Friday, August 29, 2025
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America Vs India: अपने ही फेंके जाल में उलझा अमेरिका – भारत में बजा स्वदेशी का बिगुल

America Vs India: भारत के खिलाफ टैरिफ युद्ध छेड़ने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाल उल्टी पड़ सकती है.. पीएम मोदी और मोहन भागवत के बाद अब शिवराज सिंह चौहान ने कर दी है अपील देशवासियों से अपील..

America Vs India: भारत के खिलाफ टैरिफ युद्ध छेड़ने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चाल उल्टी पड़ सकती है.. पीएम मोदी और मोहन भागवत के बाद अब शिवराज सिंह चौहान ने कर दी है अपील देशवासियों से अपील..

भारत में धीरे-धीरे एक नई लहर उठ रही है – स्वदेशी की लहर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पहले ही जनता से स्वदेशी अपनाने की अपील कर चुके हैं। अब इस कड़ी में केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी जुड़ गए हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने बड़े ही भावपूर्ण अंदाज़ में कहा कि भारत की असली शक्ति उसके स्वदेशी में छिपी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखते हुए देशवासियों को याद दिलाया कि यदि भारत को आत्मनिर्भर और मज़बूत बनाना है, तो अपने ही देश में बने सामानों को अपनाना सबसे ज़रूरी है।

“स्वदेशी भारत की असली ताकत है” – शिवराज

अपनी पोस्ट में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा – “स्वदेशी ही भारत की असली शक्ति है। अगर हमें आगे बढ़ना है, तो हमें स्वदेशी को अपनाना होगा। स्वदेशी सिर्फ वस्त्र या वस्तु तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता का मंत्र है। यह हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है, हमारे कारीगरों की कला का गौरव है और हमारे उद्योग तथा युवाओं की ऊर्जा का प्रतीक है।”

इतना ही नहीं, उन्होंने स्वदेशी को एक गहरी भावना से जोड़ा। उन्होंने लिखा –
“स्वदेशी यानी अपनी मिट्टी की खुशबू। स्वदेशी यानी वह सामान, जिसे बनाने में हमारे ही देशवासियों का पसीना बहा है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो हम सिर्फ कोई वस्तु नहीं चुनते, बल्कि भारत के भविष्य को चुनते हैं।” उनके शब्दों में स्वदेशी सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का सपना है। गांव, किसान और उद्योग – सब होंगे मज़बूत

शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में आगे कहा –

“स्वदेशी से ही हमारे गांव मजबूत होंगे, किसान संपन्न बनेंगे, उद्योग बढ़ेंगे और भारत आत्मनिर्भर बनेगा।” उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से अपील की है कि वे अपने रोज़मर्रा के जीवन में जितना हो सके, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें।

भोपाल के ‘आईआईएसईआर’ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भी उन्होंने यही बात दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को हल्के में नहीं लेना चाहिए, बल्कि इसे देश को मज़बूत बनाने का संकल्प समझकर हमें इसे अपनाना चाहिए।

“स्वदेशी वस्तुएं अपनाइए” – जनता से सीधी अपील

अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने देश की जनता से सीधी अपील की। उन्होंने कहा –
“मैं आप सबसे अनुरोध करता हूं कि अपनी दैनिक ज़िंदगी में जिन चीजों का आप इस्तेमाल करते हैं, उनमें स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। यह सिर्फ सामान खरीदना नहीं होगा, बल्कि इससे हमारे देश के लोगों को रोज़गार मिलेगा और हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।”

उनके अनुसार, जब एक सामान्य व्यक्ति भी अपने जीवन में स्वदेशी को जगह देता है, तो इसका असर सीधे किसानों, कारीगरों और छोटे उद्योगों तक पहुंचता है।

मोदी की पहल से मिली ताक़त

गौरतलब है कि 15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूरे देश से ‘स्वदेशी अपनाने’ का आह्वान किया था। तभी से यह आंदोलन धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है। सरकार और सत्ताधारी पार्टी मिलकर इस संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

अब जब शिवराज सिंह चौहान जैसे बड़े नेता ने भी खुलकर इस अभियान का समर्थन किया है, तो निश्चित रूप से यह मुहिम और मज़बूत होगी।

कुल मिलाकर

यह साफ है कि आज के दौर में स्वदेशी अपनाना सिर्फ आर्थिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह एक भावनात्मक और राष्ट्रीय कर्तव्य भी है। जब हम अपने घरों में, अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करेंगे, तो हम न केवल अपने देश की मिट्टी का सम्मान करेंगे, बल्कि भारत को एक मज़बूत, आत्मनिर्भर और गर्वित राष्ट्र बनाने में भी योगदान देंगे।

(प्रस्तुति -त्रिपाठी पारिजात)

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