Iran War: कोमा में हैं मोजतबा खामेनेई? ‘द टाइम्स’ रिपोर्ट में बड़ा दावा, लोकेशन भी आई सामने..
ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार The Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, Mojtaba Khamenei गंभीर रूप से घायल हैं और कथित तौर पर कोमा जैसी स्थिति में हैं, जिसके चलते वे न तो युद्ध की स्थिति से अवगत हैं और न ही किसी सीजफायर प्रक्रिया में शामिल हो पा रहे हैं।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
रिपोर्ट के मुताबिक:
मोजतबा खामेनेई जीवित हैं, लेकिन अचेत अवस्था में हैं..उनकी हालत इतनी गंभीर बताई जा रही है कि वे शासन करने की स्थिति में नहीं हैं..वे युद्ध या कूटनीतिक फैसलों में कोई भूमिका नहीं निभा पा रहे
यह जानकारी कथित तौर पर एक डिप्लोमैटिक मेमो पर आधारित है, जिसमें अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों के इनपुट शामिल बताए गए हैं।
कहां चल रहा है इलाज?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई का इलाज Qom शहर में चल रहा है, जो Tehran से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
पहले ऐसी खबरें भी आई थीं कि उन्हें इलाज के लिए रूस ले जाया गया है, लेकिन बाद में इसे खारिज कर दिया गया।
हमले में कैसे बचे?
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस हमले में उनके पिता Ali Khamenei की मौत होने का दावा किया गया, उसी हमले में मोजतबा भी निशाने पर थे।
बताया जा रहा है कि:
हमले से कुछ मिनट पहले वे अपने घर से बाहर निकल गए थे
इसी वजह से वे मिसाइल हमले से बाल-बाल बच गए
कथित तौर पर इजरायल की ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइलों से हमला हुआ था
हालांकि, इन घटनाओं की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या वे शासन करने में सक्षम हैं?
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि:
मोजतबा खामेनेई अब शासन चलाने की स्थिति में नहीं हैं
उनके नाम से जारी संदेश संभवतः उनके द्वारा नहीं दिए जा रहे
युद्ध और रणनीतिक फैसलों में उनकी कोई सक्रिय भूमिका नहीं है
पहले भी उठे थे सवाल
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी पहले कई बार दावा किया था कि मोजतबा खामेनेई या तो मारे जा चुके हैं या गंभीर रूप से घायल हैं।हालांकि, इन दावों को भी आधिकारिक तौर पर कभी सत्यापित नहीं किया गया।
क्या है सच्चाई?
यह पूरा मामला अभी भी दावों और रिपोर्ट्स तक सीमित है। न तो ईरान सरकार ने इसकी पुष्टि की है और न ही किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इन खबरों को प्रमाणित किया है।
मोजतबा खामेनेई को लेकर सामने आई ये रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर हलचल जरूर पैदा कर रही है, लेकिन इसकी सच्चाई अभी स्पष्ट नहीं है। जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, इन दावों को सावधानी के साथ देखना जरूरी है।
(त्रिपाठी पारिजात)



