India अब दुनिया की 4th आर्थिक महाशक्ति बन गया !! India ने रचा आर्थिक इतिहास: जापान को पछाड़कर बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, वैश्विक ताकत के रूप में उभरा इंडिया..
वैश्विक आर्थिक मंच पर भारत ने एक और ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए दुनिया को चौंका दिया है। तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, स्थिर घरेलू खपत और निवेश के दम पर भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था का कुल आकार अब 4.18 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर चुका है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब कई विकसित देश मंदी, कर्ज संकट और वैश्विक अस्थिरता से जूझ रहे हैं। इसके विपरीत, भारत निरंतर आर्थिक मजबूती का प्रदर्शन करते हुए वैश्विक शक्ति संतुलन में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है।
चौथे पायदान पर पहुंचा भारत, बदला वैश्विक आर्थिक समीकरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में शानदार आर्थिक प्रगति दर्ज की है। देश की निरंतर बढ़ती विकास दर, सुदृढ़ घरेलू बाजार और उद्योगों में बढ़ते निवेश ने भारत को जापान से आगे निकाल दिया है।
अमेरिका पहले स्थान पर, चीन दूसरे स्थान पर और जर्मनी तीसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि अब भारत चौथे पायदान पर मजबूती से काबिज हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत की यह रफ्तार और भी तेज हो सकती है।
तेज़ GDP ग्रोथ ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो पिछली तिमाही के 7.8 प्रतिशत और उससे पहले की 7.4 प्रतिशत वृद्धि दर से कहीं अधिक है। यह आंकड़ा बीते छह तिमाहियों में सबसे तेज़ वृद्धि माना जा रहा है।
घरेलू खपत में मजबूती, निजी निवेश में वृद्धि, सेवा क्षेत्र की बेहतर परफॉर्मेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार ने देश की आर्थिक गति को नया बल दिया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद भारत की आंतरिक मजबूती अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है।
वैश्विक संस्थानों ने भी मानी भारत की ताकत
भारत की आर्थिक स्थिरता और तेज़ी को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी खुले तौर पर स्वीकार किया है।
विश्व बैंक ने 2026 में भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। मूडीज का कहना है कि भारत 2026 में 6.4 प्रतिशत और 2027 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए जी-20 देशों में सबसे तेज़ी से उभरने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 2025 के लिए भारत की ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत और 2026 के लिए 6.2 प्रतिशत कर दिया है।
2030 तक तीसरे नंबर पर पहुंचने की मजबूत तैयारी
सरकारी और निजी संस्थानों के अनुमानों के मुताबिक, अगर यही रफ्तार बनी रही तो भारत की जीडीपी 2030 तक 7.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है। ऐसे में भारत के जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की पूरी संभावना है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की युवा जनसंख्या, डिजिटल इकोनॉमी का विस्तार, बढ़ता उपभोक्ता वर्ग और मजबूत सरकारी नीतियां देश को आने वाले दशक में एक नई वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर सकती हैं।
(प्रस्तुति -त्रिपाठी पारिजात)



