Tuesday, February 10, 2026
Google search engine
Homeक्रिकेटVaibhav Suryavanshi: दुनिया में क्रिकेट की सुपरपावर बन रहा है भारत

Vaibhav Suryavanshi: दुनिया में क्रिकेट की सुपरपावर बन रहा है भारत

Vaibhav Suryavanshi:  भारत की क्षमता हर मैदान में नजर आने लगी है - अब रेल हो या खेल हम किसी से पीछे नहीं हैं - मगर बात क्रिकेट की हो तो हम से आगे कोई नहीं है..

Vaibhav Suryavanshi:  भारत की क्षमता हर मैदान में नजर आने लगी है – अब रेल हो या खेल हम किसी से पीछे नहीं हैं – मगर बात क्रिकेट की हो तो हम से आगे कोई नहीं है..

बात सिर्फ पैसे की नहीं बुद्धि की होती है।

एक समय था ऑस्ट्रेलिया ने लगातार, बार-बार इतने बढ़िया क्रिकेट प्लेयर्स बनाए थे कि वह लगातार 3 बार, यानी 12 साल तक क्रिकेट वर्ल्ड कप जीत गए थे। वो दौर भारतीय क्रिकेट के लिए सबक का दौर था।

आकाश चोपड़ा ने बताया था कि हमारे पास प्रापर बॉल खरीदने के भी पैसे नहीं होते थे। दौर वो भी था कि एक सुनील गावस्कर या एक कपिल देव या एक सचिन तेंडुलकर के भरोसे टीम चला करती थी।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अपनी इन सारी गलतियों ऐसा सीखा कि आज पैसे की तो आप बात ही छोड़ दो, एक के बाद एक ज़ोरदार प्लेयर्स निकालने में भी हमारा कोई जवाब नहीं रहा। और बात सिर्फ बढ़िया क्वालिटी प्लेयर्स की ही नहीं, इंडियन क्रिकेट टीम ने प्लेयर्स की स्टार वैल्यू को भी समझा और देखिए फिर क्या दनादन स्टार्स देने शुरु किये।

जब सचिन थे, तभी कोहली आ चुका था, माही भाई और युवराज सिंह स्टार बन चुके थे। कोहली स्टार भाई आगे चल स्टार बने। फिर रोहित साथ-साथ स्टार बन गए। इसके बाद एक बौलर को भी स्टार बनने का मौका मिला, हमारी टीम में बुमराह आ चुका था। फिर हार्दिक पाण्ड्या अपने आप में मैच विनर और स्टार है।

आज तो ऐसी प्रतिस्पर्धा है कि अभिषेक शर्मा अलग बवाल काटे है, सूर्य भले स्टार न हो पर मैच विनर है, ईशान किशन एक अलग मैच विनर हैं। शुभमन गिल को जबरन स्टार बनाने की कोशिश न की होती तो अबतक दो लौंडे और तैयार हो चुके होते।

अब मैं अन्डर19 में 15-16 साल के वैभव सूर्यवंशी को देख रहा हूँ। इसने वर्ल्ड कप फाइनल में 55 बॉल के अंदर-अंदर सैंकड़ा मार दिया। फिर नमस्ते की, धन्यवाद किया और जितनी देर में मैंने ये लेख लिखा, लड़का डेढ़ सौ पर पहुँच गया।

बीते 20 सालों में भारतीय क्रिकेट और पाकिस्तानी क्रिकेट के बीच ये बड़ा फ़र्क देखने को मिलता है। एक समय पाकी टीम भी बहुत खतरनाक हुआ करती थी, लेकिन वहाँ कभी नई पौध को ट्रेन करने, उन्हें स्टार बनाने में पैसा नहीं लगाया गया। शाहिद अफ़्रीदी आदि स्टार थे भी, तो वो सारा पैसा अपने तक ही समेटकर कट लिए और आज हाल देखिए, अगर पाकिस्तान नीदरलैंड से हार गई तो पहले ही मैच में वर्ल्ड कप से बाहर हो जायेगी।

वहीं भारतीय क्रिकेट में हर फॉर्मैट की कम से कम 2 टीम तो तैयार चल रही हैं। टी20 में तो तीन टीम भी निकल आयें तो कोई बड़ी बात नहीं।

बहरहाल, वैभव सूर्यवंशी की आज की पारी यादगार रहेगी। ये कोई नेपाल या पाकिस्तान के साथ मैच नहीं था कि जितना चाहे कूट लो, इंग्लैंड की वर्ल्ड ककप फाइनल में पहुँची टीम बोलिंग कर रही है और भारतीय टीम मात्र 25 ओवर में 250 रन बना चुकी है। अभी 25 ओवर का खेल बाक़ी था। और फिर अन्डर नाइन्टीन की इस टीम इन्डिया ने बना डाला सबसे बड़ा स्कोर -400 रनों का। अद्भुत है ये।

अब जिस क्रिकेट बोर्ड के पास ऐसे धुरंधर खिलाड़ी हों उसके पास रुपये पैसे की क्या कमी होगी? और जिसके पास रुपये पैसे की कमी नहीं, उसको मनमानी करने से भला कौन पीसीबी या बीसीबी का फॉर्टीन रोक पायेगा?

(सिद्धार्थ अरोड़ा)

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments