Thursday, February 19, 2026
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Yogi Government in UP: 9 साल होने वाले हैं योगी राज के – ऐसी राहत उत्तर प्रदेश में पहली बार आई है

Yogi Government in UP: देश को ही नहीं दुनिया को दिखाया है बाबा ने कि कैसे एक बीमारू प्रदेश को सर्वाधिक विकासमान प्रदेश का रूप दिया जा सकता है..

Yogi Government in UP: उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में बड़े बदलावों की पूरी रिपोर्ट..

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने आठ वर्ष पूरे कर लिए हैं। साल 2017 में जब भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिला, तब पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को राज्य की कमान सौंपी। उन्होंने पहला कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया और 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता ने दोबारा भाजपा पर भरोसा जताया। इसके बाद फिर से योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। इस तरह प्रदेश में उनकी सरकार के आठ साल पूरे हो चुके हैं।

इन आठ वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने कई ऐसी योजनाएं और पहलें लागू कीं, जिनकी चर्चा पूरे देश में हुई। सरकार इन उपलब्धियों को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए जश्न भी मना रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन वर्षों में प्रदेश में कौन-कौन से बड़े बदलाव देखने को मिले।

अन्त्योदय से सर्वोदय की दिशा में प्रयास

योगी सरकार ने गरीब और वंचित वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।

पिछले आठ वर्षों में 2.62 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया।

कोरोना महामारी के बाद से अब तक 14.70 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया।

1.86 करोड़ से ज्यादा परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिले।

वर्ष 2017 से अब तक 56 लाख से अधिक आवास जरूरतमंदों को दिए गए।

इन योजनाओं के जरिए सरकार ने अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने का दावा किया है।

अपराध पर सख्ती और कानून-व्यवस्था में बदलाव

कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए।

प्रदेश के सात जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई।

उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (UPSSF) नाम से नई सुरक्षा इकाई का गठन हुआ।

यूपी-112 सेवा का औसत रिस्पांस टाइम घटाकर 7 मिनट 24 सेकंड किया गया।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन वर्षों में 222 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए और 8118 घायल हुए।

सरकार का कहना है कि इन कदमों से अपराध पर नियंत्रण में मदद मिली।

महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए विशेष अभियान चलाए गए।

एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन कर छेड़छाड़ की घटनाओं पर नजर रखी गई।

तीन महिला पीएसी बटालियन बनाई गईं।

‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों के माध्यम से जागरूकता और सुरक्षा पर बल दिया गया।

रात के समय महिलाओं की कॉल पर तुरंत पीआरवी वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।

इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना रहा।

शहरों का आधुनिकीकरण और स्मार्ट सिटी परियोजनाएं

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर विकास कार्य हुए।

125 नए नगर निकायों का गठन किया गया।

लखनऊ में एआई सिटी परियोजना पर काम आगे बढ़ाया गया।

17 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया गया।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो सेवा शुरू या विस्तारित की गई।

इन परियोजनाओं से शहरी जीवन में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश की गई।

ट्रांसपोर्ट और कनेक्टिविटी में विस्तार

बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किए गए।

प्रदेश में 6 एक्सप्रेसवे चालू हो चुके हैं, जबकि 11 अन्य पर कार्य जारी है।

गौतमबुद्धनगर जिले में जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है।

उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक हवाई अड्डों वाला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ा।

मोबाइल निर्माण क्षेत्र में प्रदेश का योगदान लगभग 45 प्रतिशत तक बताया गया है।

बेहतर सड़क और हवाई संपर्क से निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

किसानों के लिए योजनाएं और उत्पादन में बढ़ोतरी

कृषि क्षेत्र में भी कई कदम उठाए गए।

कृषि विकास दर 8.6 प्रतिशत से बढ़कर 13.7 प्रतिशत तक पहुंची।

हर वर्ष लगभग 4 करोड़ टन फल और सब्जियों का उत्पादन कर प्रदेश देश में अग्रणी बना।

पीएम कुसुम योजना के तहत 76,189 सोलर पंप किसानों को दिए गए।

27 नई मंडियों का आधुनिकीकरण किया गया।

इन योजनाओं से किसानों की आय और सुविधाओं में सुधार का प्रयास किया गया।

हर घर तक बिजली पहुंचाने का दावा

ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने उपलब्धियां गिनाईं।

ग्रामीण इलाकों में 20 घंटे, तहसील क्षेत्रों में 22 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया।

अयोध्या को सोलर सिटी और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को सोलर एक्सप्रेसवे बनाने पर काम जारी है।

निजी नलकूपों के बिजली बिल में 100 प्रतिशत छूट की व्यवस्था लागू की गई।

खराब ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के भीतर बदलने की व्यवस्था की गई।

सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का विकास

धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी सरकार ने ध्यान दिया।

महाकुंभ में 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं की भागीदारी दर्ज की गई।

उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक पर्यटक आगमन वाला राज्य बना।

अयोध्या, ब्रज, विंध्य, चित्रकूट और नैमिषारण्य के विकास के लिए परिषदों का गठन हुआ।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी की देव दीपावली और अयोध्या दीपोत्सव जैसे भव्य आयोजनों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की गईं।

गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुरक्षा कवच प्रदान किया गया।

5000 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थापित किए गए।

75 जिलों में मुफ्त डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई गई।

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से 49 लाख परिवारों को लाभ मिला।

आगे की दिशा

आठ वर्षों में लागू की गई योजनाओं और विकास कार्यों के कारण उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, धार्मिक आयोजन और सामाजिक योजनाओं के जरिए सरकार ने राज्य को नई पहचान देने का प्रयास किया है। अभी भी मौजूदा कार्यकाल का समय शेष है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दे रहे हैं।

(त्रिपाठी पारिजात)

 

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