Noida Sector 150 Accident: चश्मदीद ने खोली रेस्क्यू सिस्टम की पोल, पुलिस और फायर विभाग पर गंभीर आरोप..
उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस घटना में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। अब उस प्रत्यक्षदर्शी ने मीडिया से बातचीत की है जिसने सबसे पहले डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी।
प्रत्यक्षदर्शी का आरोप: “फटे हुए लाइफ जैकेट और नाकाम रेस्क्यू”
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब पुलिस और फायर विभाग मौके पर पहुंचे तो उनके पास फटे हुए लाइफ जैकेट थे। उसने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी कह रहे थे कि पानी बहुत ठंडा है और अंदर सरिया पड़े हैं। वहीं कुछ पुलिसकर्मी वीडियो बनाने में व्यस्त थे। फायर विभाग की टीम के पास मौजूद सीढ़ी भी ठीक से नहीं खुल रही थी।
“मुझे अफसोस रहेगा कि मैंने पुलिस को कॉल किया”
प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि उसने रात 12:14 बजे डायल 112 पर कॉल किया था। पुलिस करीब 6 मिनट बाद मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन फायर विभाग की टीम लगभग एक घंटे बाद आई। भावुक होते हुए उसने कहा, “मुझे अफसोस रहेगा कि मैंने पुलिस को कॉल क्यों किया। अगर किसी परिचित को फोन करता तो शायद हम उसे बचा सकते थे।”
112 से आया कॉल और मुआवजे की बात
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के अगले दिन भी उसे 112 से कॉल आया और पूछा गया कि युवक जिंदा है या मर गया। उसने जवाब दिया कि हर जगह खबर चल रही है कि उसकी मौत हो चुकी है। 112 की ओर से कहा गया कि मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
पुलिसकर्मी की कोशिश और पिता की मौजूदगी
चश्मदीद ने बताया कि एक पुलिसकर्मी जिसका नाम सुल्तान था, उसने अंदर जाने की कोशिश की लेकिन वह भी वापस आ गया। उसने कहा कि उस पुलिसकर्मी की आवाज ज़िंदगी भर उसके कानों में गूंजती रहेगी। चश्मदीद ने यह भी बताया कि जब युवराज के पिता मौके पर पहुंचे तब तक उनका बेटा जिंदा था। उसके मुताबिक, करीब 3:30 बजे तक युवराज जीवित था।
हादसे की वजह: घना कोहरा और सुरक्षा की कमी
यह घटना रविवार रात हुई थी जब घने कोहरे के कारण एक कार अनियंत्रित होकर सीधे 20 फुट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी थी। इस लापरवाही के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
पुलिस ने इस मामले में दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मृतक युवराज मेहता सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में रहते थे और गुरुग्राम की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। हादसे के समय वह काम से घर लौट रहे थे।
(प्रस्तुति -त्रिपाठी पारिजात)



