16th Day of War: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध का 16वां दिन: खाड़ी में तनाव, ट्रंप का सख्त बयान और रूस की बढ़ती भूमिका..
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध का आज 16वां दिन है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और इसका असर न केवल मध्य-पूर्व बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। तेल की कीमतों में उछाल, खेल आयोजनों की रद्दीकरण और वैश्विक राजनीति में नए समीकरण इस संघर्ष को और गंभीर बना रहे हैं। आइए जानते हैं कि 16वें दिन तक क्या-क्या घटनाक्रम सामने आए।
स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ पर संकट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान के साथ किसी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत भेजकर स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ में जहाजरानी को सुरक्षित करें। ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का नाम लिया, लेकिन बीजिंग और लंदन ने अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
इस बीच अमेरिका में गैस की कीमतें युद्ध शुरू होने के बाद से 23% तक बढ़ गई हैं, जिससे आम नागरिकों पर सीधा असर पड़ रहा है।
ट्रंप का तीखा बयान
एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वे ईरान से समझौते के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि “शर्तें अभी अच्छी नहीं हैं।” उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप पर “कुछ और बार हमला कर सकता है, बस मजे के लिए।”
ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि खामेनेई जिंदा हैं या नहीं, क्योंकि वे लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए।
अमेरिकी सैनिकों की मौत
पेंटागन ने गुरुवार को पश्चिमी इराक में हुए KC-135 रीफ्यूलिंग विमान हादसे में मारे गए छह एयरक्रू सदस्यों के नाम जारी किए हैं। हादसे की जांच अभी जारी है। यह घटना अमेरिकी सेना के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
खेल आयोजनों पर असर
फॉर्मूला-1 और इसकी नियामक संस्था FIA ने घोषणा की है कि अप्रैल में होने वाले बहरीन और सऊदी अरब ग्रां प्री रेस रद्द कर दी गई हैं। सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है क्योंकि हाल के दिनों में ईरान ने इन दोनों देशों पर हमले किए हैं।
अमेरिकी युद्धपोत की सेवा अवधि बढ़ी
अमेरिका ने अपने सबसे बड़े युद्धपोतों में से एक USS Nimitz की सेवा अवधि मार्च 2027 तक बढ़ा दी है। पहले इसे 2026 में सेवा से हटाने की योजना थी। हालांकि इसके भविष्य के तैनाती कार्यक्रम की घोषणा अभी नहीं की गई है।
मीडिया पर दबाव
अमेरिकी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने प्रसारकों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने युद्ध कवरेज में “पक्षपात और झूठी खबरें” जारी रखीं तो उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ चैनल “होअक्स और डिस्टॉर्शन” चला रहे हैं और उन्हें तुरंत सुधार करना चाहिए।
जमीनी हालात
इजरायल पर मिसाइलें
रविवार सुबह इजरायल के केंद्रीय हिस्सों में कई स्थानों पर मिसाइलें गिरीं। आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि दो लोगों को इलाज की जरूरत पड़ी।
खाड़ी देशों में हमले
संयुक्त अरब अमीरात, कतर और सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में कई हमलों को इंटरसेप्ट किया। वहीं कुवैत के एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा है।
ईरान का नया अल्टीमेटम
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार को चेतावनी दी कि अमेरिका अपने औद्योगिक संयंत्रों को इस क्षेत्र से बाहर ले जाए। उन्होंने नागरिकों से भी कहा कि वे उन जगहों से दूर रहें जहां “अमेरिकी शेयरहोल्डर्स” का निवेश है। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि हाल के अमेरिकी और इजरायली हमलों में कई गैर-फौजी फैक्ट्रियों पर हमला हुआ और वहां काम करने वाले नागरिक मारे गए।
युद्ध का असर और भविष्य
16वें दिन तक यह साफ हो गया है कि युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार, खेल और मीडिया पर भी पड़ रहा है।
तेल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
खेल आयोजनों पर खतरा मंडरा रहा है।
मीडिया कवरेज पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।
रूस की भूमिका लगातार गहरी होती जा रही है, जिससे संघर्ष का दायरा और बढ़ सकता है।
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर रहस्य बना हुआ है। अगर वे वास्तव में रूस में हैं, जैसा कि कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है, तो यह युद्ध को वैश्विक स्तर पर और जटिल बना देगा।
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध का 16वां दिन यह दिखाता है कि हालात बेहद गंभीर हैं। ट्रंप का सख्त रुख, ईरान की धमकियां, खाड़ी देशों पर हमले और रूस की सक्रिय भूमिका इस संघर्ष को और खतरनाक बना रहे हैं। आने वाले दिनों में यह युद्ध केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।
(त्रिपाठी पारिजात)



