Tuesday, May 19, 2026
Google search engine
Homeउत्तर प्रदेशYogi Raaj: कानपुर से अयोध्या 187km की यात्रा डेढ़ घंटे में -...

Yogi Raaj: कानपुर से अयोध्या 187km की यात्रा डेढ़ घंटे में – सीएम योगी ने कर ली रैपिड रेल की तैयारी – ₹32000 Cr खर्चेगी सरकार

Yogi Raaj: कानपुर से अयोध्या तक 187km का सफर अब 90 मिनट में होगा पूरा, UP SCR में रैपिड रेल चलाने की तैयारी: योगी सरकार खर्च करेगी ₹32000 करोड़, जानिये डिटेल्स..

Yogi Raaj: कानपुर से अयोध्या तक 187km का सफर अब 90 मिनट में होगा पूरा, UP SCR में रैपिड रेल चलाने की तैयारी: योगी सरकार खर्च करेगी ₹32000 करोड़, जानिये डिटेल्स..

योगी सरकार का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान : 32 हजार करोड़ की लागत से 187 किमी लंबा नमो भारत कॉरिडोर

उत्तर प्रदेश में अब दिल्ली-NCR की तर्ज पर हाईस्पीड कनेक्टिविटी का नया दौर शुरू होने जा रहा है। प्रदेश की योगी सरकार राज्य राजधानी क्षेत्र (UP-SCR) को आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।
इसके तहत कानपुर, उन्नाव, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ने वाला नमो भारत कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जहाँ 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रैपिड रेल दौड़ेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य सिर्फ यात्रा को तेज बनाना नहीं, बल्कि पूरे मध्य उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और रीयल एस्टेट सेक्टर को नई रफ्तार देना भी है।

कानपुर से अयोध्या तक हाईस्पीड सफर

प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 187 किलोमीटर होगी। इसके शुरू होने के बाद कानपुर से अयोध्या की दूरी महज 90 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जबकि कानपुर से लखनऊ का सफर केवल 40 मिनट में तय होगा। परियोजना को दो चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
पहले चरण में कानपुर के नयागंज से लखनऊ के अमौसी तक करीब 67 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम होगा। इसके बाद दूसरे चरण में कॉरिडोर को बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक बढ़ाया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 32 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

12 स्टेशन बनेंगे विकास के नए केंद्र

इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें नयागंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुषांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भितरिया और अयोध्या शामिल हैं। इन स्टेशनों को केवल रेलवे ठहराव के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा।

अमौसी स्टेशन को एयरपोर्ट से जोड़ते हुए एयरोहब बनाया जाएगा, जबकि बंथरा को इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। उन्नाव और भितरिया में लॉजिस्टिक्स हब तैयार होंगे, वहीं नवाबगंज और अयोध्या को पर्यटन और धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

लखनऊ बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज हब

दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन की तर्ज पर लखनऊ को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य रीजनल इंटरचेंज हब बनाया जाएगा। इससे कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी और अयोध्या के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

नौकरीपेशा लोग, छात्र और व्यापारी कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक पहुँच सकेंगे। इसके साथ ही मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि रेलवे, मेट्रो, बस और एयरपोर्ट नेटवर्क को एक साथ जोड़ा जा सके।
धार्मिक पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद वहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नमो भारत कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन को नई गति देगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के स्टेट कैपिटल रीजन की रीढ़ साबित होगी। इसके जरिए लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली और अयोध्या जैसे प्रमुख जिलों के बीच आर्थिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ेंगी।

स्टेशनों के आसपास नई टाउनशिप, व्यापारिक केंद्र और औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण में हुई बैठक में सलाहकार एजेंसी ने इस परियोजना का प्रारंभिक खाका सरकार के सामने रखा है और अब इसे जल्द कैबिनेट मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

(त्रिपाठी पारिजात)

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments