Startup Success: पत्नी के आइडिया ने बदली पति की किस्मत: 10 लाख का पैकेज छोड़ा, अब 40 लाख का सालाना टर्नओवर और 25 लोगों को रोजगार..
पूर्णिया सक्सेस स्टोरी: बिहार के पूर्णिया जिले के खुशकीबाग निवासी अभिनव शाह की जिंदगी उनकी पत्नी के एक साधारण से आइडिया ने पूरी तरह बदल दी। कभी दिल्ली की एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में 10 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी करने वाले अभिनव ने उस नौकरी को छोड़कर बिजनेस शुरू किया। आज उनका सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये से ज्यादा है और उन्होंने 25 लोगों को रोजगार भी दिया है।
नौकरी छोड़ी, बिजनेस चुना
अभिनव बताते हैं कि शादी के बाद उनकी पत्नी ने उन्हें एक आइडिया दिया। शुरुआत में यह आइडिया बहुत सामान्य लगा, लेकिन वही उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया। साल 2023 में शादी के बाद उन्होंने पत्नी की सलाह पर नौकरी छोड़ दी और बिजनेस की ओर कदम बढ़ाया।
पत्नी का आइडिया बना सफलता की कुंजी
अभिनव की पत्नी बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि जैविक खेती को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को विशेष लाभ दे रही हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने अभिनव को वर्मी कंपोस्ट बनाने का सुझाव दिया।
अभिनव ने इस बिजनेस की शुरुआत छोटे स्तर पर की। पहले सालाना करीब 200 टन उत्पादन होता था, लेकिन अब वह हर महीने 100 मैट्रिक टन वर्मी कंपोस्ट तैयार कर रहे हैं।
25 लोगों को मिला रोजगार
अभिनव कहते हैं कि उन्हें पहले एग्रीकल्चर का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन मैनेजमेंट की समझ थी। पत्नी की मदद से उन्होंने खेती और कंपोस्ट बिजनेस को समझा और पिछले ढाई साल से इसे सफलतापूर्वक चला रहे हैं।
शुरुआत में उन्होंने करीब 8 से 10 लाख रुपये निवेश किए थे। आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक है। कंपनी में 10 लोग नियमित तौर पर और 15 लोग फील्ड में काम करते हैं। इस तरह कुल 25 लोगों को रोजगार मिला है।
स्थानीय संसाधनों से उत्पादन
अभिनव बताते हैं कि वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए उन्हें बाहर से कुछ खरीदने की ज़रूरत नहीं होती। वह स्थानीय गांवों और पशुपालकों से गोबर खरीदते हैं और उसी से कंपोस्ट तैयार करते हैं।
कंपोस्ट को वह पैकेट में पैक करके किसानों तक पहुंचाते हैं। यह 1 किलो, 5 किलो, 10 किलो और क्विंटल के पैकेज में उपलब्ध होता है। कीमत ₹8 से ₹20 प्रति किलो तक है।
किसानों के लिए फायदेमंद
अभिनव का कहना है कि अगर किसान भाई केमिकल मुक्त खेती करना चाहते हैं तो वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल करें। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा।
यह कहानी बताती है कि सही समय पर लिया गया निर्णय और परिवार का सहयोग किसी भी इंसान की जिंदगी बदल सकता है। अभिनव शाह ने पत्नी के आइडिया पर भरोसा किया और आज वह न सिर्फ़ सफल बिजनेसमैन हैं बल्कि दर्जनों परिवारों के लिए रोजगार का साधन भी बने हैं।



