Wednesday, March 18, 2026
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Storm Shadow Missile: बंकर फोड़ देती है ये ब्रिटेन की घातक मिसाइल – अब दहलायेगी ईरान का दिल

Storm Shadow Missile: बंकर चीरने वाली ब्रिटेन की घातक हथियार तकनीक, रूस-यूक्रेन युद्ध में बना गेम-चेंजर

Storm Shadow Missile: बंकर चीरने वाली ब्रिटेन की घातक हथियार तकनीक, रूस-यूक्रेन युद्ध में बना गेम-चेंजर

युद्ध के मैदान में जब मौत आसमान से उतरती है तो उसकी आहट भी सुनाई नहीं देती। ब्रिटेन की स्टॉर्म शैडो मिसाइल रूस-यूक्रेन युद्ध में वही अदृश्य काल बन चुकी है। यह मिसाइल रडार को चकमा देकर दुश्मन के सबसे सुरक्षित बंकरों तक पहुँच जाती है और फिर ऐसा धमाका करती है कि कंक्रीट की मोटी दीवारें भी कागज की तरह फट जाती हैं।

हाल ही में यूक्रेन ने इस मिसाइल का इस्तेमाल कर रूस के ब्रांस्क शहर में स्थित मिसाइल प्लांट को निशाना बनाया। दावा है कि इस हमले में भारी नुकसान हुआ। रूस ने दो मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन नुकसान और जनहानि ने यह साबित कर दिया कि स्टॉर्म शैडो अब रूस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुकी है।

स्टॉर्म शैडो: तकनीक और ताकत का संगम

स्टॉर्म शैडो एक लॉन्ग-रेंज एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल है। इसे खासतौर पर दुश्मन के सुरक्षित बंकरों, रडार ठिकानों और महत्वपूर्ण सैन्य ढांचे को तबाह करने के लिए डिजाइन किया गया है।

मारक क्षमता और रेंज

यह मिसाइल 250 से 560 किलोमीटर तक वार कर सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह बेहद कम ऊँचाई पर उड़ती है। जमीन के करीब उड़ने के कारण दुश्मन के रडार इसे पकड़ नहीं पाते।

पेलोड और विनाशक शक्ति

इसमें 450 किलोग्राम का ब्रोच वॉरहेड होता है। यह दो चरणों में काम करता है—पहले बंकर या कंक्रीट की दीवार को तोड़ता है और फिर अंदर जाकर बड़ा धमाका करता है। यही वजह है कि इसे मजबूत सैन्य ठिकानों के लिए काल माना जाता है।

दागो और भूल जाओ तकनीक

इसे लॉन्च करने के बाद किसी गाइडेंस की जरूरत नहीं होती। यह जीपीएस, इनर्शियल नेविगेशन और टेरेन रेफरेंसिंग तकनीक से खुद लक्ष्य तक पहुँच जाती है। हमले के आखिरी क्षण में यह इंफ्रारेड कैमरा खोलती है और लक्ष्य की सटीक पहचान कर हमला करती है।

प्रमुख विशेषताएं

(विशेषता)         (विवरण)
मिसाइल का प्रकार लॉन्ग-रेंज क्रूज मिसाइल (Air-launched)
रेंज 250 से 560 किलोमीटर
रफ़्तार मच 0.8 (करीब 1000 किमी/घंटा)
वॉरहेड 450 किग्रा ब्रोच कंक्रीट पियर्सिंग
लागत लगभग 21 करोड़ रुपये प्रति यूनिट
तकनीक स्टेल्थ और ‘फायर एंड फॉरगेट’ गाइडेंस
निर्माता MBDA (यूके और फ्रांस)

स्टॉर्म शैडो बनाम अन्य मिसाइलें

रूस की कैलिबर मिसाइल: इसकी रेंज 2000 किमी से ज्यादा है, लेकिन स्टॉर्म शैडो की सटीकता और बंकर भेदने की क्षमता इसे खास बनाती है।

अमेरिका की ATACMS: यह जमीन से लॉन्च होती है, जबकि स्टॉर्म शैडो विमान से छोड़ी जाती है। विमान से छोड़े जाने के कारण इसे गति और ऊँचाई का अतिरिक्त लाभ मिलता है।

रणनीतिक विश्लेषण

ब्रांस्क में हुआ हमला यह साबित करता है कि यूक्रेन अब रूस की सीमा के भीतर गहराई तक वार करने में सक्षम है।

रूस की चिंता: रूस ने दावा किया कि उसने दो मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन 6 नागरिकों की मौत और 42 घायल होने की खबर इसकी भयावहता को दिखाती है।

महंगा सौदा: करीब $2.5 मिलियन की लागत वाली यह मिसाइल केवल हाई-वैल्यू टारगेट्स के लिए इस्तेमाल की जाती है।

नाटो की भूमिका: ब्रिटेन द्वारा इन मिसाइलों की आपूर्ति ने रूस को सीधे नाटो के खिलाफ खड़ा कर दिया है, जिससे युद्ध और भड़कने का खतरा बढ़ गया है।

रूस की प्रतिक्रिया

रूस ने दावा किया है कि उसने स्टॉर्म शैडो मिसाइलों को पाताल में दफना दिया है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मिसाइल रूस की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगातार चुनौती बनी रहेगी। इसकी स्टेल्थ तकनीक और बंकर भेदने की क्षमता रूस की रक्षा प्रणाली को कमजोर कर रही है।

युद्ध में गेम-चेंजर

स्टॉर्म शैडो मिसाइल ने रूस-यूक्रेन युद्ध की दिशा बदल दी है। यह सिर्फ एक हथियार नहीं बल्कि तकनीक और रणनीति का ऐसा संगम है जिसने रूस को अपनी सीमाओं के भीतर असुरक्षित महसूस कराया है।

स्टॉर्म शैडो मिसाइल ने साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल ताकत से नहीं बल्कि तकनीक और सटीकता से जीते जाते हैं। ब्रिटेन की यह मिसाइल रूस-यूक्रेन युद्ध में एक गेम-चेंजर बन चुकी है। इसकी कीमत भले ही करोड़ों में हो, लेकिन इसका असर युद्ध की दिशा तय करने वाला है।

(अर्चना शैरी)

 

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