Maduro Arrest: क्या मादुरो की गिरफ्तारी वैध थी? वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य आक्रमण की ‘कानूनी सच्चाई’ ने दुनिया को दो हिस्सों में बांटा..
शनिवार तड़के वेनेजुएला में अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी ने केवल भू-राजनीतिक हलचल ही नहीं मचाई, बल्कि इसने अंतर्राष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और युद्ध अधिकारों की सीमाओं पर भी एक नया वैश्विक विवाद खड़ा कर दिया है।
व्हाइट हाउस इसे “कानूनी कार्रवाई” कह रहा है, जबकि दुनिया के कई बड़े देश और अंतर्राष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ इसे सीधे तौर पर अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बता रहे हैं।
आखिर हुआ क्या?
शनिवार सुबह अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक सैन्य ऑपरेशन के तहत राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को उनके आधिकारिक ठिकाने से हिरासत में ले लिया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को तुरंत एक युद्धपोत पर बैठाकर न्यूयॉर्क भेजा गया, जहां उनके खिलाफ आतंकवाद, ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े आपराधिक मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से मादुरो पर आरोप लगाते रहे हैं कि वे ऐसे ड्रग कार्टेल्स को संरक्षण दे रहे हैं जिन्हें अमेरिका ने आतंकी संगठन घोषित किया है और जिनकी वजह से अमेरिका में हजारों मौतें हुई हैं।
अमेरिका ने इस कार्रवाई को कैसे सही ठहराया?
अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि:
न्यूयॉर्क की ग्रैंड जूरी ने मादुरो, उनकी पत्नी, उनके बेटे और कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अभियोग दायर किया था। अमेरिकी न्याय विभाग ने सेना से सहायता मांगी और सबसे बड़ी बात ये कि यह एक “कानून प्रवर्तन कार्रवाई” थी, न कि युद्ध !
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने कहा कि मादुरो और उनके सहयोगी अब अमेरिकी अदालतों में “अमेरिकी न्याय का सामना करेंगे।”
हालांकि, ट्रंप ने इसी दौरान यह भी कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों को अपने नियंत्रण में लेने और कुछ समय के लिए देश का प्रशासन चलाने की योजना बना रहा है – जिसने पूरे कानूनी आधार को और उलझा दिया है।
कानूनी विशेषज्ञ क्यों सवाल उठा रहे हैं?
संविधान और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के जानकारों का कहना है कि:
केवल किसी विदेशी नेता के खिलाफ चार्जशीट होना, दूसरे देश में सैन्य घुसपैठ का अधिकार नहीं देता
“कानून लागू करने की कार्रवाई” और “देश चलाने की योजना” – दोनों दावे एक साथ नहीं चल सकते
नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफसर जेरेमी पॉल के अनुसार:
“आप पहले इसे कानून व्यवस्था की कार्रवाई बताएं और फिर कहें कि अब हम उस देश को चलाएंगे – यह कानूनी रूप से बिल्कुल असंगत है।”
अंतर्राष्ट्रीय कानून क्या कहता है?
अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार:
किसी देश में सैन्य बल का प्रयोग तभी वैध है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति हो या फिर आत्मरक्षा की स्थिति हो
ड्रग तस्करी और गैंग अपराध युद्ध की कानूनी श्रेणी में नहीं आते, इसलिए इन्हें आधार बनाकर किसी संप्रभु देश में सैन्य कार्रवाई को वैध नहीं माना जाता।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मैथ्यू वैक्समैन कहते हैं कि यह कार्रवाई “कानूनी रूप से बेहद कमजोर आधार पर टिकी है।”
ऐसी क्या कोई ऐतिहासिक मिसाल है?
1989 में अमेरिका ने पनामा के राष्ट्रपति मैनुअल नोरिएगा को गिरफ्तार किया था
2022 में होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज़ को प्रत्यर्पित किया गया था
लेकिन इन मामलों में अमेरिका के पास स्थानीय सरकारों की स्वीकृति मौजूद थी
वेनेजुएला में ऐसी कोई मान्यता प्राप्त वैकल्पिक सरकार मौजूद नहीं थी, जिसने मादुरो की गिरफ्तारी की अनुमति दी हो।
क्या अमेरिका को सज़ा मिल सकती है?
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही यह कार्रवाई अवैध हो – पर बड़ा सच ये है कि अंतर्राष्ट्रीय कानून में अमेरिका जैसे महाशक्तिशाली देश पर वास्तविक दंड लागू करने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है।
(प्रस्तुति -अर्चना शैरी)



