Monday, March 9, 2026
Google search engine
Homeक्रिकेटIshan Kishan: इस खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया था -अपनी...

Ishan Kishan: इस खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया था -अपनी योग्यता से धुआँधार वापसी की

Ishan Kishan: अगर आप फोन उठाने के मूड में न हों तो बल्ला उठाने के पूरे मूड में आ जायें..और ईशान किशन की तरह ऐसा बल्ला उठायें कि दुनिया देखती रह जाये..

Ishan Kishan: अगर आप फोन उठाने के मूड में न हों तो बल्ला उठाने के पूरे मूड में आ जायें..और ईशान किशन की तरह ऐसा बल्ला उठायें कि दुनिया देखती रह जाये..

क्या आपको चाटुकारिता आती है? नहीं! तब आपको तगड़े काम्पिटिशन वाले खेल में खुद को इतना काबिल बनाना होगा कि सलेक्टर्स मजबूर होकर आपको टीम में शामिल करें और आप यूँ पर्फॉर्म करें कि सबके दिलों में शामिल हो जाएँ।

ईशान किशन कभी खराब खिलाड़ी था ही नहीं, हाँ… एक मैच में सेन्चरी बनाकर ओवर कॉन्फिडेंस तो आया था भाई के पास, लगातार फ्लॉप भी हुआ था, पर वो आईपीएल की बात थी।

इंटरनेशनल क्रिकेट के कान्ट्रैक्ट से बाहर होने का मात्र इतना सा कारण था गिने चुने लो स्कोर्स थे और मुख्यतः बड़े साहब का फोन नहीं उठाया था। होगी कोई वजह, ईगो क्लैश हो गए। बताया यही गया कि लड़का डमेस्टिक नहीं खेलता, इसलिए कान्ट्रैक्ट नहीं देंगे।

अब सबका मिज़ाज सूर्य कुमार यादव सा तो हो नहीं सकता कि हर किसी से बन जाए, सूर्या के लिए कहते हैं कि इस बंदे की किसी से बिगड़ी ही नहीं है, अभी फाइनल जीतने के बाद प्रेस कॉनफेरेंस में भी सूर्या ने कहा कि उसके और कोच के बीच कभी कोई असहमति हुई ही नहीं! जाने कैसा कप्तान है जो असहमत नहीं होता!

खैर, पर ईशान के रवैये से कुछ असहमति थी। ईशान के साथ सरपंच साहब भी हत्थे चढ़ गए थे, पर उनकी बात फिर कभी।

इंटरनेशनल से निकाले जाने पर ईशान ने डॉमेस्टिक में आकर ऐसा बढ़िया तोड़ा कि सय्यद मुश्ताक ट्रॉफी के फाइनल में सेन्चरी मारकर झारखंड को कप जितवा दिया।

और बिल्ले के भाग्य से छींका फूटा शुभमन गिल का। टेस्ट, वनडे और टी20 के साथ-साथ आईपीएल भी खेलती शबनम ऐसी थकी कि न फिटनेस ही सत्यानाश होने लगी।

पर टी20 वर्ल्डकप स्क्वाड में ईशान आया जितेश शर्मा द कीपर की जगह, कि इसको एक बैकअप ओपनर और कीपर की तरह इस्तेमाल कर लेंगे कभी कभी…

कभी कभी? ईशान जो एक बार टीम में शामिल हुआ तो ऐसा हुआ कि हमारे दिलों में शामिल हो गया।
मेरी नज़र में ईशान के पाक्सतां वाले मैच में बनाए 77 रन इस वर्ल्ड कप के सबसे अनमोल रन्स हैं। दोनों तरफ़ से जोड़कर, ईशान इकलौता बैटर था उस मैच में, जिसने बॉल के हिसाब से शॉट्स लगाए थे।

ईशान जैसे प्लेयर्स पाँव दबाना भले न जानते हों, पर अपना खूंटा गाड़ना इन्हें अच्छे से आता है।
ईशान से सीखने को मिलता है कि जब फोन उठाने का मन न हो तो बल्ला ज़रा ऊँचा उठाना पड़ता है।

(सिद्धार्थ अरोड़ा सहर)

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments