T20 World Cup 2026 Super 8: टीम इंडिया में बड़े बदलाव के संकेत, अभिषेक शर्मा समेत ये 3 खिलाड़ी हो सकते हैं प्लेइंग इलेवन से बाहर..
India Playing XI T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण की शुरुआत 21 फरवरी से हो रही है और भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 22 फरवरी को खेलेगी। ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत ने चारों मैच जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया, लेकिन अब मुकाबला कहीं अधिक कठिन होने वाला है। ऐसे में टीम संयोजन में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए तीन खिलाड़ियों का प्लेइंग इलेवन से बाहर होना चर्चा में है — और इनमें कुछ नाम चौंकाने वाले हैं।
सुपर-8 में कड़ी चुनौती, रणनीति में बदलाव संभव
सुपर-8 चरण में पहुंचने वाली आठ टीमों को दो समूहों में बांटा गया है। कप्तान Suryakumar Yadav की अगुवाई में भारत ने ग्रुप चरण में प्रभावशाली खेल दिखाया, लेकिन यूएसए और नीदरलैंड्स जैसी एसोसिएट टीमों ने भारतीय गेंदबाजी पर दबाव जरूर बनाया। अब जब मुकाबले मजबूत टीमों से होंगे, तो टीम प्रबंधन परिस्थितियों और प्रदर्शन के आधार पर बदलाव कर सकता है।
ग्रुप स्टेज में ईशान किशन और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ियों ने अच्छा योगदान दिया, लेकिन कुछ खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। आइए जानते हैं वे तीन खिलाड़ी कौन हो सकते हैं जिनका सुपर-8 में अंतिम-11 से पत्ता कट सकता है।
अभिषेक शर्मा: खराब फॉर्म बन सकती है चिन्ता
Abhishek Sharma ने साल 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 859 रन बनाए थे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए उनसे बड़े टूर्नामेंट में भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि, टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआती तीन पारियों में वह खाता तक नहीं खोल पाए और लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए।
सुपर-8 चरण में विपक्षी टीमें और अधिक सटीक रणनीति के साथ उतरेंगी। ऐसे में टीम इंडिया जोखिम उठाने से बचना चाहेगी। यदि उनकी खराब लय जारी रहती है, तो टीम प्रबंधन उन्हें बाहर बैठाने का निर्णय ले सकता है ताकि संतुलित और भरोसेमंद संयोजन मैदान में उतारा जा सके।
रिंकू सिंह: सीमित अवसर, सीमित प्रभाव
Rinku Singh को ग्रुप स्टेज के चारों मुकाबलों में मौका मिला, लेकिन वह अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाए। यूएसए के खिलाफ 14 गेंदों में केवल 6 रन बनाना उनकी संघर्षपूर्ण पारी का उदाहरण है। अन्य मुकाबलों में भी उन्हें 6, 4 और 4 गेंदों का ही सामना करने का अवसर मिला।
अक्सर सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले रिंकू को पर्याप्त गेंदें नहीं मिल सकीं, जिससे वह अपनी पहचान के अनुरूप फिनिशिंग नहीं कर पाए। इस बीच Washington Sundar की संभावित एंट्री टीम संतुलन को बदल सकती है। सुंदर बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी का भी विकल्प देते हैं, जिससे रिंकू की जगह खतरे में पड़ सकती है।
अर्शदीप सिंह: पिच के अनुसार फैसला
Arshdeep Singh का प्लेइंग इलेवन में स्थान पूरी तरह पिच की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है। पहले भी एक मुकाबले में टीम ने उन्हें बाहर बैठाकर अतिरिक्त स्पिनर के तौर पर कुलदीप यादव को मौका दिया था।
वर्तमान संयोजन में Jasprit Bumrah और Hardik Pandya दो मुख्य तेज गेंदबाज की भूमिका निभा रहे हैं। भारत का पहला सुपर-8 मुकाबला Narendra Modi Stadium में खेला जाएगा, जबकि दूसरा मैच चेन्नई में प्रस्तावित है, जहां स्पिनरों को पारंपरिक रूप से मदद मिलती है। ऐसी स्थिति में टीम अतिरिक्त स्पिनर को शामिल करने के लिए अर्शदीप को आराम दे सकती है।
आगे क्या हो सकता है
सुपर-8 चरण में हर मैच निर्णायक होगा। टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी की स्थिरता, गेंदबाजी में विविधता और मैदान की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंतिम-11 तय करनी होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत अपने विजयी संयोजन पर भरोसा बनाए रखता है या फिर बड़े मुकाबलों से पहले साहसिक बदलाव करता है।
(त्रिपाठी पारिजात)



