Tuesday, March 3, 2026
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Iran Israel War: ईरान-अमेरिका जंग में फंसे भारतीय, दुबई से कैसे लौटेंगीं पीवी सिंधु?

Iran Israel War: ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई हैं..

Iran Israel War: ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई हैं..

ईरान पर हुए बड़े सैन्य हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में जबरदस्त तनाव है। मिसाइलों और बम धमाकों से कई शहर दहल उठे हैं। ईरान के राष्ट्रपति भवन और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद हालात और गंभीर हो गए।

इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलों की बौछार कर दी और खुद को जंग के लिए तैयार बताया। साथ ही, उन खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया गया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इस टकराव का असर अब आम लोगों और खेल जगत पर भी दिखने लगा है।

दुबई एयरपोर्ट पर फंसीं पीवी सिंधु

ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई हैं।

पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि हालात हर घंटे और डरावने होते जा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि एयरपोर्ट पर जिस जगह वे छिपी हुई थीं, उसके पास धमाका हुआ। उनके कोच को धुएं और मलबे के कारण वहां से भागना पड़ा।

हालांकि उन्होंने बाद में जानकारी दी कि वे सुरक्षित हैं। दुबई एयरपोर्ट स्टाफ और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। साथ ही उन्होंने दुबई स्थित भारतीय उच्चायोग का भी धन्यवाद किया, जिसने लगातार संपर्क में रहकर मदद की।

दोहा में फंसी भारतीय बास्केटबॉल टीम

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर खेल प्रतियोगिताओं पर भी पड़ा है। Indian Senior Men’s National Basketball Team इस समय कतर की राजधानी दोहा में फंसी हुई है। टीम FIBA बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 के एशियाई क्वालीफायर में हिस्सा लेने गई थी।

टीम को 3 मार्च को लेबनान जाना था, लेकिन उड़ानें रद्द होने के कारण उनकी यात्रा रुक गई। बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बयान जारी कर बताया है कि सभी खिलाड़ी और अधिकारी सुरक्षित हैं और दोहा में सुरक्षित आवास में ठहरे हुए हैं।

जेद्दा में फंसे मुशफिकुर रहीम

इस तनाव का असर अन्य देशों के खिलाड़ियों पर भी पड़ा है। बांग्लादेश के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम उमराह यात्रा से लौटते समय जेद्दा में फंस गए हैं। हवाई सेवाएं बाधित होने से खाड़ी क्षेत्र में उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। अमीरात और एयर इंडिया सहित कई एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं रोक दी हैं।

एयर इंडिया ने रद्द की उड़ानें

Air India ने खाड़ी क्षेत्र से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं। एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि अबू धाबी, दम्माम, दोहा, दुबई, जेद्दा, मस्कट, रियाद और तेल अवीव की उड़ानें फिलहाल बंद की गई हैं।

इससे हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है और कई भारतीय नागरिक मिडिल ईस्ट में फंसे हुए हैं।

संकट में भारत का पुराना अनुभव

ऐसे हालात भारत के लिए नए नहीं हैं। जब भी विदेशी धरती पर भारतीय नागरिक संकट में फंसे हैं, भारत ने उन्हें सुरक्षित निकालने का काम किया है। 2014 में इराक के तिकरित शहर में 46 भारतीय नर्सें आईएसआईएस के कब्जे वाले इलाके में फंस गई थीं। हालात बेहद खतरनाक थे, लेकिन भारत सरकार ने कूटनीतिक बातचीत और सुनियोजित रणनीति से सभी को सुरक्षित वापस लाया।

1990 में जब सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर हमला किया, तब लगभग 1.7 लाख भारतीय वहां फंस गए थे। यह इतिहास का सबसे बड़ा नागरिक निकासी अभियान माना जाता है। भारत ने विशेष उड़ानों के जरिए हजारों लोगों को सुरक्षित स्वदेश लाया।

2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने “ऑपरेशन गंगा” चलाकर हजारों छात्रों को सुरक्षित वापस लाया। पड़ोसी देशों की सीमाओं पर ट्रांजिट पॉइंट बनाकर चरणबद्ध तरीके से निकासी की गई।

भारत कैसे करता है इवैक्यूएशन?

अगर किसी देश में युद्ध छिड़ता है, तो भारत तुरंत “इवैक्यूएशन मोड” में आ जाता है। विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और दूतावास मिलकर संयुक्त कंट्रोल रूम बनाते हैं।

भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर और C-130 जे सुपर हरक्यूलिस जैसे बड़े विमान तैयार रखे जाते हैं। अगर हवाई अड्डे सुरक्षित न हों, तो सेना जमीनी रास्तों से लोगों को सीमा तक पहुंचाती है। जरूरत पड़ने पर नौसेना समुद्री रास्ते से भी मदद करती है।

इस पूरी प्रक्रिया में कूटनीतिक अनुमति, एयर कॉरिडोर की सुरक्षा और मेडिकल सहायता शामिल होती है। चरणबद्ध तरीके से लोगों को सुरक्षित निकालकर भारत लाया जाता है।

आगे क्या संभावना या आशंका?

मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। अगर जंग लंबी चली, तो और भी भारतीय नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की पूरी क्षमता रखता है।

अब सबकी नजरें सरकार की अगली रणनीति और क्षेत्र में हालात के स्थिर होने पर टिकी हैं। उम्मीद है कि जल्द शांति स्थापित होगी और फंसे हुए सभी भारतीय सुरक्षित घर लौट सकेंगे

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