Rampur Files: रामपुर की मस्जिद में माँ, बेटी और बहन के साथ बलात्कार फिर उसकी हत्या, परिवार के दर्जनों लोगों की हत्या..जिन मौलानाओं को घर में शरण दी, वही बन गए हैवान..
रामपुर की मस्जिद में होते हैं रेप और मर्डर ..एक नहीं अनेक..एक बार नहीं अनेक बार..
यशोदा की माँ का बलात्कार, माँ का सामूहिक बलात्कार, दर्जनों मौलानाओं/मौलवियों और उनके गुंडों द्वारा यशोदा की माँ का बलात्कार, मस्जिद में बंधक बनाकर सालों तक सामूहिक बलात्कार।
यशोदा की छोटी बहन के साथ बलात्कार और हत्या। मामा की लाश पड़ी है, शरीर को गोलियों से छलनी कर दिया गया है और मामा की लाश के बगल में माँ को लिटाकर बलात्कार।
यशोदा का बलात्कार, छाती को नोंच डाला गया, प्राइवेट पार्ट्स में बंदूक की नली घुसेड़ दी गई, परिवार के एक दर्जन से ज्यादा सदस्य या तो मार दिए गए या गायब कर दिए गए।
यह कोई फिल्म या उपन्यास की कहानी नहीं है बल्कि यह खौफनाक, दर्दनाक और बर्बर अत्याचारों की कहानी है उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की रहने वाली पीड़िता और उसके परिवार की, जिस पर मस्जिद के मौलानाओं, मौलवियों, इमामों और उनके गुंडों ने जिहादी अत्याचारों की सारी हदें पार कर दीं। यशोदा के पूरे परिवार का धर्म बदलवाया गया, घर की महिलाओं का बलात्कार किया गया, पीड़िता की माँ से रेप किया गया, बच्चियाँ पैदा हुईं तो उन्हें बेच दिया गया।
यह उन मौलानाओं के गैंग द्वारा किया गया जो मस्जिद में धर्म की शिक्षा देते रहे हैं, अमन, मोहब्बत और भाईचारे की बातें करते रहे हैं। यह दर्दनाक आपबीती स्वस्तिक सहारा खुद नहीं बता रहा है बल्कि पीड़िता यशोदा ने स्वस्तिक सहारा सहित कई मीडिया वालों को बताई है। अगर यशोदा पर जिहादी अत्याचारों की यह दास्ताँ सुनकर आपकी आँखों से आँसू नहीं निकल रहे हैं, अगर इसे सुनकर आपका खून नहीं खौल रहा है तो समझ लेना कि या तो आपकी रगों में भारतमाता का खून नहीं है या फिर आप बंजर हो चुके हैं।

यशोदा और उसके परिवार पर जिहादी अत्याचारों का यह सिलसिला 1992 के उस वर्ष से शुरू होता है, जब श्रीराम मंदिर आंदोलन जोर पकड़ रहा था और बाबरी ढाँचा गिरा दिया गया था। बाबरी विध्वंस के बाद कुछ इस्लामिक लोग जाकिर अली और इरफान, यशोदा के नाना के पास शरण माँगने आए जो अपने इलाके के जमींदार और अमीर खानदान से थे। उन्होंने उन इस्लामिक लोगों को अपने घर में शरण दे दी। उसके बाद वही हुआ जो ये कट्टर इस्लामिक लोग सदियों से करते आ रहे हैं।

जिस परिवार ने इन्हें शरण दी, उसी परिवार को जिहादी जाल में फँसा लिया। पीड़िता के नाना और पूरे परिवार का धर्म बदलवा दिया गया, उन्हें मुसलमान बना दिया। पीड़िता के नाना के घर में भोलेनाथ मंदिर बना हुआ था, जिसे तोड़ डाला गया, शिवलिंग को तबाह कर दिया गया, वहाँ मस्जिद बना दी गई और इसके बाद शुरू हुआ सामूहिक बलात्कार और हत्याओं का जिहादी खेल, जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएँगे।

पीड़िता यशोदा ने किसी तरह स्वस्तिक सहारा के प्रधान संपादक विजय पाठक से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई। विजय पाठक ने पीड़िता की आपबीती को सोशल मीडिया X (ट्विटर) पर पोस्ट किया और रामपुर पुलिस से जाँच कर कार्रवाई की माँग की। इस दौरान पीड़िता ने जो खुलासे किए, वो दिल दहलाने वाले थे।
(प्रस्तुति -त्रिपाठी पारिजात)
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