Epstein Files: बहुत से नाम और चेहरों को सामने लाया जाने वाला है और उनके अदालती मुकदमें उनका इंतजार कर रहे हैं. पर ये कहना तो बहुत मुश्किल है कि पहले किसका नाम आयेगा और बाद में किसका?
जेफ्री एपस्टीन मामले में जारी ताजा फाइलों के बाद, अमेरिकी प्रशासन और कानूनी एजेंसियां अब पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय हो गई हैं। 2026 की शुरुआत में इस मामले में जो कानूनी कार्रवाई (Legal Actions) और जांच चल रही है, उसकी वर्तमान स्थिति से पता चलता है कि ये मामला अभी शुरू हुआ है जो काफी आगे तक जायेगा.
दूसरे शब्दों में कहा जाये तो कानूनी कार्यवाही चल रही है और बहुत से नाम और चेहरों को सामने लाया जाने वाला है और उनके अदालती मुकदमें उनका इंतजार कर रहे हैं. पर ये कहना तो बहुत मुश्किल है कि पहले किसका नाम आयेगा और बाद में किसका?
अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) और संघीय जांच ब्यूरो (FBI) पर अब उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भारी दबाव है, जिनका नाम इन फाइलों में “सहयोगी” या “अपराध में भागीदार” के रूप में सामने आया है।
नई आपराधिक जांच (Fresh Criminal Investigations)
अमेरिकी सरकार ने उन व्यक्तियों की पहचान करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जिनके खिलाफ इन 30 लाख पन्नों में पुख्ता सबूत मिल सकते हैं।
संदेह के घेरे में ‘सहयोगी’: जांच अब केवल एपस्टीन तक सीमित नहीं है। अधिकारियों का ध्यान उन लोगों पर है जिन्होंने नाबालिगों की तस्करी में मदद की या एपस्टीन के द्वीपों पर होने वाले अपराधों को जानते हुए भी छुपाया।
लॉर्ड मैंडेलसन मामला: ब्रिटिश राजनेता लॉर्ड मैंडेलसन के खिलाफ ‘मेट्रोपॉलिटन पुलिस’ ने आपराधिक जांच शुरू कर दी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एपस्टीन को बाजार से जुड़ी गुप्त जानकारी (Market-sensitive information) लीक की थी।
‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ का प्रभाव
यह कानून (Transparency Act) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था, जिसने फाइलों को सार्वजनिक करना अनिवार्य बना दिया।
अधूरी जानकारी का विवाद: डेमोक्रेटिक और कुछ रिपब्लिकन सांसदों का आरोप है कि ट्रम्प प्रशासन अभी भी कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज रोक कर बैठा है। अदालतों में इस बात को लेकर बहस चल रही है कि क्या ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के नाम पर कुछ नामों को अभी भी गुप्त रखा जा सकता है।
पीड़ितों के लिए नागरिक मुकदमे (Civil Lawsuits)
एपस्टीन की मृत्यु के बावजूद, उसके ट्रस्ट (Estate) और उसके साथ व्यापार करने वाले बैंकों के खिलाफ मुकदमे जारी हैं।
बैंकों पर भारी जुर्माना: जेपी मॉर्गन (JPMorgan) और ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) जैसे बड़े संस्थानों ने पहले ही पीड़ितों को करोड़ों डॉलर का भुगतान किया है। नई फाइलों के आधार पर अब अन्य वित्तीय संस्थानों के खिलाफ भी नए मुकदमे दायर किए जा रहे हैं।
नए दावेदार: नई फाइलों में कुछ ऐसी महिलाओं के नाम और गवाहियां भी मिली हैं जो पहले कभी सामने नहीं आई थीं। ये अब नए कानूनी दावों का आधार बन रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय प्रत्यर्पण और सहयोग (Extradition & International Cooperation)
चूँकि इस मामले के तार ब्रिटेन, फ्रांस, इज़राइल और सऊदी अरब जैसे देशों से जुड़े हैं, इसलिए अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) अन्य देशों की सरकारों के साथ संपर्क में है।
डिप्लोमैटिक दबाव: स्लोवाकिया और ब्रिटेन जैसे देशों में जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ वहां की स्थानीय एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। अमेरिका इन देशों से पूछताछ में सहयोग की मांग कर रहा है।
गिस्लेन मैक्सवेल की अपील (Ghislaine Maxwell’s Appeal)
एपस्टीन की मुख्य सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल, जो वर्तमान में 20 साल की सजा काट रही है, इन नई फाइलों का उपयोग अपनी सजा कम कराने या दोबारा सुनवाई (Retrial) की मांग के लिए कर रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि नई फाइलें उसके खिलाफ और भी ज्यादा सबूत पेश कर रही हैं, जिससे उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
आगे क्या होगा?
आने वाले महीनों में हम कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों को ‘समन’ (Summon) जारी होते या पूछताछ के लिए बुलाते देख सकते हैं। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि “प्रभावशाली होना न्याय से बचने का कवच नहीं बनेगा।” याने हर ऊंट पहाड़ के नीचे आयेगा। बाकी, देखते हैं क्या होता है आगे।



