गुरुग्राम हरियाणा २८फरवरी। एमिटी विश्वविद्यालय हरियाणा की ओर से आयोजित शब्द -कोश रचना एवम् अनुवाद (भारतीय ज्ञान परंपरा) पर तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हुआ।
सम्मेलन में विहार संस्कृत संजीवन समाज के महासचिव, फिरोज गांधी महाविद्यालय पटना के संस्कृत विभागाध्यक्ष एवम् आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मुकेश कुमार ओझा को सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें संस्कृत भाषा में उत्कृष्ट योगदान हेतु एमिटी विश्वविद्यालय हरियाणा के कुलपति प्रो० पी बी शर्मा एवं निदेशक प्रो. संजय कुमार झा के हाथों प्रदान किया गया।
इसके कुछ समय पूर्व डा मुकेश कुमार ओझा को सार्वभौम संस्कृत प्रचार संस्थान वाराणसी की ओर से हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी में संस्कृत सेवा सम्मान प्रदान किया गया था।
देवभाषा संस्कृत के प्रति डॉक्टर मुकेश कुमार ओझा का समर्पण तथा संस्कृत के प्रचार-प्रसार हेतु किये जा रहे उनके अविराम योगदान हेतु उनका आभार प्रकट करते हुए पहले भी मगध विश्वविद्यालय बोधगया, पटना विश्वविद्यालय, हिंदी साहित्य सम्मेलन बिहार, संस्कृत शिक्षा बोर्ड, संस्कृत अकादमी पटना, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय पटना आदि अनेक संस्थाओं की ओर से उनको सम्मानित किया जा चुका है।
डॉ मुकेश कुमार ओझा सरल पद्धति से संस्कृत भाषा में बोलने हेतु शिक्षण -प्रशिक्षण का महती कार्य वर्ष १९८६ से निरन्तर गतिमान रखे हुए हैंं। इस हेतु वो दशदिवसात्मक संस्कृत शिक्षण एवं संस्कृत भाषा सम्भाषण शिविर आयोजित करते आ रहे हैं और अब तक चालीस से अधिक इस प्रकार के संस्कृत सत्रों का आयोजन कर चुके हैं।
कोरोना वायरस काल के बाद निरन्तर गतिमान संस्कृत संभाषण शिविर अब तक अपने ४१ सत्र पूर्ण कर चुका है। सर्वत्र संस्कृतम्, विहार संस्कृत संजीवन समाज एवं आधुनिको भव संस्कृतम वद जैसे विभिन्न शिक्षण मन्चों पर उनके आनलाइन संस्कृत सम्भाषण शिविर अस्तित्वमान हैं जो निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। डॉक्टर ओझा को प्रदान किये गये इस सम्मान से सभी संस्कृत अनुरागियों में प्रसन्नता व्याप्त है।



