Wednesday, August 12, 2026
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Kirti Patel: सुन्दरी के इन्स्टा पे 15 लाख फॉलोवर्स और काम वसूली का -3 करोड़ की ब्लैकमेलिंग में हुई गिरफ्तार

Kirti Patel को बचा नहीं पाये उसके 15 लाख इंस्टाग्राम फॉलोवर्स - रेप केस के नाम पर युवक को किया ब्लैकमेल -की 3.12 करोड़ की वसूली - पुलिस ने धर दबोचा 

Kirti Patle कौन है जो करती थी वसूली का कारोबार – इंस्टाग्राम पर फॉलोवर्स की भरमार -ब्लैकमेलिंग के धन्धे में गिरफ्तार..

15 लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर 3.12 करोड़ रुपये की वसूली और ब्लैकमेलिंग का आरोप है।

सोशल मीडिया पर करीब 15 लाख फॉलोअर्स रखने वाली चर्चित इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल एक गंभीर आपराधिक मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। सूरत पुलिस ने उन्हें जूनागढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कीर्ति पटेल और उनकी कथित सहयोगी नैना भरवाड़ पर एक युवक को रेप के मामले में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और करीब 3.12 करोड़ रुपये की वसूली करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता राजू बोमर की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। आरोप है कि पहले एक मामले को सुलझाने के नाम पर 12 लाख रुपये की मांग की गई और बाद में डराने-धमकाने का सिलसिला चलता रहा। पुलिस का दावा है कि करीब डेढ़ साल के दौरान शिकायतकर्ता से अलग-अलग मौकों पर कुल 3.12 करोड़ रुपये लिए गए।

15 लाख फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर पर गंभीर आरोप

कीर्ति पटेल सोशल मीडिया पर काफी चर्चित नाम रही हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 15 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जाते हैं। उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों और विवादित पोस्ट के कारण भी वह पहले चर्चा में रह चुकी हैं।

सूरत पुलिस ने कीर्ति पटेल और उनकी कथित साथी नैना भरवाड़ के खिलाफ जबरन वसूली, ब्लैकमेलिंग, आपराधिक धमकी और अश्लील सामग्री वायरल करने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है। यह मामला सूरत के पुणा पुलिस स्टेशन क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में सिर्फ शिकायतकर्ता ही पीड़ित था या फिर इसी तरह किसी अन्य व्यक्ति को भी निशाना बनाया गया था।

रेप केस सुलझाने के नाम पर पहले मांगे 12 लाख

पुलिस की जांच के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत एक कथित रेप केस से जुड़ी धमकी से हुई। आरोप है कि कीर्ति पटेल और उनकी सहयोगी ने शिकायतकर्ता से कहा कि मामले को सुलझाने के लिए 12 लाख रुपये देने होंगे।

इसके बाद मामला यहीं नहीं रुका। पुलिस का आरोप है कि शिकायतकर्ता को लगातार डराया और धमकाया गया और अलग-अलग समय पर उससे पैसे लिए जाते रहे। जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, लगभग डेढ़ साल में यह रकम बढ़कर 3.12 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

पुलिस अब इस रकम के लेन-देन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि कथित तौर पर वसूली गई रकम कहां गई और इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल करने का आरोप

मामले में एक और गंभीर आरोप अश्लील सामग्री को लेकर है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर अश्लील वीडियो और कंटेंट को सार्वजनिक करने की धमकी देकर शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया।

आरोप है कि इसी दबाव के जरिए पैसे की मांग की जाती रही। पुलिस अब डिजिटल डिवाइस, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच कर रही है, ताकि कथित ब्लैकमेलिंग के पूरे तरीके को समझा जा सके।

जांच में अगर डिजिटल साक्ष्य आरोपों की पुष्टि करते हैं, तो मामले में इलेक्ट्रॉनिक सामग्री से जुड़े कानूनी प्रावधान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ आपराधिक धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामले में मानहानि, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित प्रावधानों को भी शामिल किया है।

जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने कथित जबरन वसूली को लेकर भी कड़ी कानूनी धाराएं जोड़ी हैं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मिले सबूतों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया गया है।

हालांकि, किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

नोटिस के बाद लगातार बदल रही थीं ठिकाना

पुलिस के मुताबिक, कानूनी नोटिस जारी होने के बाद कीर्ति पटेल लगातार अपना स्थान बदल रही थीं। जांच टीम को सूचना मिली कि वह जूनागढ़ और जामनगर की ओर जाने की कोशिश कर रही हैं।

इसके बाद सूरत पुलिस ने जानकारी जुटाकर उनकी तलाश तेज कर दी। पुलिस टीम ने जूनागढ़ में कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें सूरत लाया गया, जहां पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। अब जांच अधिकारी मामले में उनकी कथित सहयोगी नैना भरवाड़ की भी तलाश कर रहे हैं।

रिमांड लेकर पूरे मामले की जांच करेगी पुलिस

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब अदालत से रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है। पुलिस का उद्देश्य कथित ब्लैकमेलिंग और वसूली के पूरे नेटवर्क की जानकारी हासिल करना है।

जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि शिकायतकर्ता से कथित तौर पर ली गई 3.12 करोड़ रुपये की रकम कहां रखी गई, किन खातों में भेजी गई और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।

महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ाए जाने की बात कही गई है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित पीड़ितों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।

पुलिस की शिकायत पर सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद

जांच के दौरान पुलिस ने कीर्ति पटेल की सोशल मीडिया गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया। अधिकारियों के अनुसार, उनके अकाउंट पर विवादित वीडियो और आपत्तिजनक भाषा से जुड़ी सामग्री पोस्ट किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं।

इसके बाद कपोदरा और पुणा पुलिस थानों की ओर से कानूनी प्रक्रिया के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से संपर्क किया गया। पुलिस के अनुरोध के बाद इंस्टाग्राम ने कीर्ति पटेल के आधिकारिक अकाउंट को डीएक्टिवेट कर दिया।

पुलिस अब सोशल मीडिया से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच कर सकती है, खासकर यदि वे कथित ब्लैकमेलिंग या धमकी से संबंधित हों।

पहले भी दर्ज हो चुका है मामला

पुलिस के अनुसार, कीर्ति पटेल का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उनके खिलाफ कपोदरा पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस का आरोप है कि मौजूदा मामले में उन्होंने पहले मिले जमानत आदेश की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर पुलिस ने अदालत में रिपोर्ट दाखिल कर उनकी जमानत रद्द करने की मांग भी की है।

अब अदालत यह तय करेगी कि मौजूदा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई किस तरह होगी। वहीं पुलिस की जांच का फोकस कथित 3.12 करोड़ रुपये की वसूली, ब्लैकमेलिंग के आरोप और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर रहेगा।

अब आगे क्या होगा?

कीर्ति पटेल की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जाने बाकी हैं। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि कथित तौर पर कितनी रकम किस माध्यम से ली गई, क्या किसी दूसरे व्यक्ति या समूह ने इसमें मदद की और क्या इसी तरीके से अन्य लोगों को भी धमकाया गया था।

जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन, सोशल मीडिया सामग्री और आरोपों से जुड़े अन्य दस्तावेज अहम सबूत बन सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने कीर्ति पटेल को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में उनकी कथित सहयोगी की तलाश जारी है।

(मंजू सिंह)

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