Wednesday, March 4, 2026
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Vaibhav Suryavanshi: भारतीय अंडर-19 टीम को मिला धुरंधर कप्तान – भारतीय क्रिकेट का भावी सुपरस्टार

Vaibhav Suryavanshi: 14 साल की उम्र में भारतीय अंडर-19 टीम की कमान संभालने वाले वैभव सूर्यवंशी: क्रिकेट जगत का सबसे अनोखा और अभूतपूर्व सितारा..

Vaibhav Suryavanshi: 14 साल की उम्र में भारतीय अंडर-19 टीम की कमान संभालने वाले वैभव सूर्यवंशी: क्रिकेट जगत का सबसे अनोखा और अभूतपूर्व सितारा..

जब कोई 14 साल का बच्चा स्कूल की टीम में जगह बनाने का सपना देखता है, उसी उम्र में वैभव सूर्यवंशी भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान बन चुके हैं। यह सिर्फ एक चयन नहीं, बल्कि उनके असाधारण बल्लेबाज़ी सामर्थ्य पर भारतीय क्रिकेट की आधिकारिक मुहर है।

बिहार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों तक पहुँचने वाला यह किशोर अब दक्षिण अफ्रीका दौरे पर तीन मैचों की श्रृंखला में भारतीय अंडर-19 टीम का नेतृत्व करेगा। यह सीरीज़ ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले 50 ओवर के अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले अंतिम तैयारी मानी जा रही है।

रिकॉर्ड बनाना जिनकी आदत बन चुका है

महज 13 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी आईपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र में बिकने वाले खिलाड़ी बने। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें ₹1.1 करोड़ में खरीदा और इसके बाद उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे सिर्फ एक “नॉवेल्टी पिक” नहीं, बल्कि क्रिकेट का भविष्य हैं।

अपने आईपीएल डेब्यू में उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर संकेत दे दिया कि वे किस मिट्टी के बने हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 20 गेंदों में 34 रन की विस्फोटक पारी के बाद उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ केवल 35 गेंदों में शतक ठोककर इतिहास रच दिया — और टी20 क्रिकेट के सबसे युवा शतकवीर बन गए।

आंकड़े जो कल्पना से भी आगे हैं

वैभव के आंकड़े किसी अनुभवी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जैसे दिखते हैं:

वनडे फॉर्मेट: 7 मैच – औसत 46 | स्ट्राइक रेट 157.83

टी20 क्रिकेट: 18 पारियां – औसत 41.23 / स्ट्राइक रेट 204.37/ 3 शतक / सर्वोच्च स्कोर 144

विजय हज़ारे ट्रॉफी: अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 190 रन – टूर्नामेंट इतिहास के सबसे युवा शतकवीर

ये आंकड़े बताते हैं कि क्रिकेट का भविष्य अब वर्तमान बन चुका है।

 क्यों मिले कप्तानी के सितारे?

नियमित कप्तान आयुष म्हात्रे और उपकप्तान विहान मल्होत्रा कलाई की चोट के कारण फिलहाल बाहर हैं। इस वजह से वैभव सूर्यवंशी को टीम की बागडोर सौंपी गई — लेकिन चयन सिर्फ मजबूरी नहीं, बल्कि उनके असाधारण प्रदर्शन की स्वीकृति है।

उनकी कप्तानी को लेकर टीम में कोई असमंजस नहीं, क्योंकि वह ‘बराबरी वालों में भी पहले’ हैं।

असामान्य बचपन, असाधारण भविष्य

वैभव का बचपन साधारण नहीं होगा — उनका रास्ता सीधा क्रिकेट के शिखर तक जाता दिख रहा है। यदि किस्मत ने साथ दिया और उन्होंने संतुलन बनाए रखा, तो वे आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सुपरस्टार बन सकते हैं।

उनके सिर पर अब एक और सुनहरी उपलब्धि जुड़ चुकी है -भारत की अंडर-19 टीम की कप्तानी।और यह महज़ शुरुआत है।

(प्रस्तुति -त्रिपाठी पारिजात)

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