Wednesday, February 4, 2026
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Sambhal : संभल की कथित जामा मस्जिद को विवादित ढांचा लिखने का आदेश, अधिवक्ता बोले- अब इसमें नमाज नहीं पढ़नी चाहिए!

 

Sambhal: संभल शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर को लेकर एक अब एक नई बहस देखने को मिल रही है। हाईकोर्ट ने जो अब आदेश दिया है वह हिंदू पक्ष के विशवास को सशक्त करता है. हाईकोर्ट ने हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता की दलील पर जामा मस्जिद को विवादित ढांचा लिखने के आदेश जारी कर दिए हैं।

इसके उपरान्त, संभल में जामा मस्जिद के हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने मस्जिद विवाद को यह कहकर और बढ़ा दिया कि इस्लाम धर्म की धार्मिक पुस्तक कुरान कहती है कि विवादित ढांचे में नमाज नहीं पढ़ी जा सकती। इसलिए, मुस्लिमों को चाहिए कि वे यहां नमाज न पढ़ें।

ध्यान देने वाली बात ये है कि 24 नवंबर 2024 को तथाकथित जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर एक सर्वेक्षण हुआ था. इस सर्वे के दौरान भारी बवाल हुआ था। इस घटना के बाद देश भर में संभल की जामा मस्जिद चर्चा का विषय बन गई।

वहीं, दूसरी तरफ आज मंगलवार को शाही जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित करने का आदेश दिया है।

इसके पूर्व, हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन की दलील पर गंभीरता से विचार करने के पश्चात संभाल की तथाकथित जामा मस्जिद को विवादित ढांचा लिखने का आदेश दिया है।

संभल की कथित शाही जामा मस्जिद के हिंदू पक्ष के अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने कहा कि यह बात सौ प्रतिशत सत्य है कि यह एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) द्वारा संरक्षित स्थल है। हम इसको मंदिर बता रहे हैं और वे इसको मस्जिद कह रहे हैं, ज़ाहिर है कि अब यह इमारत विवादित हो गई है। कुरान के अनुसार, किसी भी विवादित ढांचे में नमाज नहीं पढ़ी जा सकती।

आगे इस विषय पर जानकारी देते हुए अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने कहा कि कोर्ट में हम जो अपील करेंगे, पहले उसका जवाब आने दिया जाए। वैसे, हमने अपने दावे में इसी मांग को प्रस्तुत किया है।

संभल हिंसा के 13 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

संभल हिंसा मामले में जिले की जिला अदालत ने 13 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) हरि ओम प्रकाश सैनी ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने मंगलवार को इस मामले में 13 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले, 65 अन्य जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं।

सैनी ने बताया कि अपर जनपद न्यायाधीश द्वितीय निर्भय नारायण राय की अदालत में 13 आरोपियों की जमानत याचिका पर विचार हो रहा था। अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर यह तर्क रखा गया कि 24 नवंबर 2024 को आरोपियों ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया, वाहनों में आग लगाई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई।

इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने सभी 13 जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया। संभल हिंसा मामले में अब तक कुल 79 आरोपी जेल में बंद हैं, जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं।  हाईकोर्ट ने की कथित संभल जामा मस्जिद को साफ कराने का आदेश दिया हैं, रंगाई-पुताई पर सुनवाई 4 मार्च को होगी।

 

 

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