Sunil Grover: जब भी कोई कहे कि AI आने वाले समय में हमारी जॉब्स खा जायेगा, तब उसे सुनील ग्रोवर की परफॉरमेंस दिखा देना दोस्तों!..
मतलब क्या ही कमाल आदमी है ये! जब सलमान बना तो सलमान से ज़्यादा भाई लगा। फिर गुलज़ार साहब बना तो ऐसी कमाल डिग्निटी मेंटेन करते हुए बना कि हँसी और हैरानी एक साथ होने लगी। यही हाल तब भी था जब सुनील को खली बनाया गया था। अद्भुत मिमिक्री और बॉडी लैंग्वेज थी।
पर इन सबसे ऊपर, सबसे कठिन, सबसे खास मेरे लिए कादर खान परफॉरमेंस है। कोई सपने में भी नहीं सोच सकता था कि द
लेजेंडरी कादर खान साहब की भी मिमिक्री हो सकती है। हैट्स ऑफ है भाईलोग। कपिल शर्मा शो का लाइफ-सेवर हनुमान जी है ये व्यक्ति।
पर जितनी तारीफ़ सुनील ग्रोवर की हो रही है, उसकी दस टका उन राइटर्स की भी होनी चाहिए जिन्होंने ऐसे कमाल संवाद और सीन लिखे हैं। इनमें सबसे पहला नाम हेड ऑफ कंटेन्ट हीरा अरोड़ा का है। इसके बाद लीड राइटर लखबरी लहरी हैं।
सीनियर्स में अनुगम गोस्वामी, अभिषेक भट्ट, दिग्विजय सिंह और कभी मेरे मित्र रहे रफ़ी वारसी भी हैं।
नए राइटर्स में पार्थ चावला, डिम्पी पाठक, अंकुश कुमार, कलमुद्दीन अंसारी, विभोर चौधरी और अनुग्रह शर्मा भी हैं।
फिल्म्स के राइटर्स तो फिर भी वहावाही पा लेते हैं पर सीरीअल या रीऐलिटी शो के राइटर्स बिचारे भले ही लाखों-करोड़ों कमा लें, पर नाम शायद ही कोई याद रख पाता है। पर इनके बिना ये पंचलाइंस, ये एक्ट और कई बार तो शायरी और गाने भी अधूरे हैं।
इन्हीं की तरह जावेद खान, अकबर शेख, करीम खान, जयदीप गनोजे और नितिन गाइकर जैसे मेकअप आर्टिस्ट्स की भी तारीफ़ बनती है जो सुनील ग्रोवर को ऐसे अद्भुत और इम्पॉसिबल किरदारों में ढलने में सहायता करते हैं।
इन डार्क नाइट्स की भी तारीफ़ होनी चाहिए दोस्तों।
बाक़ी सुनील भाईजी तो सुपरमैन है ही, उनकी तरीफ़ मतलब सूर्य को दीया दिखाना।
(सिद्धार्थ अरोड़ा सहर)



