India defeats Pakistan again: पाकिस्तान की इस हार के बाद अब ये साफ हो गया है कि पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी कोई आम इंसान नहीं, बल्कि एक ‘दूरदर्शी’ महापुरुष हैं..
पूरी दुनिया सोच रही थी कि मोहसिन नकवी बांग्लादेश के प्यार में मैच खेलने से मना कर रहे हैं। जी नहीं, वो अपने मुल्क के टेलीविज़न सेट्स की जान बचाना चाह रहे थे। उन्हें मालूम था कि अगर मैच हुआ, तो 11 खिलाड़ी हारेंगे, लेकिन सजा हज़ारों सोनी और सैमसंग के टीवी भुगतेंगे। वो मैच का बहिष्कार नहीं कर रहे थे, इलेक्ट्रॉनिक्स बचाओ अभियान चला रहे थे।
पाकिस्तानी टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दुनिया इधर की उधर हो जाए, लेकिन वे अपनी परफॉरमेंस में निरंतरता बनाए रखेंगे। भारत से पहले भी हारते थे, आज भी हारे और आगे भी हारते रहेंगे । उनके बल्लेबाजों का आना और जाना इतना तेज़ था, लगा हाइलाइट्स लाइव चल रही हैं। क्रीज पर टिकना मना था शायद, या फिर ड्रेसिंग रूम की बिरयानी ठंडी हो रही थी।
पाकिस्तान टीम का गेम प्लान बहुत साफ था, हम पहले खौफ पैदा करेंगे, फिर विकेट और आखिर में उम्मीद… सब कुछ दे देंगे। अब हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहेंगे, पिच पर घास थोड़ी ज्यादा हरी थी, जिससे गेंद को ईर्ष्या हो गई और वह सीधे स्टंप्स में घुस गई। कोलंबो की हवा में ऑक्सीजन ज्यादा थी, हमारे लड़के इतनी ताजी हवा के आदी नहीं हैं। कुदरत का निजाम आज हमारे खिलाफ था, और लड़के अच्छा खेले ।
इस हार से पाकिस्तान की इकोनॉमी को भी फायदा होगा। कल सुबह कराची और लाहौर के बाजारों में नए टीवी खरीदने वालों की लाइन लगेगी। इसे कहते हैं, हार में भी जीडीपी की जीत। मोहसिन नकवी ने रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन टीम ने कहा, नहीं चेयरमैन साहब! हम खेलेंगे, और हम हारेंगे! यही हमारी.. परंपरा, प्रतिष्ठा , और अनुशासन है!
(अमित गर्ग शुक्ला)



