Friday, September 25, 2026
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Parakh Saxena Writes: बीजेपी को हटाना है तो फिर किसको जिताना है?

Parakh Saxena Writes: बाजीराव मस्तानी का संवाद है छत्रपति को जानकर खुशी होंगी कि एक हिन्दू दूसरे हिन्दू की मदद करने जा रहा है..

Parakh Saxena Writes:बीजेपी को हटाना है तो चलिए उसका विकल्प बनाते है। ये बात तो पक्की है कि हम कांग्रेस को नहीं चुनेंगे।

इसलिये पहले मोहन भागवत से बात करे, नागपुर के केशव भवन मे पत्रों का पहाड़ खड़ा कर दो। बीजेपी सरकार की अच्छी नीतियों की तारीफ़ करो लेकिन आरक्षण को लेकर उतना ही तीव्र विरोध और भाषा सभ्रान्त हो क्योंकि वे सरसंघचालक है।

हम विदेश, रक्षा और तकनीक को लेकर बीजेपी के साथ है लेकिन आरक्षण और भ्रष्टाचार जैसे सामाजिक मुद्दों पर उसके विरोधी है इसलिए नरेंद्र मोदी या अमित शाह के विरोध से खुद को दूर रखे।

अपने क्षेत्रो मे कुछ अच्छे लोगो को ढूंढे। जैसे RSS की शाखा लगती है वैसे कुछ बुद्धिजीवी लोग पार्क और मंदिरो मे बैठक करें। जो इतिहास, अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान की बेहतरीन समझ रखते हो वे मिलकर एक दल बनाये। 2044 के साल के बाद किसी भी वर्ष का लक्ष्य ले लीजिए, तब तक हमें बीजेपी के बाद दूसरी बड़ी पार्टी बनना होगा।

बीजेपी ने भी अपने 45वे वर्ष मे सत्ता का स्वाद चखा था सत्ता देरी से मिले मगर बीजेपी जैसी मिले तो ही हम कुछ कर पाएंगे। साल दो साल के गठबंधन को हम सत्ता नहीं कह सकते।

सिर्फ चार विचारधाराये रखे, पहला हिन्दू स्वराज्य की स्थापना। भारत हिन्दुराष्ट्र है इसमें कोई समझौता नहीं लेकिन हमें हिन्दू राज्य भी स्थापित करना है, राष्ट्र और राज्य दो अलग बात है। महाराणा सांगा ने ये शब्द खोजा था और छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसको जमीन पर उतारा था।

दूसरा अखंड भारत की प्रतिज्ञा, जो भी नया दल बने वो अखंड भारत को मुद्दा नहीं अपितु संकल्प बनाकर चले। मलेच्छ आबादी को मिलाये बिना अखंड भारत कैसे बन सकता है उसका भी रास्ता निकाले।

तीसरा जो विज्ञान और तकनीक को महत्व दे, पूंजीवाद, दक्षिणपंथ और महिलाओ को ध्यान मे रखकर भारत को विश्व का ताज़ कैसे पहना सकते है वो हमारी प्राथमिकता हो ना कि फ्रीबीज और समाज़वाद।

चौथा और सबसे आवश्यक, अब समय आ गया है कि जातिवाद को खत्म करें। हिन्दू जो मर्जी उपनाम लगाए लेकिन अब जातियता का अभिमान निकाल दे, ये वीर सावरकर का भी सन्देश था।

बीजेपी को हराने से पहले जरूरी है कि कांग्रेस को भी खत्म किया जाए, बीजेपी जान बूझकर कांग्रेस को जिंदा रख रही है ताकि उसे ढाल बनाकर जीत सके। बीजेपी को हटाना है तो कांग्रेस को पहले खत्म करना होगा।

जो हिन्दू कांग्रेस मे है, हमारे मुद्दों से सहमत है वे कांग्रेस मे बने रहे और उसे दीमक की तरह खत्म करें। यदि आप कांग्रेस के किसी दफ्तर मे अकाउंटेंट है तो उनका खजाना लुटवाइये, यदि आपको प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी मिली है तो उसे ले लीजिये मगर निभाइये नहीं।

जिस दिन कांग्रेस नाम की ढाल गिरेगी उसी दिन बीजेपी सीधे बंदूक के निशाने पर होंगी।

आज जुटोगे तो 2064 तक बीजेपी को उखाड़ पाओगे, लेकिन शुरुआत आज ही करनी पड़ेगी। समाज के जो भी जन आगे आना चाहे उन्हें कायस्थ की कलम का पूरा साथ है।

मैं आपका थॉमस जेफरसन बन सकता हु मगर जॉर्ज वाशिंगटन और आर्टिम्स वार्ड जैसे लोग आप खुद बने या ढूंढे।

ज़ब तक नया दल लेकर खडे नहीं हो जाते, दिल्ली बीजेपी और RSS की है उन्हें हम नहीं हटाएंगे, हँसकर वोट दो या रोकर लेकिन ज़ब तक बेहतर विकल्प नहीं बना लेते दिल्ली समेत पूरे हिंदुस्तान पर बीजेपी का अधिकार है वो निर्विवाद है।

उल्टे ज़ब कभी बीजेपी के विरुद्ध कोई वामपंथी बोलेगा तो हम बीजेपी का साथ देंगे, बाजीराव मस्तानी का संवाद है छत्रपति को जानकर खुशी होंगी कि एक हिन्दू दूसरे हिन्दू की मदद करने जा रहा है।

(परख सक्सेना)

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