Bangladesh Hindu Killings: “17 दिन पहले फेसबुक पर लिखी थी अनहोनी की चेतावनी, आज मौत के घाट उतार दिया गया..
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय की भयावह और असुरक्षित होती स्थिति एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना के साथ सामने आ गई है। देश के नरसिंदी जिले में रहने वाले किराना व्यापारी मणि चक्रवर्ती की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह वही मणि चक्रवर्ती हैं, जिन्होंने महज 17 दिन पहले फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए देश में फैलती हिंसा, अराजकता और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते खतरे को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर की थी।
उनकी सोशल मीडिया पर लिखी गई पंक्तियाँ अब भयावह भविष्यवाणी जैसी प्रतीत हो रही हैं, क्योंकि उसी देश में, जिसकी स्थिति को उन्होंने “मौत की घाटी” कहा था, वहीं उन्हें जान से मार दिया गया।
24 घंटे में दो हत्याएं, दो माह में कई मौतें –भय का माहौल चरम पर
हाल के समय में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सिर्फ पिछले 24 घंटों में दो हिंदू नागरिकों की जान ले ली गई, जबकि बीते दो महीनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिन्होंने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मणि चक्रवर्ती की हत्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के लिए माहौल किस हद तक असहनीय और खतरनाक बन चुका है।
दुकान पर किया गया हमला, अस्पताल से पहले टूटी सांसें
मणि चक्रवर्ती नरसिंदी जिले के चारसिंदुर बाजार में अपनी छोटी सी किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। सोमवार की रात अज्ञात हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। आसपास के लोग उन्हें बचाने के लिए तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश में जुटे, लेकिन रास्ते में ही या अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद उनकी मृत्यु हो गई।
इस नृशंस हत्या के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल फैल गया है।
फेसबुक पोस्ट बनी दर्दनाक दस्तावेज़
19 दिसंबर को मणि चक्रवर्ती ने फेसबुक पर जो लिखा था, वह अब बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात का जीवंत दस्तावेज़ बन चुका है। उन्होंने लिखा था –
“मेरी जन्मभूमि हर तरफ जल रही है। चारों ओर हिंसा फैल चुकी है। मेरा देश आज मौत की घाटी में बदल गया है।”
उनके करीबी बताते हैं कि मणि बेहद शांत, मिलनसार और सामाजिक व्यक्ति थे। उनकी पोस्ट यह दर्शाती है कि वे अपने आसपास बढ़ते डर, असुरक्षा और संभावित खतरे को पहले ही भांप चुके थे।
अल्पसंख्यकों के लिए असुरक्षित हुआ देश
इन घटनाओं के बाद बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के भीतर गहरा भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अब न तो बाजार सुरक्षित हैं, न घर और न ही मंदिर। हर जगह अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि धार्मिक असहिष्णुता, राजनीतिक अस्थिरता और कट्टरपंथी समूहों की सक्रियता के कारण अल्पसंख्यक समुदाय को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। इससे बांग्लादेश की सामाजिक संरचना और धार्मिक सौहार्द पर भी गंभीर संकट मंडराने लगा है।
(प्रस्तुति -न्यूज़ हिन्दू ग्लोबल)



