Wednesday, February 4, 2026
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Raju Kulkarni: ऐसा भी था एक क्रिकेटर जो अचानक टीम इंडिया का गेंदबाज बना – भारत के दूसरे तेज गेंदबाज थे राजू कुलकर्णी

Raju Kulkarni: टिकट खरीदकर दर्शक दीर्घा में बैठा खिलाड़ी अचानक टीम इंडिया का गेंदबाज बना: राजू कुलकर्णी की अनोखी दास्तान (1986)..

Raju Kulkarni: टिकट खरीदकर दर्शक दीर्घा में बैठा खिलाड़ी अचानक टीम इंडिया का गेंदबाज बना: राजू कुलकर्णी की अनोखी दास्तान (1986)..

क्या आपने कभी सुना है कि कोई क्रिकेटर दर्शकों में बैठा हो और उसे अचानक मैदान पर बुलाकर टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका मिल जाए? यह असाधारण घटना हुई थी मुंबई के तेज गेंदबाज राजू कुलकर्णी के साथ।

1986 का मुंबई टेस्ट: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया

स्थान: वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई। राजू कुलकर्णी, जिन्हें उस समय भारत का सबसे तेज गेंदबाज माना जाता था, टीम में चयनित नहीं हुए थे। वह टिकट खरीदकर (या पास लेकर) स्टैंड्स में बैठकर मैच देखने आए थे।

अचानक खबर आई कि चेतन शर्मा की पीठ में चोट लग गई है और वह खेल नहीं पाएंगे। कप्तान कपिल देव को तुरंत एक तेज गेंदबाज चाहिए था। राजू को ढूंढा गया और कहा गया- “राजू, तुम खेल रहे हो!”

उन्होंने तुरंत किट पहनी और बिना किसी तैयारी के अपना टेस्ट डेब्यू कर डाला।

‘देसी थॉमस’ (Thommo)

उस दौर में भारतीय गेंदबाज आमतौर पर 125–130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे। लेकिन राजू कुलकर्णी 145 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से गेंद करते थे। उनका निकनेम ही “थोम्मो” पड़ गया था जो कि ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज जेफ थॉमसन के नाम पर रख दिया गया था।

अपने डेब्यू मैच में उन्होंने ज्योफ मार्श और डेविड बून जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को अपनी रफ्तार से हैरान कर दिया और कुल 3 विकेट हासिल किए।

सचिन तेंदुलकर ने भी बाद में कहा था कि अपने करियर में जिन सबसे तेज भारतीय गेंदबाजों का सामना किया, उनमें राजू कुलकर्णी शामिल थे।

किस्मत का खेल

इतना टैलेंट और इतनी गति होने के बावजूद, राजू कुलकर्णी भारत के लिए सिर्फ 3 टेस्ट और 10 वनडे ही खेल पाए। बार-बार होने वाली चोटों और खराब किस्मत ने उनका करियर छोटा कर दिया।

वह उस दौर के “उमरान मलिक” थे, जिन्हें भारतीय क्रिकेट संभाल नहीं पाया।

द एक्सीडेंटल हीरो

फिल्मी स्टाइल डेब्यू: दर्शक दीर्घा/घर से बुलाकर अचानक टेस्ट डेब्यू (1986)।

रफ्तार: 80 के दशक के सबसे तेज भारतीय गेंदबाज (Nicknamed ‘Thommo’)।

आंकड़े: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू पर 3 विकेट।

सचिन का बयान: तेंदुलकर ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेले गए सबसे तेज गेंदबाजों में गिना।

अंत: लगातार चोटों ने करियर छोटा कर दिया।

सोचने वाली बात

क्या आपको लगता है कि अगर राजू कुलकर्णी आज के दौर में होते -जहाँ NCA (National Cricket Academy), आधुनिक फिटनेस ट्रैनर्स और  fitness trainers और sports science support मौजूद है—तो वह भी जसप्रीत बुमराह की तरह भारतीय क्रिकेट पर राज करते?

भारत के इस तेज गेन्दबाज की कहानी बताती है कि कभी-कभी किस्मत और हालात किसी खिलाड़ी की प्रतिभा को पूरी तरह निखरने नहीं देते। राजू कुलकर्णी भारतीय क्रिकेट के उस तेज रफ्तार सितारे थे, जिनकी चमक थोड़े समय के लिए ही दिखाई दी।

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