Bollywood :डाकू हसीना फिल्म की शूटिंग के दौरान रजा मुराद ने साफ कह दिया था कि वे जीनत अमान के साथ रेप सीन नहीं करेंगे..
जब डाकू हसीना फ़िल्म की शूटिंग शुरू हुई तो पता चला कि ज़ीनत अमान गर्भवती हो गई हैं। ऐसे में इस फ़िल्म की शूटिंग करना ज़ीनत अमान के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया था। क्योंकि उन्हें अपने गर्भ में पल रहे बच्चे की फ़िक्र हो रही थी। इसलिए ज़ीनत अमान ने बहुत सावधानी से इस फ़िल्म के अपने दृश्यों की शूटिंग कंप्लीट की थी। और उनकी किस्मत अच्छी रही कि उनके साथ कोई दुर्घटना नहीं हुई। हालांकि एक दफ़ा ऐसा हुआ था जब स्पीकर्स से निकलती तेज़ आवाज़ों से घोड़ा परेशान हो गया था।
ज़ीनत अमान का नसीब अच्छा था कि घोड़ा बिदका नहीं। वो बीच शूटिंग में ही बैठ गया। अगर घोड़ा बिदकता तो जाने ज़ीनत अमान के साथ क्या होता। फ़िल्म की शूटिंग कंप्लीट होने तक ज़ीनत अमान का बेबी बंप काफ़ी दिखने लगा था। ऐसे में डायरेक्टर्स व क्य्रू मेंबर्स को ज़ीनत अमान के दृश्य शूट करने के लिए बहुत जुगत लगानी पड़ती थी। हालांकि कुछ दृश्यों में ज़ीनत अमान का बेबी बंप तब नज़र भी आया था।
डाकू हसीना फ़िल्म के आज 38 साल पूरे हो गए हैं। 06 मार्च 1987 को डाकू हसीना रिलीज़ हुई थी। ये फ़िल्म अशोक राव ने डायरेक्ट की थी और राजीव कौल ने प्रोड्यूस की थी। संगीत दिया था इस फ़िल्म का उषा खन्ना जी ने। जिस वक्त डाकू हसीना फ़िल्म पर काम चल रहा था उस वक्त बॉलीवुड में महिला डकैतों पर फ़िल्में बनाने का चलन सा चल पड़ा था। शेरनी, कसम सुहाग की, रामकली, मेरा शिकार, कानून मेरी मुट्ठी में।
ये उन फ़िल्मों के नाम हैं जो उसी दौर में चर्चाओं में रही थी जिस दौर में डाकू हसीना बन रही थी। उसी दौर में एस.डी.नारंग भी महिला डकैत की कहानी पर निशानाबाज़ नाम से एक फ़िल्म बनाने जा रहे थे। मगर अचानक उनका देहांत हो गया और निशानाबाज़ फ़िल्म डब्बा बंद हो गई।
डाकू हसीना फ़िल्म के प्रमुख कलाकारों की बात हो तो ज़ीनत अमान के अलावा राकेश रोशन, रौशनी, रज़ा मुराद, जोगिंदर, प्रदीप कुमार, रमेश देव, रूपेश कुमार, चंद्रशेखर, सी.एस.दुबे ने भी इस फ़िल्म में अहम किरदार निभाए थे। जबकी रजनीकांत, विजय अरोड़ा व अभि भट्टाचार्य ने कैमियो अपीयरेंस दिए थे। रज़ा मुराद इस फ़िल्म में मुख्य विलेन थे।
एक इंटरव्यू में रज़ा मुराद जी ने बताया था कि जब उन्हें बताया गया कि उन्हें ज़ीनत अमान पर एक रेप सीन शूट करना है तो उन्हें बहुत अजीब लगा। क्योंकि ज़ीनत अमान उनकी बहन लगती हैं।
ऐसे में रज़ा मुराद ने एक वक्त पर डाकू हसीना फ़िल्म छोड़ने का फ़ैसला भी कर लिया था। रज़ा मुराद ने जब डायरेक्टर से फ़िल्म छोड़ने की बात कही तो डायरेक्टर बहुत परेशान हुए। क्योंकि उस वक्त अगर रज़ा मुराद फ़िल्म छोड़ते तो डायरेक्टर को बहुत परेशानी हो जाती। तब तक काफ़ी शूटिंग पूरी जो की जा चुकी थी।
डायरेक्टर ने ज़ीनत अमान से बात की और रज़ा मुराद को समझाने को कहा। तब ज़ीनत अमान ने रज़ा मुराद से कहा कि सेट पर उन्हें प्रोफ़ेशनल्स की तरह बर्ताव करना चाहिए। रिश्तों को साइड में रखना चाहिए। अगर कहानी की ज़रूरत है वो सीन तो उसे निसंकोच करना चाहिए। ज़ीनत अमान के समझाने पर रज़ा मुराद मान गए और उन्होंने वो सीन शूट किया।
(अज्ञातवीर)