Love Jihad: जिम में प्यार, फिर धर्म परिवर्तन और करोड़ों की लूट! शामली के आयुष की कहानी जो रोंगटे खड़े कर देगी”
शामली में दवा व्यापारी के बेटे आयुष मलिक को जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर ‘मोहम्मद अली’ बना दिया। पाकिस्तानी कनेक्शन, ब्रेनवॉश और करोड़ों की संपत्ति हड़पने की इस खौफनाक साजिश का पूरा सच पढ़िए।
यूपी के शामली से एक ऐसी खबर आई है जो पढ़कर दिल दहल जाता है। एक पढ़ा-लिखा लड़का, बी-फार्मा किया हुआ, अपना मेडिकल स्टोर चलाता था। घर में अकेला बेटा था — माँ-बाप की आँखों का तारा। और उसके साथ क्या हुआ? जिम में गया फिटनेस के लिए, और पाँच साल बाद उसका नाम, धर्म, कपड़े, सब कुछ बदल दिया गया। पूरी की पूरी जिंदगी ही पलट दी गई।
पहले जिम, फिर प्यार, फिर जाल
आयुष मलिक — 27 साल का, शामली के नामी दवा व्यापारी देवराज मलिक का इकलौता बेटा। कुछ साल पहले उसने अपनी फिटनेस के लिए एक लोकल जिम जॉइन की जिसका नाम था “कुरैशी प्लस”। वहाँ उसकी मुलाकात हुई 25 साल की चांदनी कुरैशी से — जो वहाँ जिम ट्रेनर थी।
शुरू में सब ठीक-ठाक लगा। बातें हुईं, दोस्ती हुई और धीरे-धीरे प्यार हो गया। या शायद “प्यार दिखाया गया”। क्योंकि जो जाँच में सामने आया है, उसे सुनकर रूह काँप जाती है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा खेल एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। प्यार असली नहीं था — बल्कि एक ट्रैप था।
चुपके से निकाह, चुपके से नाम बदला
पीड़ित पिता देवराज मलिक का कहना है कि करीब चार साल पहले ही चांदनी के परिवार ने आयुष से चोरी-छिपे निकाहनामा पढ़वा लिया था। आयुष को यह भी ठीक से पता नहीं था कि वह क्या साइन कर रहा है, क्या पढ़ रहा है। उसके बाद उसका नाम बदला गया — पहले “उस्मान अंसारी” और फिर “रहमान”।
धीरे-धीरे बदलाव आने लगे। आयुष ने दाढ़ी बढ़ानी शुरू कर दी। टोपी पहनने लगा। कुर्ता-पायजामा उसकी रोज़ की ड्रेस बन गई। वो मेडिकल स्टोर पर इसी हुलिए में बैठने लगा। सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई जिसमें वो मस्जिद के अंदर नमाज पढ़ रहा है। यह देखकर हिंदू संगठन भड़क उठे और जिम ट्रेनर के घर के बाहर धरने की चेतावनी देने लगे।
घरवालों को भी धमकी — “इस्लाम कबूल करो वरना…”
यह मामला सिर्फ एक लड़के के धर्म परिवर्तन तक नहीं रुका। देवराज मलिक का आरोप है कि आरोपियों ने पूरे परिवार पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब परिवार ने मना किया, साफ इनकार किया — तो धमकियाँ आने लगीं। जान से मारने तक की धमकी दी गई।
देवराज जी ने बताया कि वो और उनकी पत्नी रोज सुबह-शाम हनुमान मंदिर जाते हैं। उनका धर्म उनकी पहचान है। लेकिन उनके बेटे को डराकर, बहलाकर यह सब कराया गया।
पाँच साल से कमाई भी हड़पते रहे
और यह सब करते-करते पाँच साल तक आयुष की पूरी कमाई भी ये लोग हड़पते रहे। उसका मेडिकल स्टोर चलता था — वो पैसे कहाँ जाते थे, किसे जाते थे, यह जाँच का विषय है। FIR में साफ लिखा गया है कि आरोपियों ने मोटी रकम भी ऐंठी।
पाकिस्तानी कनेक्शन — सबसे चौंकाने वाला खुलासा
अब आते हैं उस हिस्से पर जिसने पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों दोनों को हिला दिया। जाँच में पता चला कि आयुष का ब्रेनवॉश करने के लिए एक डिजिटल षड्यंत्र रचा गया था।
आरोपियों ने आयुष के मोबाइल पर पाकिस्तान के कट्टरपंथी इस्लामिक वक्ता डॉ. इसरार अहमद का यूट्यूब चैनल लॉगिन कराया। रोज़ उसे उनकी तकरीरें सुनाई जाती थीं। विवादित भाषण दिखाए जाते थे। लगातार। हफ्तों, महीनों तक। जब तक आयुष का पूरा नज़रिया ही बदल न गया।
यह कोई अचानक हुई बात नहीं थी। यह एक प्लान था — सोचा-समझा, धीरे-धीरे चलाया गया। पहले प्यार का जाल, फिर धर्म का दबाव, फिर डिजिटल ब्रेनवॉश। यह सब एक के बाद एक होता रहा और परिवार को पता ही नहीं चला।
3 मौलवी, 10 आरोपी — FIR दर्ज
देवराज मलिक ने शनिवार की देर शाम सदर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने एक्शन लेने में देर नहीं की। मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया।
कुल 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है — इनमें तीन मौलवी भी शामिल हैं। एक मौलवी का नाम आया है मुनव्वर — जो आज़ाद चौक स्थित कादियाँ मस्जिद के पास रहते हैं। दो और अज्ञात मौलवी भी जाँच के दायरे में हैं। चांदनी का एक भाई और बहन अभी फरार हैं।
SIT गठित, दिल्ली-मुंबई तक पहुँचेगी जाँच
शामली के एसपी एनपी सिंह ने मामले की गंभीरता देखते हुए SIT का गठन कर दिया है। उनका कहना है कि जाँच बहुत गहराई तक जाएगी। दिल्ली और मुंबई के मौलानाओं का भी इस नेटवर्क से कनेक्शन बताया जा रहा है। पुलिस इन सभी की भूमिका की जाँच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
हिंदू संगठन गुस्से में, माँग — कड़ी कार्रवाई हो
स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं है — बल्कि एक बड़े नेटवर्क की करतूत है जो युवाओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने माँग की है कि आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और इस पूरे नेटवर्क का जड़ से सफाया किया जाए।
आयुष अब कहाँ है?
अभी यह साफ नहीं है कि आयुष मलिक फिलहाल कहाँ है और उसकी मानसिक स्थिति कैसी है। पाँच साल के लगातार ब्रेनवॉश के बाद कोई भी इंसान टूट सकता है, उलझ सकता है। उसके परिवार को उसकी चिंता है — वो बस अपने बेटे को वापस पाना चाहते हैं। पहले जैसा।
शामली का यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है — क्या हमारे आसपास ऐसे नेटवर्क काम कर रहे हैं जो दिखते नहीं, लेकिन धीरे-धीरे किसी की ज़िंदगी को पूरी तरह बदल देते हैं? जाँच जारी है। सच धीरे-धीरे बाहर आ रहा है।
(त्रिपाठी पारिजात)



