India-Sri Lanka Military Exercise: भारत-श्रीलंका ‘मित्र शक्ति’ सैन्य अभ्यास: जंगल वारफेयर, सांपों से निपटने की ट्रेनिंग और हाई-इंटेंसिटी ड्रिल्स से बढ़ी ताक़त..
भारत और श्रीलंका की सेनाएँ इन दिनों बेलगावी में चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ में भाग ले रही हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के सैनिकों को आधुनिक युद्धकला, जंगल वारफेयर और कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की तकनीकों से परिचित कराना है।
कठिन चुनौतियों का सामना
अभ्यास के दौरान सैनिकों ने जहरीले सांपों से निपटने, मानसिक मजबूती बढ़ाने, फिटनेस ड्रिल्स करने और हेलिकॉप्टर से ऑपरेशनल जोन में उतरने जैसी चुनौतियों का सामना किया। जंगल वारफेयर में सांपों से निपटने का प्रशिक्षण बेहद उपयोगी साबित होता है।
शारीरिक और मानसिक मजबूती
भारत के फॉरेन ट्रेनिंग नोड, बेलगावी में हो रही इस ट्रेनिंग में कठोर शारीरिक गतिविधियाँ और विविध सैन्य अभ्यास शामिल हैं। हाई-इंटेंसिटी फिटनेस ड्रिल्स, स्ट्रेचिंग और योग सत्रों ने सैनिकों की शारीरिक क्षमता, मानसिक संतुलन और परस्पर तालमेल को मजबूत किया। सेना के अनुसार, इन गतिविधियों ने अनुशासन, टीम भावना और संयुक्त दलों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा दिया।
तकनीकी अभ्यास
अभ्यास में हेलिबोर्न इंसर्शन ड्रिल्स भी की गईं, जिनमें सैनिकों ने हेलिकॉप्टर से ऑपरेशनल जोन में उतरने की प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों का अभ्यास किया। यह आतंकवाद-रोधी अभियानों और त्वरित प्रतिक्रिया मिशनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा रोड ओपनिंग, कैजुअल्टी इवैक्यूएशन, कॉम्बैट मेडिकल स्किल्स, रियल-टाइम ड्रोन हैंडलिंग और निगरानी जैसी एक्सरसाइज भी की गईं।
श्रीलंका सेना की प्रस्तुति
अभ्यास के दौरान श्रीलंका सेना ने ऑपरेशन इंड्रा सेरा पर विशेष प्रस्तुति दी। इसमें ऑपरेशन की पृष्ठभूमि, रणनीतियाँ, छोटे दलों की भूमिका और पहचान व निराकरण तकनीक शामिल थीं। विशेषज्ञों ने इन विषयों पर विस्तृत चर्चा की, जिससे वास्तविक अभियानों से मिली सीख का आदान-प्रदान हुआ।
जंगल में जीवित रहने की कला
सर्वाइवल ट्रेनिंग में सैनिकों को जंगल में जीवित रहने की कला सिखाई गई। इसमें जहरीले सांपों से निपटना, अस्थायी आश्रय निर्माण और ट्रैप डेमोंस्ट्रेशन शामिल रहे। सैनिकों को सांप पकड़ने के तरीकों, जीवनरक्षक व्याख्यान और कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साहस और मनोवैज्ञानिक मजबूती परखने के लिए लिडो जंप गतिविधि भी आयोजित की गई।
मिशन रेडीनेस और सहयोग
अभ्यास के दौरान संयुक्त लाइव फायरिंग भी की गई, जिससे मिशन रेडीनेस और हथियार प्रवीणता में बढ़ोतरी हुई। इस गहन प्रशिक्षण ने भारत और श्रीलंका के सैनिकों की पेशेवर क्षमताओं, सहयोग और मिलिट्री डिप्लोमेसी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
‘मित्र शक्ति’ अभ्यास लगातार दोनों देशों के बीच शांति-निर्माण, क्षेत्रीय स्थिरता और आपदा प्रतिक्रिया सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
(न्यूज़ हिन्दू ग्लोबल ब्यूरो)



