Saturday, August 30, 2025
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Learn Sanskrit – Speak Sanskrit: संस्कृत सप्ताह व जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण स्मृति ऑनलाइन संस्कृत शिविर का श्रीगणेश

Learn Sanskrit - Speak Sanskrit: देवभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार का अभियान निरंतर गतिमान है.. संस्कृत सप्ताह एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभावसर पर प्रारंभ हुआ श्रीकृष्ण स्मृति अन्तर्जालीय संस्कृत सम्भाषण शिविर..

Learn Sanskrit – Speak Sanskrit: देवभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार का अभियान निरंतर गतिमान है.. संस्कृत सप्ताह एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभावसर पर प्रारंभ हुआ श्रीकृष्ण स्मृति अन्तर्जालीय संस्कृत सम्भाषण शिविर..

पटना १२अगस्त । सर्वत्र संस्कृतम् एवं विहार संस्कृत संजीवन समाज की ओर से आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान के अन्तर्गत श्रीकृष्ण स्मृति अन्तर्राष्ट्रीय अन्तर्जालीय दशदिवसात्मक संस्कृत सम्भाषण शिविर का शुभारंभ संस्कृतमय वातावरण में हुआ। यह निरन्तर 35 वां शिविर है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विहार संस्कृत संजीवन समाज के महासचिव एवं आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मुकेश कुमार ओझा ने कहा कि संस्कृत भाषा सीखने और लोकप्रिय बनाने के लिए सभी लोगों को प्रयास करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन का विस्तार से चर्चा श्रीमद्भागवत गीता में है।

अपने उद्घाटन उद्बोधन में आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान के प्रधान संरक्षक एवं पूर्व गृह सचिव उत्तर प्रदेश शासन डॉ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि भारत के सभी लोगों को श्रीमद्भागवत गीता का विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहिए। संस्कृत सम्भाषण शिविर में सरल पद्धति से संस्कृत बोलना सीखाया जाता है।

मुख्यातिथि के रूप मे गंगा देवी महिला महाविद्यालय पटना की संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो रागिनी वर्मा, मुख्य वक्ता अधिवक्ता उग्र नारायण झा, अभियान की राष्ट्रीय उपाध्यक्षा डॉ लीना चौहान, विशिष्टातिथि के रूप में डा अनिल कुमार चौबे,डा राजेश कुमार मिश्र, डॉ नीरा कुमारी, डॉ महेश केवट, डॉ मिथिलेश कुमार एवं डॉ अवन्तिका कुमारी ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार पर बल दिया।

संस्कृत सम्भाषण शिविर के सदस्यों में विचार व्यक्त करने वालों में सुजाता घोष, मनीष कुमार, तारा विश्वकर्मा, मुरलीधर शुक्ल, राहुल कुमार पाण्डेय, आयुष मिश्र, वन्दना पटोरिया, मधु कुमारी आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ लीना चौहान ने किया। धन्यवाद ज्ञापन -मनीष कुमार एवं ऐक्य मन्त्र तारा विश्वकर्मा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का प्रारंभ आयुष मिश्र, सुजाता घोष, उग्र नारायण झा के क्रमश: मंगलाचरण, गीता श्लोक एवं वैदिक मंगलाचरण से हुआ।

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