Deep State Vs Modi: चल रहा है भारत में खेल डीप स्टेट का..मोदी की सरकार गिरा कर ही भारत को काबू में किया जा सकता है..इस दिशा में अब नया षडयन्त्र हुआ है प्रारंभ..
प्रसिद्ध जर्नलिस्ट सेवियो रोड्रिग्स ने एक इंटरव्यू में धमाकेदार खुलासा किया है। उनका कहना है कि अंकल सैम की सबसे बड़ी गुप्तचर एजेंसी ने madDonald को एक साल का अल्टीमेटम दिया था कि किसी तरह मोदी को कंट्रोल करो। जब ट्रम्प असफल रहे, न तो प्यार से सम्हाल सके मोदी को और न ही डरा कर। अभी इसी के तहत मोदी और भारत को स्तब्ध करने के लिए पाकिस्तान से गले लग कर भी देख लिया । भारत में बड़े पैमाने पर मार-काट या फ़साद कराने में भी अपेक्षित सफलता मिलती नहीं दिख रही है।
और ट्रम्प से निराश हो कर अब एजेंसीज ने ऑपरेशन 37 लांच किया है, जिसका उद्देश्य मोदी सरकार को गिराना है । सेवियो की मानें तो यह सूचना भारत की गुप्तचर एजेंसीज को भी है । इस ऑपरेशन के तहत सत्ताधारी दल के 37 सांसद आईडेंटिफाई (चिन्हित) किए गए हैं, जिनका कच्चा चिट्ठा उनके पास है। यह 37 का आंकड़ा बड़ा स्पेसिफिक है । 240 में से 37 इनके हाथ आ गए हैं। इसके अलावा एनडीए के घटक दल के कुछ लोगों को भी आइडेंटिफाई किया गया है।
चाहे वो धनखड़ जी का मामला हो, चाहे वो कंस्टीट्यूशन क्लब के इलेक्शन में भाजपा के ही एक सांसद के द्वारा भाजपा के अघोषित प्रत्याशी के खिलाफ होना और उस जीत को क्षत्रियों की जीत बताना हो, सब संदिग्ध लग रहा है । खास तौर पर तब जब जीतने वाले सांसद महोदय को पीएम ने करप्शन की वजह से मंत्रिमंडल से बाहर किया था।
प्लान है कि किसी भी स्थिति में बीजेपी और आरएसएस के नेताओं, कैडर और समर्थकों में भ्रम की स्थिति पैदा की जाए। किसी भी मुद्दे पर सदन में वोटिंग हो, सरकार उसमें हार जाए और इस तरह एक संवैधानिक संकट खड़ा हो जाए। अभी जो राहुल चिल्ला रहे थे कि हमारे साथ तीन सौ सांसद हैं, तो वे लोक सभा के सांसदों की ही बात कर रहे थे, जिसमें बीजेपी और एनडीए के घटक दलों के बाइक हुए सांसद भी शामिल हैं।
श्रीयुत राहुल जी में एक तो गुण है ही कि वो चीख-चीख कर हरेक प्लान पहले ही सबको बता देते हैं, चाहे वह केरोसिन छिड़कने वाला प्लान हो, चाहे तीन सौ सांसदों वाला प्लान हो।
वोट-चोरी का मुद्दा दूर तक जाता, अगर कुछ ख़तरनाक मोड़ पर लाने की कोशिश होती । लेकिन भला हो भैरव बाबा के वाहन का, जिन्होंने मौके पर मीडिया का और देश का फोकस वोट-चोरी के मुद्दे से हटाकर अपनी ओर मोड़ दिया। कहते हैं कि कुत्ते जिस घर में रहते हैं, उस में रहने वालों की अला-बला ख़ुद पर ले लेते हैं। क्या दिल्ली के सड़क के कुत्तों ने ऐसा ही कुछ किया है ?
(चित्रा अवस्थी)