India Vs Pakistan: ‘भारत को भी जनरल आसिम मुनीर को उठाना चाहिए’ — मादुरो की गिरफ्तारी को नजीर बताकर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने क्यों दिया पाकिस्तान को सीधा संदेश?..
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी कार्रवाई में गिरफ्तारी के बाद अब यह घटनाक्रम सिर्फ लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर दक्षिण एशिया की राजनीति पर भी दिखने लगा है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद के एक बयान ने भारत–पाकिस्तान समीकरण में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने खुले शब्दों में कहा है कि जिस तरह अमेरिका ने मादुरो और उनकी पत्नी को विशेष सैन्य अभियान के जरिए हिरासत में लिया, उसी तरह भारत को भी अब हिचक छोड़कर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और उनकी पत्नी के खिलाफ निर्णायक कदम उठाना चाहिए।
एस.पी. वैद का यह बयान केवल एक ट्वीट या व्यक्तिगत राय नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत के भीतर उभरती उस सोच का संकेत माना जा रहा है जिसमें अब केवल आतंकियों पर नहीं, बल्कि आतंकवाद को जन्म देने वाली पूरी व्यवस्था और उसके संचालकों पर सीधा वार करने की बात हो रही है।
मादुरो की गिरफ्तारी को क्यों बताया गया नजीर?
पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिका द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी ने दुनिया के सामने एक नई रणनीतिक लकीर खींच दी है। उनके अनुसार, यह अब प्रमाणित हो चुका है कि यदि कोई शासक या सैन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अपराधों में लिप्त है, तो केवल संप्रभुता का तर्क उसे बचा नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि जब अमेरिका बिना औपचारिक युद्ध की घोषणा किए किसी देश के राष्ट्रपति को उसके ठिकाने से पकड़ सकता है, तो भारत क्यों नहीं? भारत के पास पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और अब समय आ गया है कि इस नेटवर्क के शीर्ष संचालकों पर सीधी कार्रवाई की जाए।
‘ऑपरेशन सिंदूर 2’ की खुली मांग
एस.पी. वैद ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर Operation Sindoor 2 की वकालत की। उन्होंने लिखा कि मादुरो की गिरफ्तारी भारत के लिए एक स्पष्ट उदाहरण है और यही मॉडल अपनाकर जनरल आसिम मुनीर और उनकी पत्नी को हटाया जाना चाहिए।
उनका तर्क है कि यह कदम न सिर्फ भारत की सुरक्षा के लिए, बल्कि पाकिस्तान के आम नागरिकों के लिए भी राहतकारी होगा, जो बलूचिस्तान, पीओके और खैबर पख्तूनख्वा जैसे इलाकों में सेना के कथित अत्याचारों का सामना कर रहे हैं।
पाकिस्तान के भीतर किन इलाकों का दिया हवाला?
पूर्व डीजीपी ने तीन बड़े क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाए—
-बलूचिस्तान में आज़ादी की मांग करने वाले छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के कथित अपहरण और गुमशुदगी
-पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में महंगाई, बिजली और पानी की समस्याओं पर हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को गोलियों से दबाने के आरोप
खैबर पख्तूनख्वा में गृहयुद्ध जैसे हालात
पश्तून समुदाय के खिलाफ सैन्य अभियानों से गृहयुद्ध जैसे हालात दिखाई देते हैं। एस.पी. वैद का कहना है कि जनरल मुनीर केवल भारत विरोधी आतंकवाद के प्रायोजक ही नहीं, बल्कि मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के लिए भी जिम्मेदार हैं।
क्या पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी?
रणनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बयानों से पाकिस्तान के सुरक्षा प्रतिष्ठान में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। मई 2025 की भारतीय कार्रवाई के बाद से ही पाकिस्तान सतर्क है, और अब सीधे सेना प्रमुख को निशाना बनाने की बातें इस्लामाबाद के लिए नई चुनौती बन सकती हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है, इसलिए वहां इस तरह की कार्रवाई बेहद जटिल और जोखिमपूर्ण होगी, लेकिन एस.पी. वैद का बयान भारत की बदलती रणनीतिक मानसिकता को जरूर दर्शाता है।
आगे क्या?
ट्रंप द्वारा मादुरो के खिलाफ की गई कार्रवाई ने एक ऐसा दरवाजा खोल दिया है, जिससे दुनिया भर में आक्रामक रणनीतियों पर नई बहस शुरू हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या भारत भविष्य में इजरायल और अमेरिका की तर्ज पर ऐसी नीतियां अपनाएगा या नहीं। लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि इस बयान के बाद रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना मुख्यालय में बेचैनी जरूर बढ़ गई होगी।
(प्रस्तुति – त्रिपाठी पारिजात)



