Wednesday, February 4, 2026
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Hidden Treasure: किसान का फावड़ा टकराया – रह गई आंखें फटी की फटी – 400 साल पुराना खजाना नजर आया !

Hidden Treasure: पोलैंड के खेत में मिला 400 साल पुराना खजाना: किसान की खुदाई में निकले 162 चांदी के सिक्के और दुर्लभ वस्तुएं..

Hidden Treasure: पोलैंड के खेत में मिला 400 साल पुराना खजाना: किसान की खुदाई में निकले 162 चांदी के सिक्के और दुर्लभ वस्तुएं..

पोलैंड के उत्तरी हिस्से में स्थित एक छोटे और शांत गांव में इतिहास ने अचानक करवट ली, जब एक किसान ने अपने खेत में पत्थर हटाने के दौरान फावड़ा जमीन में मारा। मिट्टी के नीचे से चमकते हुए 17वीं सदी के चांदी के सिक्के निकले और देखते ही देखते यह खोज पूरे क्षेत्र का केंद्र बन गई।
350 साल पुराना खजाना

यह खोज वार्मियन-मसूरियन क्षेत्र के बुकोविएत्स विएल्की गांव में हुई। यहां से करीब 162 चांदी के सिक्के मिले, जो लगभग 350 साल पुराने बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खजाना उस दौर का है जब पोलैंड-लिथुआनिया राष्ट्रमंडल राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और लूटपाट से गुजर रहा था।

किसान को कैसे मिला खजाना

गांव में रहने वाले किसान दंपति खेत की जुताई कर रहे थे और पत्थर हटाने की कोशिश कर रहे थे। तभी उन्हें मिट्टी में चमकते सिक्के दिखाई दिए। उन्होंने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुरातत्वविदों और विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँची और खुदाई शुरू की। जांच में पता चला कि ये सिक्के 1660 से 1679 के बीच के हैं। इनमें उस समय चलन में रहे अलग-अलग मूल्य के सिक्के शामिल हैं—थैलर, टिम्फ, ऑर्ट और शोस्ताक। सभी सिक्के चांदी के बने हैं और कुछ पर टकसाल के निशान अब भी साफ दिखाई देते हैं।

मिट्टी के बर्तन में छिपा खजाना

पुरातत्वविदों के अनुसार, यह खजाना किसी मिट्टी के बर्तन में रखा गया था, जिसके टुकड़े भी खुदाई में मिले हैं। सिक्के ज्यादा गहराई में नहीं दबे थे, जिससे संकेत मिलता है कि इन्हें जल्दबाजी में छिपाया गया होगा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसे किसने दफनाया और वह फिर वापस क्यों नहीं आया। इतिहासकारों का मानना है कि यह खजाना किसी अमीर परिवार या स्थानीय जमींदार का हो सकता है, जिसने युद्ध या असुरक्षा के डर से अपनी दौलत जमीन में छिपा दी हो।

सिक्कों के अलावा और क्या मिला

खजाने में केवल सिक्के ही नहीं, बल्कि खुदाई में मस्कट की गोलियां, बटन, बेल्ट की बकल, अंगूठियां और धार्मिक पदक भी मिले हैं। एक पदक पर ब्लैक मैडोना ऑफ चेंस्टोहोवा और एक संरक्षक देवदूत की आकृति बनी है। इसके अलावा पत्थर से बनी एक पुरानी इमारत के अवशेष भी मिले हैं, जो किसी जमींदारी हवेली या खेती की ओर संकेत करते हैं। माना जा रहा है कि यह खजाना उसी घराने का था।

संग्रहालय में जाएगा खजाना

पोलैंड के कानून के अनुसार, यह पूरा खजाना सरकार को सौंप दिया गया है। अब इसे म्यूजियम ऑफ द बॉर्डरलैंड इन ड्जियाल्दोवो में रखा गया है। किसान को इसमें से कुछ भी नहीं मिलेगा। संग्रहालय ने घोषणा की है कि 2026 में इस खजाने को आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। विशेषज्ञ अब सिक्कों की धातु, टकसाल और उस दौर की आर्थिक स्थिति पर गहन अध्ययन कर रहे हैं।

यह खोज केवल एक खजाने की कहानी नहीं है, बल्कि उस दौर के डर, संघर्ष और जीवन की झलक भी है, जो सदियों तक जमीन के नीचे दबी रही और अब दुनिया के सामने आई है।

 

 

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