Ajab Ghajab: हरियाणा का चौंकाने वाला मामला: महिला के पैर में 20 साल तक फंसी रही गोली, फोड़ा फूटते ही अपने आप बाहर निकली..
हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पीड़ित परिवार बल्कि पूरे इलाके को हैरानी में डाल दिया है। डबुआ कॉलोनी में रहने वाली 32 वर्षीय महिला के पैर में बीते करीब 20 वर्षों से एक गोली फंसी हुई थी, जो हाल ही में हुए एक फोड़े के फूटने के बाद अपने आप बाहर निकल आई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने लंबे समय तक शरीर के भीतर मौजूद रहने के बावजूद इस गोली ने महिला को कभी किसी तरह की गंभीर परेशानी नहीं पहुंचाई।
महिला के पैर के घुटने के ऊपर वाले हिस्से में पिछले कुछ समय से बार-बार फोड़ा निकल रहा था। परिवार ने शुरुआत में इसे सामान्य संक्रमण मानते हुए घरेलू इलाज करना शुरू किया। कुछ दिन पहले जब फोड़े पर गर्म प्याज बांधा गया, तो वहां से पानी निकलने लगा। इसी दौरान फोड़े को दबाने पर एक नुकीली धातु की वस्तु बाहर आ गई। पास से देखने पर पता चला कि वह कोई और चीज नहीं बल्कि असली गोली थी।
यह खुलासा होते ही परिवार के लोग हैरान रह गए। महिला ने बताया कि करीब 20 साल पहले, जब वह महज 12 वर्ष की थीं, तब स्कूल में खेलते समय उनके पैर में चोट लगी थी और खून भी बहा था। उस वक्त स्कूल में मौजूद शिक्षकों ने इसे कंकड़ लगने की मामूली चोट बताया था। उस समय किसी को यह अंदाजा नहीं था कि असल में पैर में कंकड़ नहीं बल्कि गोली घुस गई थी, जो करीब दो दशकों तक शरीर के भीतर ही बनी रही।
महिला के पति प्रदीप सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी का मायका मानेसर के गांव कोटा खांडेवाला में है। उनकी शादी वर्ष 2012 में हुई थी। दिवाली के आसपास पत्नी की जांघ के पास फोड़ा उभरा, जो कुछ दिनों में ठीक हो गया। लेकिन थोड़े समय बाद वह फोड़ा दोबारा निकल आया। घरेलू नुस्खों के तहत जब प्याज गर्म कर फोड़े पर बांधा गया, तो अचानक वहां से तेज पानी निकला और फिर एक नुकीली चीज बाहर आ गई। जब उसे ध्यान से देखा गया तो सभी दंग रह गए, क्योंकि वह एक असली कारतूस था।
महिला का कहना है कि उनके गांव के पास एक शूटिंग रेंज है, जहां अक्सर वर्दीधारी लोग अभ्यास के लिए फायरिंग करते रहते हैं। उन्हें अंदेशा है कि बचपन में वहीं से भटकी हुई कोई गोली उनके पैर में जा लगी होगी। हैरानी की बात यह है कि इतने वर्षों तक शरीर के अंदर गोली रहने के बावजूद उन्हें किसी तरह की कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई और अब बिना किसी ऑपरेशन के गोली अपने आप बाहर निकल आई।
बीके अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में ऐसे मामले असामान्य जरूर हैं, लेकिन असंभव नहीं। उन्होंने समझाया कि कई बार शरीर की कोशिकाएं गोली या धातु के टुकड़े के चारों ओर एक तरह की सुरक्षा परत बना लेती हैं, जिससे वह आसपास के अंगों को नुकसान नहीं पहुंचा पाती। अगर गोली किसी ऐसी जगह फंस जाए जहां नसें या बड़ी रक्त वाहिकाएं न हों और संक्रमण न हो, तो व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि शरीर में धातु का कोई भी टुकड़ा संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है और ऐसे मामलों में नियमित चिकित्सकीय निगरानी जरूरी होती है।
यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि मानव शरीर किस तरह खुद को सुरक्षित रखने की अद्भुत क्षमता रखता है।
(प्रस्तुति- अर्चना शैरी)



