Digital Arrest: देहरादून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का शिकार: 70 वर्षीय महिला से साइबर ठगों ने 3 करोड़ रुपए की ठगी, CBI अधिकारी बनकर दिया धमकी
60 दिन तक चला ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल
देहरादून में साइबर अपराधियों ने एक 70 वर्षीय महिला को 60 दिनों तक मानसिक दबाव में रखकर 3.09 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर महिला को डराया और धमकाया। आरोपियों ने कहा कि उनका फोन नंबर 68 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सामने आया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
धमकी और दबाव
ठगों ने महिला को सख्त चेतावनी दी कि यदि उन्होंने यह बात किसी को बताई तो उनके बच्चों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। इस डर से महिला पूरी तरह उनके झांसे में आ गई। आरोपियों ने कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्हें बताए गए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करनी होगी। भरोसा दिलाया गया कि जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा।
करोड़ों की ठगी
दबाव में आकर महिला ने सितंबर 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच 3.09 करोड़ रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस रकम को जुटाने के लिए उन्हें अपना फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ना पड़ा, शेयर बेचना पड़ा और ज्वेलरी गिरवी रखनी पड़ी। जब तक उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस जांच
महिला ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जिन मोबाइल नंबरों से कॉल किए गए, उनकी कॉल रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है और जिन बैंक खातों में पैसा गया है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया तरीका
यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग अब ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे लोगों को मानसिक दबाव में रखकर उन्हें अलग-थलग कर देते हैं और धीरे-धीरे उनसे बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं।



