India Vs Netherlands: 31 बॉल्स पर 66 रन जिसमें शामिल हैं 6 आसमानी छक्के – याद रहेंगे हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी को..धुरंधर है दुबे जी का बेटा ! ..
शिवम दुबे को अगर आप सिर्फ नेदरलैंड मैच के 66 रन्स से आँक रहे हैं तो ग़लती कर रहे हैं।
कुछ खिलाड़ी कोहली जैसे दहाड़ने वाले होते हैं तो कुछ हार्दिक से स्टाइल मारने वाले, कुछ ऋषभ पंत से बड़बोले होते हैं तो कुछ शिवम दुबे जैसे शर्मीले, कम बोलने और शांत रहने वाले भी होते हैं।
समस्या ये है कि ये शांत प्लेयर चाहें जितनी अच्छी परफॉरमेंस दे दें, अगर बैटिंग ओपनर नहीं हैं तो स्टार नहीं बन पाते। जबकि शिवम दुबे में स्टार बनने वाले सारे गुण हैं।
बीती न्यूज़ीलैंड सीरीज़ को देखें तो पाँच में से चार मैच के आँकड़े देखिए –
23 बॉल में 65 रन्स, (गेंदबाजी मिली नहीं, हर्षित ने रनआउट करवाया)
18 में 36 रन प्लस 1 ओवर 7 रन देकर 1 विकेट
2 में 7 रन (गेंदबाजी मिली नहीं)
4 में 9 रन प्लस 3 ओवर में 28 देकर 2 विकेट
अब वर्ल्ड कप की बात करें तो –
अमेरिका वले मैच में गोल्डन डक
लेकिन फिर नामीबिया के खिलाफ़ 16 में 23 और 2 ओवर में 11 रन देकर 1 विकेट (यहाँ भी रिंकू ने रन आउट करवाया)
पाकिस्तान के खिलाफ़ 17 में 27 (गेंद मिली ही नहीं) 2 बेहतरीन कैच और यहाँ भी रिंकू की मेहरबानी से रन आउट।
नेदरलैंड वाले मैच में तो वन मैन शो – 31 में 66 प्लस 2 विकेट और मैन ऑफ द मैच।
दुबे अबतक 35 मैच में 27 विकेट्स ले चुका है, जो कि कोई बड़ी बात नहीं लगती पर प्रति मैच देखें तो एवरेज 2 ओवर ही मिलते हैं गेंदबाजी के लिए, हर मैच में बैटिंग नहीं आती या आती है तो वही 5-10 बॉल मिलती हैं खेलने को, तब भी 872 रन बना चुका है भाई।
कन्सिस्टन्ट परफॉरमेंस के बाद भी ऐसे प्लेयर सिर्फ तभी नज़र आते हैं जब इनके सिवा और कोई स्कोर न करे और मैन ऑफ द मैच बने। हमें गिरी पड़ी सिचूऐशन में सेन्चरी मारने वाले हीरो पसंद आते हैं, हर मैच में कान्ट्रब्यूशन करता खिलाड़ी जल्दी दिखाई नहीं पड़ता।
वर्ना मेरी नज़र में शिवम दुबे टी20 में अपने सुपर स्टार ऋषभ पंत और शुभमन गिल से बेहतर बैट्समन है और नीतीश कुमार रेड्डी, वाशी सुंदर या अक्षर पटेल से ज़्यादा भरोसेमंद ऑलराउंडर है।
शिवम दुबे की तुलना रविन्द्र जडेजा या युवराज सरीखे परफेक्ट ऑलराउंडर से की जा सकती है। महेंद्र सिंह धोनी अकैडमी से एक और तराशा हुआ लड़का हीरो बन सकता है।
(सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’)



