Cockroach: काकरोचों के सरदार ने अभिजीत दिपके ने बताया अपनी पसंद के भारत के अब तक के सर्वोत्तम पीएंम और सीएम का नाम
कॉकरोच पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके ने भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू का नाम लिया। जानें उनकी नजर में बेस्ट CM कौन हैं और 5 सितंबर के दिल्ली मार्च को लेकर क्या कहा गया।
भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन PM कौन? अभिजीत दीपके ने लिया नेहरू का नाम, इन नेताओं को बताया बेस्ट CM
देश के अब तक के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री को लेकर अक्सर राजनीतिक बहस देखने को मिलती है। अलग-अलग लोग अपने पसंदीदा नेता का नाम लेते हैं और उनके कार्यकाल, फैसलों तथा देश के विकास में योगदान के आधार पर उन्हें सबसे बेहतर बताते हैं। इसी सवाल का जवाब जब कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके से पूछा गया, तो उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम लिया।
एक न्यूज कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके से पूछा गया कि उनकी नजर में भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री कौन रहा है। उन्होंने बिना ज्यादा घुमाए-फिराए नेहरू का नाम लिया और कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के अब तक के सबसे ‘कूलेस्ट’ प्रधानमंत्री रहे हैं। इस बातचीत में सीजेपी के आशुतोष रांका और सौरव दास भी मौजूद थे और दोनों ने दीपके के जवाब से सहमति जताई।
नेहरू को लेकर अभिजीत दीपके की राय
अभिजीत दीपके का यह जवाब ऐसे समय सामने आया है जब देश की राजनीति में जवाहरलाल नेहरू की विरासत को लेकर लंबे समय से अलग-अलग तरह की बहस चलती रही है। कोई उनके प्रधानमंत्री के रूप में योगदान को महत्वपूर्ण मानता है, तो कोई उनके फैसलों की आलोचना करता है। ऐसे माहौल में दीपके ने अपनी पसंद साफ तौर पर जाहिर करते हुए नेहरू को देश का सबसे बेहतरीन और सबसे ‘कूल’ प्रधानमंत्री बताया।
न्यूज 24 के एक कार्यक्रम में हुई बातचीत के दौरान यह सवाल सामने आया था और दीपके के साथ मौजूद सीजेपी नेताओं ने भी उनके जवाब का समर्थन किया। इस तरह प्रधानमंत्री के नाम को लेकर उनकी पसंद सामने आने के साथ ही बातचीत का रुख राज्यों के मुख्यमंत्रियों की ओर भी चला गया। जब उनसे पूछा गया कि उनकी नजर में देश के सबसे अच्छे मुख्यमंत्री कौन रहे हैं, तो उन्होंने तीन अलग-अलग राज्यों के नेताओं के नाम गिनाए।
बेस्ट CM के सवाल पर इन तीन नेताओं का नाम
अभिजीत दीपके ने सबसे अच्छे मुख्यमंत्रियों के सवाल पर तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लिया। तीनों नेताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने उनके काम के अलग-अलग पहलुओं को अपनी पसंद का आधार बताया।
एमके स्टालिन के बारे में दीपके ने कहा कि उनके कार्यकाल में तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था पर अच्छा काम हुआ। यानी उनकी नजर में स्टालिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश शामिल है। उन्होंने तमिलनाडु के विकास और आर्थिक मोर्चे पर किए गए काम को खास तौर पर रेखांकित किया।
पिनाराई विजयन के हेल्थ मॉडल की तारीफ
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का नाम लेते हुए अभिजीत दीपके ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केरल में हेल्थ मॉडल पर काफी अच्छा काम किया गया है। केरल लंबे समय से अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और सामाजिक विकास से जुड़े कई मानकों को लेकर चर्चा में रहा है, और दीपके ने इसी पहलू को अपनी पसंद का कारण बताया।
उनके मुताबिक पिनाराई विजयन के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर किए गए काम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही वजह रही कि जब उनसे बेस्ट CM के नाम पूछे गए तो केरल के पूर्व मुख्यमंत्री का नाम भी उनकी सूची में शामिल रहा।
अरविंद केजरीवाल के लिए स्कूल और हेल्थ प्रमुख मुद्दे
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए दीपके ने राजधानी में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए काम की तारीफ की। उन्होंने खास तौर पर दिल्ली के स्कूलों और हेल्थ सेक्टर का जिक्र किया और कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में काम हुआ।
इस तरह दीपके की पसंद की सूची में तीन ऐसे मुख्यमंत्री शामिल रहे, जिनके काम के अलग-अलग क्षेत्रों को उन्होंने महत्वपूर्ण माना। एक तरफ उन्होंने स्टालिन के लिए अर्थव्यवस्था, दूसरी तरफ पिनाराई विजयन के लिए स्वास्थ्य मॉडल और केजरीवाल के लिए स्कूल तथा स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रमुख आधार बताया।
5 सितंबर को दिल्ली में मार्च का ऐलान
इसी बातचीत के दौरान सीजेपी की ओर से 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च का मुद्दा भी सामने आया। संगठन ने इस मार्च का ऐलान किया है और इसे लेकर देशभर के छात्रों, युवाओं तथा युवा संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है।
5 सितंबर को देश में शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है। सीजेपी का कहना है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को किए गए कुछ वादों को पूरा नहीं किया है। संगठन ने इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में मार्च निकालने की घोषणा की है और लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की है।
इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च
सीजेपी के मुताबिक प्रस्तावित मार्च दिल्ली के इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। संगठन ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया है और कहा है कि इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र, युवा और युवा संगठनों से जुड़े लोग हिस्सा ले सकते हैं।
इस मार्च की एक खास बात यह भी बताई गई है कि इसमें उन NEET छात्रों के परिजन भी शामिल होंगे, जिन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की है। सीजेपी ने कहा है कि इन छात्रों के परिजन मार्च में आगे रहेंगे और प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।
राजनीतिक बयान से लेकर आंदोलन तक चर्चा
अभिजीत दीपके का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लेकर दिया गया बयान ऐसे समय आया है जब देश में राजनीतिक मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लगातार चर्चा होती रहती है। किसी नेता को सबसे बेहतर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बताना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक बहस को जन्म देता है, क्योंकि अलग-अलग लोगों के लिए विकास, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन की प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं।
दीपके ने अपनी पसंद बताते हुए जहां जवाहरलाल नेहरू को भारत का सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री बताया, वहीं मुख्यमंत्रियों के मामले में एमके स्टालिन, पिनाराई विजयन और अरविंद केजरीवाल का नाम लिया। उनके बयान में तीनों नेताओं के काम के अलग-अलग पहलुओं को महत्व दिया गया।
अब 5 सितंबर का प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी सीजेपी की गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठन ने इसे शांतिपूर्ण रखने की बात कही है और छात्रों, युवाओं तथा प्रभावित परिवारों से इसमें शामिल होने की अपील की है। मार्च में किन मुद्दों को प्रमुखता दी जाती है और इसमें कितनी भागीदारी होती है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
(अर्चना शैरी)



