Iran War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी निगरानी के बीच जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। ईरान-अमेरिका वार्ता और ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को राहत दी है। जानिए इस घटनाक्रम का पूरा विवरण..
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, हाल ही में फिर से खुल गया है। लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण यह मार्ग बंद था। लेकिन अब अमेरिकी निगरानी में जहाजों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। इस कदम से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है क्योंकि यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का धड़कता हुआ दिल कहा जाता है। यहां से दुनिया का लगभग 20-25% तेल गुजरता है।
गैस, उर्वरक और अन्य जरूरी सामान भी इसी रास्ते से बड़े पैमाने पर भेजे जाते हैं। अगर यह मार्ग बंद हो जाए तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ता है।
28 फरवरी को शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद ईरान ने इस मार्ग को बंद कर दिया था। इससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई और कई देशों में संकट की स्थिति पैदा हो गई।
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की शुरुआत
अमेरिका ने इस संकट से निपटने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की और कहा कि यह मानवीय कदम है।
कई जहाज खाने-पीने और जरूरी सामान की कमी से जूझ रहे थे। अमेरिका ने इन जहाजों को सुरक्षित निकालने का जिम्मा उठाया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस मिशन में मिसाइल डिस्ट्रॉयर, 100 से ज्यादा विमान, ड्रोन और 15,000 सैनिक शामिल हैं। यह अभियान क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद अहम है।
ईरान का रुख
ईरान ने साफ कहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण नहीं छोड़ेगा। ईरानी उप-संसद अध्यक्ष अली निकजाद ने कहा कि हम युद्ध से पहले वाली स्थिति पर नहीं लौटेंगे।
ईरानी मीडिया ने दावा किया कि कुछ जहाजों को दस्तावेज जांच के नाम पर रोका गया। हाल ही में एक कार्गो जहाज पर छोटे जहाजों ने हमला किया, जिसे ईरान ने “जांच प्रक्रिया” बताया।
इससे साफ है कि ईरान अभी भी इस मार्ग पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहता है।
अमेरिका की चेतावनी
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान इस प्रक्रिया में बाधा डालेगा तो उसे सख्ती से निपटा जाएगा।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि निर्दोष जहाजों को सुरक्षित निकालना जरूरी है। यह कदम न केवल अमेरिका बल्कि पूरे मध्य-पूर्व के देशों के लिए फायदेमंद होगा।
वार्ता और भविष्य की संभावनाएं
ईरान ने अमेरिका को 14 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है। अमेरिका ने इसका जवाब दिया है और ईरान फिलहाल इसकी समीक्षा कर रहा है।
न्यूक्लियर मुद्दे को बाद में रखने की बात कही गई है। अगर बातचीत सफल रही तो युद्ध समाप्ति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का पूरी तरह खुलना संभव है।
वैश्विक असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने से दुनिया को कई फायदे होंगे:
ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होगी – तेल और गैस की कीमतों में स्थिरता आएगी।
व्यापार को राहत मिलेगी – खाद और अन्य सामान की आपूर्ति फिर से सुचारु होगी।
क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत होगी – अमेरिका की मौजूदगी से जहाजों को सुरक्षा मिलेगी।
मानवीय संकट टलेगा – फंसे हुए जहाजों को राहत मिलेगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का फिर से खुलना पूरी दुनिया के लिए राहत की खबर है। अमेरिका का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ न केवल मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी जरूरी है। हालांकि ईरान का रुख अभी भी सख्त है, लेकिन अगर वार्ता सफल रही तो आने वाले समय में यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और खुला रह सकता है।
(त्रिपाठी पारिजात)



