Cockroach: CJP के फिर आंदोलन के ऐलान से दिल्ली हाई अलर्ट! जंतर-मंतर पर कड़ी सुरक्षा, बैरिकेड्स किए गए पक्के
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की दोबारा आंदोलन की चेतावनी के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स को वेल्ड कर मजबूत किया है और RAF की तैनाती की है। CJP ने सभी FIR वापस लेने, गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई और ‘साक्षी’ कानूनी सहायता प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का ऐलान किया है। जानिए पूरा मामला।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में समाप्त हुए CJP के आंदोलन के बाद जहां माहौल शांत नजर आ रहा था, वहीं अब संगठन की नई चेतावनी ने प्रशासन को फिर से सतर्क कर दिया है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस नहीं लेने पर आंदोलन दोबारा शुरू करने की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
स्थिति को देखते हुए जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स को लोहे से वेल्ड कर स्थायी रूप से मजबूत किया गया है। इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती भी कर दी गई है। स्थानीय पुलिस बल पहले से ही मौके पर मौजूद है और पूरे इलाके की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह कदम किसी भी संभावित स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में काफी मजबूत कर दिया है। जिन स्थानों पर पहले अस्थायी बैरिकेड्स लगाए गए थे, उन्हें अब लोहे की वेल्डिंग के जरिए स्थायी रूप से जोड़ दिया गया है ताकि बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को जरूरत पड़ने पर नियंत्रित किया जा सके।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा RAF की एक कंपनी भी मौके पर मौजूद है, जिसे किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?
सुरक्षा व्यवस्था में यह बदलाव उस समय देखने को मिला जब CJP ने सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। संगठन का आरोप है कि सरकार ने पहले हुए समझौते की सभी शर्तों का पालन नहीं किया।
इसी चेतावनी के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। अधिकारियों का मानना है कि यदि दोबारा प्रदर्शन होता है तो बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी की जा रही है।
36 दिन तक चला था आंदोलन
जंतर-मंतर पिछले कुछ सप्ताह तक लगातार चर्चा में रहा था। यहां CJP ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लंबा आंदोलन चलाया था। यह प्रदर्शन करीब 36 दिनों तक चला और इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समर्थक इसमें शामिल हुए।
बाद में धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई थी। उस समय यह माना जा रहा था कि विवाद फिलहाल खत्म हो गया है, लेकिन अब नए घटनाक्रम ने फिर से इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
CJP ने समझौता तोड़ने का लगाया आरोप
CJP का कहना है कि 25 जुलाई को हुए समझौते की कई अहम शर्तों का पालन नहीं किया गया। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कई मामलों में कार्रवाई जारी रही।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में आंदोलन से जुड़े कई छात्रों और समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। संगठन का कहना है कि यह समझौते की भावना के विपरीत है और इसी वजह से दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
ये हैं CJP की प्रमुख मांगें
संगठन ने केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की है। इसके अलावा हिरासत में लिए गए छात्रों और प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की भी मांग की गई है।
CJP ने यह भी कहा है कि दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और भाजपा शासित राज्यों की पुलिस भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ नए आपराधिक मामले दर्ज न करे। साथ ही संगठन ने 25 जुलाई को हुए समझौते को सार्वजनिक करने की मांग भी दोहराई है ताकि सभी पक्षों के सामने उसकी शर्तें स्पष्ट हो सकें।
‘साक्षी’ नाम से लॉन्च किया नया प्लेटफॉर्म
आंदोलन को कानूनी और तकनीकी सहायता देने के लिए CJP ने एक नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म का नाम ‘साक्षी’ (SAAKSHI) रखा गया है।
संगठन का कहना है कि इस पोर्टल के जरिए आंदोलन से जुड़े लोग अपने पास मौजूद फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रूप से अपलोड कर सकेंगे। इन सामग्रियों का उपयोग जरूरत पड़ने पर कानूनी मामलों में किया जा सकेगा।
इसके साथ ही देशभर में एक कानूनी सहायता नेटवर्क तैयार करने की भी घोषणा की गई है, ताकि विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कानूनी सहायता के लिए फंड का भी ऐलान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष कोष बनाने की घोषणा की है।
उन्होंने बताया कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए एक करोड़ रुपये का फंड बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग उपलब्ध कराना बताया गया है।
पुलिस हर स्थिति पर रख रही नजर
दिल्ली पुलिस फिलहाल किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम पूरी तरह एहतियाती कदम हैं और इनका उद्देश्य राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाके में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर CJP और केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी है। यदि संगठन की मांगों पर सहमति बनती है तो मामला शांत हो सकता है। वहीं, अगर मांगें पूरी नहीं होतीं और CJP अपने ऐलान के मुताबिक फिर से आंदोलन शुरू करता है, तो जंतर-मंतर एक बार फिर देश की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है। बैरिकेड्स मजबूत किए जा चुके हैं, RAF तैनात है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात की समीक्षा कर रही हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बातचीत के जरिए समाधान निकलता है या फिर राजधानी एक और बड़े प्रदर्शन की गवाह बनती है।
(त्रिपाठी पारिजात)



