Saturday, August 30, 2025
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Sanjeev Tripathi presents: “खिसियाना केजरीवाल किसान नोचे”

Sanjeev Tripathi द्वारा प्रस्तुत इस लेख में पढ़िये कैसे केजरी के बदले सुर..किसानों को भड़काने वाला किसानों पर भड़क गया है..

Sanjeev Tripathi द्वारा प्रस्तुत इस लेख में पढ़िये कैसे केजरी के बदले सुर..किसानों को भड़काने वाला किसानों पर भड़क गया है..
हरियाणा चुनाव खत्म हुआ और सारे रेप केस ठंडे बक्से मे चले गए। विनेश फोगाट विधायकी लेकर खुश है तो साक्षी मलिक के लिये अंगूर खट्टे सही वाला हिसाब हो गया।
ये कैसे संभव है कि चुनाव से पहले ये लोग इतना पीछे पड़े थे कि हड़ताल कर रहे थे और जैसे ही चुनाव हुआ बिल्कुल शांत हो गए? दूसरी ओर पंजाब के तथाकथित उग्रवादी किसान आंदोलन के नाम पर दिल्ली की सड़कों को जाम कर रहे थे। उस समय दिल्ली का मालिक दिल्ली लूटने में खुद उनकी मदद कर रहा था।
अरविंद केजरीवाल ने फ्री वाई-फाई मुखर्जी नगर को नहीं दिया मगर इन उग्रवादियों को दे दिया था। अरविंद केजरीवाल ने 9 साल राज करके शौचालय नहीं बनवाएं लेकिन उग्रवादियों के लिये तत्काल बनवा दिये थे।
ध्रुव राठी जैसे यूट्यूबर अफवाहें उड़ाने में लगे थे कि केंद्र सरकार किसानो को जेल भेज रही है।
देश मे एक सिविल वॉर हो उसके पूरे प्रबंध थे फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि अब केजरीवाल खुद पंजाब में ही किसानों को पीट रहा है और उनके घर तोड़ रहा है?
दरसल दुनिया में कुछ फ्री है ही नहीं, इन निकम्मे उग्रवादियों और खिलाड़ियों से केजरीवाल को यही उम्मीद थी कि ये दिल्ली को जाम करके केंद्र सरकार को घुटने पर लाएंगे। केजरीवाल इनका समर्थन करके अपना कद मोदी जी जितना करेगा।
लेकिन हर चीज बेकफायर हुई, निकम्मे सच मे निकम्मे निकले..!!
असली खिलाड़ियों ने तो मेडल दिला दिये और दिखावटी फ़्रांस मे नाक कटाकर बाहर हुए, असली किसान तो खेतो में थे मगर उग्रवादी केजरीवाल का प्रोपोगंडा नहीं चला सके।
इन सबमे कोई नशे से ग्रस्त है तो कोई अपराधी है, दिल्ली हरियाणा में इन्हे घुसने नहीं दिया गया जाहिर है बेताल किसी की पीठ पर तो बैठेगा।
इसलिए इन्होने पंजाब को ही डसना शुरू कर दिया। पंजाब में उग्रवाद फैला, ड्रग्स फैला साथ ही अपराध में बढ़ोत्तरी हुई।
दूसरी ओर जिस केजरीवाल को मोदी जी जितना पॉपुलर करना था वो केजरीवाल तो विधायकी लायक भी नहीं बचा। इसलिए खिसियाना केजरीवाल किसान नोचे वाला काम हो रहा है। गधे ने मालिक के कपड़े खराब कर दिये इसलिए मालिक डंडे से पीट रहा है।
हम तो बीजेपी समर्थक है…दर्शक दिघा मे बैठकर बंदर और मदारी का खेल देखेंगे। अरविंद केजरीवाल वैसे सही कर रहा है, इनमें इतने डंडे मारो कि अगली बार ज़ब प्रोपोगंडा खेलने जाओ तो कोई तुम्हारा साथ ही ना दे।
विनेश फोगाट का भी ऐसे ही अंत होना है, साक्षी मलिक समेत तमाम रेसलर्स को कांग्रेस पहले ही साइड कर चुकी है…अगली बार इसे भी टिकट नहीं मिलना। ये स्वाभिमान से शून्य लोग है, जिनका कोई मान सम्मान नहीं है।
हालांकि बीजेपी केजरीवाल को लेकर ढिलाई दे रही है जो विरोध योग्य है। केजरीवाल निहायती भ्रष्ट नेता है और ये साबित भी हुआ है। इसे जेल भेजनें के लिये जो कदम उठाने चाहिए उसमें वीके सक्सेना और रेखा गुप्ता दोनों ही विलम्ब कर रहे है।
हो सकता है ये केजरीवाल को राजनीतिक रूप से जिंदा रखे क्योंकि केजरीवाल रहेगा तो कई राज्यों मे कांग्रेस के वोट काटेगा। वैसे अब केजरीवाल कभी कोई चुनाव नहीं जीतेगा क्योंकि ये छल कपट से निकला नेता है।
सोशल मीडिया के जमाने में आप करूणानिधि या लालू प्रसाद यादव बनकर नहीं चमक सकते।
जनता अब स्वीकार नहीं करती है,
केजरीवाल महज कांग्रेस के वोट काटने की मशीन ही बनेगा और शायद इसीलिए बीजेपी इसे अभी पिंजरे मे नहीं डालना चाहती।
(प्रस्तुति – संजीव त्रिपाठी)
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