आज भारत में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास देश की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। हाईवे, सुरंगें, रेल कॉरिडोर और नई तकनीकों ने भारत की इंजीनियरिंग क्षमता को दुनिया में अलग पहचान दिलाई है। बड़े प्रोजेक्ट्स के बनने से लोगों की यात्राएँ आसान हुई हैं और अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
पिछले 10 सालों में भारत की तेज़ तरक्की
पिछले दस वर्षों में भारत ने सड़कों, रेलमार्गों, एयरपोर्ट्स और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में बहुत बड़ा काम किया है। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, मालगाड़ियों के लिए अलग से बनाए गए फ्रेट कॉरिडोर (DFCC), और देश भर में बने नए हाई-टेक एयरपोर्ट दिखाते हैं कि अब भारत कठिन और बड़े प्रोजेक्ट्स को भी तेज़ी से पूरा कर सकता है। इन प्रोजेक्ट्स ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, व्यापार और यात्रा के तरीके में बड़ा बदलाव लाया है।
भारत के मेगा प्रोजेक्ट्स: इंजीनियरिंग के नए चमत्कार
भारत में कई बड़े प्रोजेक्ट्स ऐसे बने हैं जिन्हें दुनिया इंजीनियरिंग की अनोखी मिसाल मानती है। उदाहरण के लिये, अटल टनल दुनिया की सबसे लंबी ऊँचाई पर बनी टनलों में से एक है, जिसने हिमालय में यात्रा को बेहद आसान और सुरक्षित बनाया है।
मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारत को हाई-स्पीड रेल के नए दौर में लेकर जा रहा है। चेन्नई–बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और प्रगति मैदान का नया इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक डिजाइन और मजबूत तकनीक के बढ़िया उदाहरण हैं।
ये सभी प्रोजेक्ट यात्रा का समय कम कर रहे हैं, नए उद्योग खड़े कर रहे हैं और रोजगार के कई अवसर पैदा कर रहे हैं। भविष्य के शहर और उद्योग इन्हीं विकास कार्यों पर आधारित रहेंगे।
नई तकनीक ने बढ़ाई इंजीनियरिंग की रफ्तार
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज़ विकास में आधुनिक तकनीकों का बड़ा योगदान है। ड्रोन सर्वे, एआई, 3D मैपिंग और प्री-फैब्रिकेटेड तकनीकों से प्रोजेक्ट्स की स्पीड और गुणवत्ता दोनों बेहतर हुई हैं।
रेलवे में वंदे भारत ट्रेनें, नए ट्रैक और तेज इलेक्ट्रिफिकेशन से यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा आधुनिक, तेज और आरामदायक हो रही है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरों में डिजिटल मॉनिटरिंग, स्मार्ट ट्रैफ़िक सिस्टम और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण अपनाया जा रहा है।
सड़क निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग और ग्रीन हाईवे जैसी तकनीकें भारत को पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार देश की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।
भविष्य की राह: भारत बन रहा है विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर हब
आने वाले समय में भारत का लक्ष्य दुनिया का एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनना है।
गंगा के किनारे बन रहे आधुनिक बंदरगाह, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और देश भर में तैयार हो रहे नए एयरपोर्ट इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
बुनियादी ढांचे पर बढ़ते निवेश, तेज़ काम और बेहतर तकनीक का सीधा फायदा यात्रियों, व्यवसायों और उद्योगों को मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में वह दुनिया के उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनका इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद आधुनिक, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला माना जाता है।
वास्तव में, भारत का नया स्वरूप दुनिया को इंजीनियरिंग के चमत्कार की तरह है—और नया भारत विकास के हाईवे पर हाई-टेक की तेज उड़ान भर रहा है।
(अर्चना शैरी)



