Nila Drum: नीले ड्रम से निकला नमक से ढका शव – ऊपर रखा था पत्थर – प्यार-मुहब्बत और मर्डर..
अलवर जिले की आदर्श कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मकान की छत से तेज़ बदबू आने लगी। मकान मालिक की पत्नी काम से छत पर गई तो उसने सोचा कि शायद कोई जानवर मरा होगा। लेकिन जब गंध असहनीय हो गई, तो उसने चारों ओर तलाश की। तभी उसकी नजर एक नीले ड्रम पर पड़ी, जिसके ढक्कन पर भारी पत्थर रखा था। शक होने पर पुलिस को बुलाया गया। ड्रम खोला गया तो सबके होश उड़ गए—अंदर एक शव था, जिसे नमक से ढका गया था।
पहचान और हत्या का खुलासा
शव की पहचान 35 वर्षीय हंसराज उर्फ सूरज, निवासी नवादिया नावजपुर (शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। शुरुआती जांच से पता चला कि उसकी गला रेतकर हत्या की गई और शव को ड्रम में डालकर छुपा दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि हत्या के बाद से मृतक की पत्नी, उसके तीन बच्चे और मकान मालिक का बेटा रहस्यमयी तरीके से गायब हैं।
कैसे खुला राज?
गुरुवार को मकान मालिक की पत्नी छत पर गई थी। वहां से तेज़ दुर्गंध उठ रही थी। पहले उसने इसे सामान्य समझा, लेकिन गंध बढ़ने पर शक गहराया। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। डिप्टी एसपी राजेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ड्रम खोला गया तो अंदर नमक से ढका शव मिला। इसके बाद एफएसएल टीम को बुलाकर मौके से सबूत जुटाए गए।
किराए का मकान और पारिवारिक झगड़े
जानकारी के अनुसार, हंसराज किशनगढ़ बास के पास एक ईंट भट्ठे पर काम करता था। करीब डेढ़ महीने पहले ही उसने पत्नी और तीन बच्चों के साथ यह मकान किराए पर लिया था। पड़ोसियों का कहना है कि दंपती अक्सर झगड़ते रहते थे और हाल ही में घर में अजीब हलचल थी। अब हत्या के बाद से ही पत्नी, बच्चे और मकान मालिक का बेटा जितेंद्र गायब हैं, जिससे शक और गहरा हो गया है।
धारदार हथियार से हत्या का शक
पुलिस का मानना है कि हंसराज का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया। इसके बाद शव को ड्रम में डालकर नमक डाला गया ताकि जल्दी गल जाए और बदबू न फैले। ऊपर भारी पत्थर इसलिए रखा गया कि ड्रम खुल न सके और किसी को शक न हो। लेकिन गंध इतनी तेज़ हो गई कि राज़ खुल गया। अब सवाल यह है कि हत्या कब हुई और शव ड्रम में कितने दिन से रखा था।
मकान मालिक का बेटा भी शक के घेरे में
मकान मालिक की पत्नी मिथलेश ने बताया कि उसका बेटा जितेंद्र घर पर नहीं है। जितेंद्र की पत्नी की मौत करीब 12 साल पहले हो चुकी थी और वह फिलहाल गायकी करता है। लेकिन उसका अचानक लापता होना और मृतक की पत्नी-बच्चों का गायब होना पुलिस के शक को और गहरा कर रहा है। पुलिस अब इनकी तलाश में जुटी है।
इलाके में सनसनी
जैसे ही ड्रम से शव मिलने की खबर फैली, इलाके में सनसनी मच गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर उमड़ पड़े। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। स्थानीय लोग दबी जुबान में चर्चा कर रहे थे कि हंसराज और उसकी पत्नी के रिश्ते अच्छे नहीं थे और मकान मालिक के बेटे जितेंद्र के साथ उसके नज़दीकी रिश्ते थे। लोगों का मानना है कि हत्या की वजह यही हो सकती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।
मुकदमा दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने हंसराज की हत्या का केस दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और फॉरेंसिक टीम हत्या के सही समय और तरीके की जांच कर रही है। डिप्टी एसपी राजेंद्र सिंह ने कहा, “हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई है। शव को छिपाने के लिए ड्रम और नमक का इस्तेमाल किया गया, जिससे साफ़ है कि आरोपियों ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। बहुत जल्द इस रहस्य से पर्दा उठेगा।”
नीले ड्रम का खौफ
इससे पहले मेरठ में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। वहां मुस्कान नाम की महिला ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छुपा दिया था। अब अलवर की इस वारदात ने लोगों के मन में फिर से दहशत भर दी है।
पुलिस के सामने खड़े सवाल
हंसराज की पत्नी और बच्चे कहाँ गायब हो गए?
मकान मालिक का बेटा जितेंद्र घटना के बाद क्यों लापता है?
क्या यह हत्या घरेलू विवाद का नतीजा है या इसके पीछे कोई और वजह है?
शव ड्रम में कब से था और मकान मालिक को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
(प्रस्तुति -त्रिपाठी इन्द्रनील)