तो भारतीय खेमा भी पीछे नहीं है। भारत के पास न कौशल की कमी है न ही संसाधनों की। टीम में बल्लेबाजी की बात हो या गेन्दबाजी की -गहराई और अनुभव पाकिस्तान से बहुत अधिक है। कुल मिला कर कहें तो टीम बैलेंस के मामले में भारत, पाकिस्तान से मीलों आगे है।
विकल्पों की भरमार: जरूरत पड़ने पर भारत वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव जैसे धुरंधरों को प्लेइंग-11 में शामिल कर स्पिन आक्रमण को और घातक बना सकता है।
बयानबाजी और बल्लेबाजी का युद्ध
भले ही छोटी टीमों को हराकर पाकिस्तान का आत्मविश्वास चरम पर हो, लेकिन भारत जैसी विश्वस्तरीय टीम का सामना करना एक अलग स्तर की चुनौती है। अगर पिच से बहुत ज्यादा टर्न मिला, तो पाकिस्तान कड़ी टक्कर दे सकता है, लेकिन कागजों और फॉर्म पर फिलहाल भारत का पलड़ा भारी दिख रहा है।
अब सबकी निगाहें 15 फरवरी पर टिकी हैं। क्या सलमान आगा का दावा सच होगा या टीम इंडिया एक बार फिर मैदान पर अपनी श्रेष्ठता साबित करेगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
(त्रिपाठी पारिजात)



