क्रिस केर्न्स: अर्श से फर्श तक की एक दर्दनाक दास्तान
केन्या के मैदान पर भारत के खिलाफ फाइनल मुकाबला था। टीम इंडिया ने सौरव गांगुली के शतक की बदौलत मजबूत स्कोर खड़ा किया था और न्यूजीलैंड की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। तब क्रिस केर्न्स ने घुटने की गंभीर चोट के बावजूद एक पैर पर खड़े होकर वो अविस्मरणीय नाबाद शतक जड़ा जिसने भारत के मुँह से जीत छीन ली। वह कीवी क्रिकेट के इतिहास का सबसे सुनहरा पल था।
विवादों का ग्रहण और मैच फिक्सिंग के आरोप
लेकिन जैसे किसी ने इस चमकते सितारे को नज़र लगा दी। करियर के ढलान पर उन पर मैच फिक्सिंग के संगीन आरोप लगे। पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी और अपने ही साथी खिलाड़ी ब्रेंडन मैकुलम की गवाही ने केर्न्स को अदालत के कटघरे में ला खड़ा किया।
हालांकि, सालों तक लंदन की अदालतों के चक्कर काटने और करोड़ों रुपये कानूनी लड़ाई में खर्च करने के बाद उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया, लेकिन इस प्रक्रिया ने उनकी साख, संपत्ति और मानसिक शांति को पूरी तरह तबाह कर दिया।
एक वक्त ऐसा भी आया जब इस महान खिलाड़ी को अपने परिवार का पेट पालने के लिए ऑकलैंड की सड़कों पर नगर निगम के ट्रक धोते और बस स्टैंड की सफाई करते देखा गया। किस्मत की मार यहीं नहीं रुकी।
बीमारी और अपाहिज होने का दर्द
हाल के वर्षों में केर्न्स की ज़िंदगी किसी बुरे सपने जैसी हो गई है। साल 2021 में उन्हें हार्ट अटैक (एओर्टिक डिसेक्शन) आया, जिसके ऑपरेशन के दौरान उन्हें स्ट्रोक हुआ और उनके शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह से लकवाग्रस्त (Paralyzed) हो गया।
आज वह शानदार ऑलराउंडर, जो मैदान पर चीते की तरह दौड़ता था, व्हीलचेयर पर अपनी ज़िंदगी गुज़ार रहा है। हाल ही में उन्हें आंत का कैंसर (Bowel Cancer) होने की खबर भी सामने आई।
क्रिस केर्न्स की कहानी हमें सिखाती है कि वक्त कभी एक जैसा नहीं रहता। जो खिलाड़ी कभी दुनिया पर राज करता था, आज वह अपने अस्तित्व की जंग लड़ रहा है। क्रिकेट फैंस के लिए यह देखना वाकई दिल तोड़ने वाला है कि उनका ‘सुपरस्टार’ इस हाल में है।
ईश्वर क्रिस केर्न्स को इस मुश्किल घड़ी से लड़ने की शक्ति दे। क्रिकेट जगत आपके उस ‘चैंपियन’ अवतार को कभी नहीं भूलेगा।
उफ़, क्रिस, तुम जल्दी स्वस्थ हो जाओ हमारी कामना यही है.
(वाइरल रामपुरी)



