Israel दुनिया को दिखा रहा है और भारत को सिखा रहा है कि एकता से दुनिया भर के दुश्मनों के छक्के छुड़ाये जा सकते हैं, फिर भी भारत का हिन्दू गहरी निद्रा में है..
90 लाख यहूदी, 90 करोड़ हिंदुओं से संख्या में कम होकर भी इसलिए आगे दिखते हैं क्योंकि उनकी सबसे बड़ी ताकत एकजुटता है। जब बात अपने समाज, संस्कृति और अस्तित्व की आती है, तो वे मतभेद भूलकर एक दिशा में खड़े हो जाते हैं। उनके लिए राष्ट्र और समाज पहले आता है, व्यक्ति बाद में। यही सोच उन्हें हर चुनौती में मजबूती देती है।
#एकजुटता #समाजशक्ति #सीखनेकीज़रूरत
वहीं दूसरी ओर हिंदू समाज संख्या में विशाल होते हुए भी अक्सर बंटा हुआ नज़र आता है। जाति, भाषा, क्षेत्र, पार्टी और व्यक्ति पूजा में उलझकर हम अपनी असली ताकत को खुद ही कमजोर कर लेते हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब हम आपस में बंटे, तब-तब बाहरी ताकतों ने इसका फायदा उठाया।
#हिंदूसमाज #आत्ममंथन #इतिहाससेसबक
दुख की बात यह है कि आज भी हमारे बीच ज्ञानचंद, रायचंद और जयचंद जैसी सोच जीवित है, जो निजी स्वार्थ के लिए पूरे समाज को नुकसान पहुंचाने से नहीं हिचकती। मंच पर बड़े-बड़े भाषण होते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर एकता की कमी साफ दिखती है। यही कमजोरी हमारी सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है।
#एकताकीघाटी #कड़वीसच्चाई #विचार
यह पोस्ट किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं, बल्कि हिंदू समाज को आईना दिखाने के लिए है। अगर 90 लाख लोग एकजुट होकर दुनिया को दिशा दे सकते हैं, तो 90 करोड़ लोग मिलकर भारत को शिखर पर क्यों नहीं ले जा सकते? सवाल क्षमता का नहीं, इच्छाशक्ति और सामूहिक सोच का है।
#सोचबदलो #समाजजागरण #एकताहीशक्ति
अब समय आ गया है कि हम इतिहास से सीखें, आपसी मतभेदों से ऊपर उठें और “मैं” से “हम” की ओर बढ़ें। जब हिंदू समाज सच में एकजुट होगा, तब न कोई जयचंद टिकेगा और न ही हमारी ताकत को नज़रअंदाज़ किया जा सकेगा। फैसला हमें ही करना है—बंटे रहना है या मजबूत बनना है।
(अज्ञात वीर)



